फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Chandigarh ›   Mohali News ›   गमाडा के लिए एयरोसिटी एक्सटेंशन की राह नहीं आसान

गमाडा के लिए एयरोसिटी एक्सटेंशन की राह नहीं आसान

Fri, 28 Jun 2019 01:53 AM IST
Panchkula bureau पंचकुला ब्‍यूरो
Updated Fri, 28 Jun 2019 01:53 AM IST
विज्ञापन
गमाडा के लिए एयरोसिटी एक्सटेंशन की राह नहीं आसान
मोहाली। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) ने एयरोसिटी एक्सटेंशन को बसाने की तैयारी शुरू कर दी है। यह सिटी करीब 762 एकड़ में बसाई जानी है, लेकिन कई गांवों के किसानों ने उक्त प्रोजेक्ट के लिए अपनी जमीन देने से हाथ पीछे खींच लिए हैं। उनकी दलील है कि जब तक उनकी पहले एक्वायर की गई जमीनों की लैंड पूलिंग के तहत दिए जाने वाले कामर्शियल प्लाटों की अलाटमेंट का काम पूरा नहीं होगा, तब तक वह अपने प्रोजेक्ट के लिए जमीन नहीं देंगे। इसमें गांव बाकरपुर, छत व नारायणगढ़ झुग्गियां का एरिया शामिल है।
विज्ञापन

लैंड पूलिंग स्कीम के तहत एक्वायर की जाने वाली जमीन संबंधी सामाजिक आर्थिक सर्वेक्षण करने के लिए अधिकारियों की टीम वीरवार को गांव बाकरपुर में पहुंची। टीम ने जमीन मालिकों को फार्म दिए, जिसमें जमीन एक्वायर होने के कारण उन पर होने वाले सामाजिक आर्थिक प्रभावों के बारे में जानकारी भरी जानी है। इस दौरान किसान संघर्ष कमेटी ने सरकार को अपनी जमीन नहीं देने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार ने साल 2010-11 में एक्वायर की गई उनकी जमीनों के बदले उन्हें लैंड पूलिंग आप्शन दिया था। स्कीम के तहत उन्हें रिहायशी प्लाट दे दिए गए हैं, लेकिन अभी तक उन्हें कामर्शियल प्लाट नहीं दिए गए। किसान अभी भी अपना हक लेने के लिए गमाडा के चक्कर काट रहे हैं।
विज्ञापन

किसान मक्खन सिंह, जतिंदर सिंह, भूपिंदर सिंह, तलविंदर सिंह, अजैब सिंह बाकरपुर व अन्यों ने बताया कि मोहाली के तहसीलदार सुखविंदर कौर की अगुवाई में अधिकारियों की टीम गांव में आई थी। उन्हें एयरोसिटी के अगले चरण के लिए जमीन एक्वायर करने के बारे में बताया गया था। उन्होंने अधिकारियों को कहा है कि जब तक उनकी पिछली जमीन की लैंड पूलिंग के तहत मिलने वाले प्लाट नहीं दिए जाएंगे, वेे नए सिरे से अपनी जमीन नहीं देंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

यह कहती हैं तहसीलदार
मीडिया से बातचीत में तहसीलदार सुखपिंदर कौर ने बताया कि अधिकारियों की टीम गांव में आर्थिक सामाजिक सर्वेक्षण के लिए गई थी। जमीन एक्वायर होने के कारण प्रभावित लोगों को नए सिरे से बसाने की प्रक्रिया की जा रही है। उन्होंने जमीन मालिकों को कहा है कि वह सरकार की तरफ से दिए जाने वाले फार्मों में अधिक से अधिक जानकारी भर कर दें, ताकि इस संबंधी बनने वाली पुनर्वास नीति में किसानों की सारी जरूरतों को पूरा किया जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed