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याद आए हादसों को न्योता देते बालमखीरे

Mon, 21 Jan 2019 01:50 AM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Mon, 21 Jan 2019 01:50 AM IST
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याद आए हादसों को न्योता देते बालमखीरे
निगम को याद आए हादसों को न्योता देते बालमखीरे
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- रविवार को बालमखीरे तुड़वाने काम करवाया शुरू
- फेज-चार और दो के सेंटर से गुजरने वाली सड़क पर लगे पेड़ों से तोडे़ बालमखीरे
अमर उजाला ब्यूरो
मोहाली। शहर को प्रूनिंग मशीनों की सौगात देने के बाद अब नगर निगम को सड़कों पर हादसों को न्योता दे रहे बालमखीरों की याद आ गई है। रविवार को छुट्टी वाले दिन ही निगम टीम ने पेड़ों से बालमखीरे तोड़ने का काम शुरू करवाया। निगम का दावा है कि सबसे पहले उन इलाकों में काम शुरू किया गया है जहां बालमखीरों की वजह से सबसे ज्यादा हादसे होते हैं।
रविवार को बालमखीरे तोड़ने की प्रक्रिया फेज-चार और दो के सेंटर से गुजरने वाली सड़क से की गई। इस दौरान निगम टीम हाइड्रोलिक लैडर के सहयोग से बालमखीरे तोड़ती रही। यह काम शाम तक चलता रहा। इस काम में तीन से चार लोग लगाए गए थे। टीम के सदस्यों ने कहा कि पहले चरण में इस रोड से बालमखीरे हटाए जाएंगे। फेज-दो निवासी संदीप गिल का कहना है कि हर साल बालमखीरे लोगों के लिए मुसीबत बनते हैं। अगर समय से इनको तुड़वा दिया जाए तो हादसों को रोका जा सकता है। उन्होंने कहा कि मात्र कुछ सड़कों पर ही यह मुहिम नहीं चलनी चाहिए।
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इन सड़कों पर सबसे ज्यादा खतरा
शहर की अधिकतर सड़कों पर बालमखीरे के पेड़ हैं। जिन पर हमेशा फल लगते हैं। इन सड़कों में फेज-एक मोहाली गांव से एसएसपी की कोठी तक आ रही सड़क। पीटीएल चौक से फेज-सात दशहरा ग्राउंड तक जा रही सड़क। फेज-तीन ए एसएसपी निवास से गांव मटौर जा रही सड़क पर बालमखीरों का सबसे ज्यादा आतंक है।
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दो से पांच किलोग्राम का होता है बालमखीरा
बालमखीरे के पेड़ पर लगने वाले फल का वजन तीन से पांच किलो तक का होता है। जब यह दोपहिया वाहन पर गिरता है तो वाहन का बैलेंस बिगड़ जाता है और हादसे की स्थिति बन जाती है। इसके अलावा यदि तेज रफ्तार गाड़ी के शीशे पर गिरे तो ऐसा लगता है कि मानो किसी ने गोली चला दी हो। इस तरह के केस सामने आ चुके हैं।

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युवक की चली गई थी जान, कई हुए घायल
शहर में बालमखीरों की वजह से काफी नुकसान हो चुका है। कुछ साल पहले बालमखीरे की वजह से एक युवक की जान चली गई थी, क्योंकि बालमखीरा सीधे युवक की एक्टिवा के आगे आकर गिरा था। जबकि फेज-चार में एक नेता अपनी गाड़ी से आ रहे थे, उनकी कार पर बड़ी तेजी से बालमखीरा गिरा था। उस समय ऐसा लगा था कि मानो गोली चली हो और उन्होंने पुलिस को बुला लिया था।
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