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अदालत के आदेश पर हटाए अवैध कब्जे
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नयागांव। नयागांव पुलिस स्टेशन के नजदीक अवैध रूप से झुग्गी डालकर रहने वाले लोगों को पुलिस ने हटाकर जमीन मालिक रघबीर सिंह को बुधवार को कब्जा दिलाया। यह कार्रवाई खरड़ अदालत के आदेश पर हुई, जिसकी अगुवाई एसएचओ गुरवंत सिंह ने की।
बुधवार को खरड़ अदालत की तरफ से अधिकारी बलदेव सिंह और सतपाल सिंह एसएचओ गुरवंत सिंह और पुलिस फोर्स के साथ अवैध कब्जा छुड़वाने पहुंचे। कब्जा करने वालों और पुलिस कर्मियों के बीच स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कुछ महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया और वह झुग्गियों से बाहर नहीं निकलीं। महिला पुलिस कर्मियों ने झुग्गियों के अंदर जाकर हाथ-पैर पकड़कर महिलाओं को बाहर निकाला। स्थिति सामान्य होने के बाद खरड़ अदालत की हिदायतों के अनुसार 6 अवैध झुग्गियों से कब्जा हटाया गया और उनका सामान गाड़ियों में खरड़ ले जाया गया।
लोग बोले- बिना नोटिस दिए बाहर निकालना गलत
रघबीर सिंह ने बताया कि उनकी जगह पर कई लोगों ने करीब 42 वर्षों से झुग्गियां डालकर कब्जा जमाया हुआ है। इन लोगों को कई बार अपना सामान बांधकर कब्जा हटाने को कहा गया था, लेकिन यह कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं थे। इसके बाद उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान कुछ लोगों ने मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी करते हुए अपशब्दों का प्रयोग किया। लोगों ने कहा कि कोर्ट द्वारा उनके साथ धक्केशाही की जा रही है। बिना नोटिस जारी किए हमें झुग्गियों से बाहर निकालना गलत है। उन्होंने महिला पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके साथ हाथापाई की है, जिस कारण 45 वर्षीय महिला रेशमा बेहोश हो गई और एंबुलेंस से उसे अस्पताल ले जाया गया।
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बुधवार को खरड़ अदालत की तरफ से अधिकारी बलदेव सिंह और सतपाल सिंह एसएचओ गुरवंत सिंह और पुलिस फोर्स के साथ अवैध कब्जा छुड़वाने पहुंचे। कब्जा करने वालों और पुलिस कर्मियों के बीच स्थिति उस समय तनावपूर्ण हो गई जब कुछ महिलाओं ने विरोध शुरू कर दिया और वह झुग्गियों से बाहर नहीं निकलीं। महिला पुलिस कर्मियों ने झुग्गियों के अंदर जाकर हाथ-पैर पकड़कर महिलाओं को बाहर निकाला। स्थिति सामान्य होने के बाद खरड़ अदालत की हिदायतों के अनुसार 6 अवैध झुग्गियों से कब्जा हटाया गया और उनका सामान गाड़ियों में खरड़ ले जाया गया।
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लोग बोले- बिना नोटिस दिए बाहर निकालना गलत
रघबीर सिंह ने बताया कि उनकी जगह पर कई लोगों ने करीब 42 वर्षों से झुग्गियां डालकर कब्जा जमाया हुआ है। इन लोगों को कई बार अपना सामान बांधकर कब्जा हटाने को कहा गया था, लेकिन यह कब्जा छोड़ने को तैयार नहीं थे। इसके बाद उन्हें कोर्ट का सहारा लेना पड़ा। इस दौरान कुछ लोगों ने मीडियाकर्मियों के साथ बदसलूकी करते हुए अपशब्दों का प्रयोग किया। लोगों ने कहा कि कोर्ट द्वारा उनके साथ धक्केशाही की जा रही है। बिना नोटिस जारी किए हमें झुग्गियों से बाहर निकालना गलत है। उन्होंने महिला पुलिस कर्मियों पर आरोप लगाया कि उन्होंने उनके साथ हाथापाई की है, जिस कारण 45 वर्षीय महिला रेशमा बेहोश हो गई और एंबुलेंस से उसे अस्पताल ले जाया गया।
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