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अब वेबसाइट की मदद से पकड़े जाएंगे चोरी के वाहन
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Sat, 23 Apr 2016 10:26 PM IST
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पकड़ना
- फोटो : demo pic
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जिला पुलिस को जल्दी ही चोरी के वाहनों को पकड़ने के लिए ज्यादा मेहनत नहीं करनी होगी। सिर्फ वाहन का नंबर एक वेबसाइट में डाल कर गाड़ी संबंधी सभी जानकारी मिल जाएगी। इस वेबसाइट को नेशनल इंफार्मेटिक सेंटर (एनआईसी) ने तैयार किया है। डब्ल्यूडब्ल्यू डॉट वाहन डॉट एनआईसी डॉट इन पर हर तरह की जानकारी को प्राप्त किया जा सकता है। जाली नंबर और चोरी के वाहन पकड़ने के लिए पुलिस ने आठ विशेष टीमों का गठन किया है।
पहले जाली नंबर के वाहनों का पता लगाने के लिए पुलिस डीटीओ दफ्तर से संपर्क साधकर रिकार्ड हासिल करती थी, लेकिन अब सारी जानकारी एक क्लिक पर ही सामने आ जाएगी।
नेशनल इंफार्मेटिक सेंटर से पुलिस की विशेष आठ टीमों के मोबाइल नंबर या टैब को कनेक्ट किया जाएगा। जिस पुलिस अधिकारी का नंबर वेबसाइट से कनेक्ट होगा, वह रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मैसेज बाक्स में वाहन लिखने के बाद स्पेस देकर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर भरेगा। इसी के साथ ही वाहन के मालिक का नाम, पता, कंपनी, रंग, इंजन-चैसी नंबर और आरसी एक्सपायर होने संबंधी तमाम जानकारियां सामने आ जाएंगी।
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पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने कहा कि इस सुविधा के माध्यम से सड़कों पर घूम रहे फर्जी नंबर के वाहनों को आसानी से चैक किया जा सकेगा। अक्सर चोर फर्जी नंबर लगा कर वारदात के लिए वाहनों का उपयोग करते हैं। इससे चोरों को काबू करने में भी सहायता मिलेगी। शीघ्र ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।
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पहले जाली नंबर के वाहनों का पता लगाने के लिए पुलिस डीटीओ दफ्तर से संपर्क साधकर रिकार्ड हासिल करती थी, लेकिन अब सारी जानकारी एक क्लिक पर ही सामने आ जाएगी।
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नेशनल इंफार्मेटिक सेंटर से पुलिस की विशेष आठ टीमों के मोबाइल नंबर या टैब को कनेक्ट किया जाएगा। जिस पुलिस अधिकारी का नंबर वेबसाइट से कनेक्ट होगा, वह रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मैसेज बाक्स में वाहन लिखने के बाद स्पेस देकर गाड़ी का रजिस्ट्रेशन नंबर भरेगा। इसी के साथ ही वाहन के मालिक का नाम, पता, कंपनी, रंग, इंजन-चैसी नंबर और आरसी एक्सपायर होने संबंधी तमाम जानकारियां सामने आ जाएंगी।
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पुलिस कमिश्नर जतिंदर सिंह औलख ने कहा कि इस सुविधा के माध्यम से सड़कों पर घूम रहे फर्जी नंबर के वाहनों को आसानी से चैक किया जा सकेगा। अक्सर चोर फर्जी नंबर लगा कर वारदात के लिए वाहनों का उपयोग करते हैं। इससे चोरों को काबू करने में भी सहायता मिलेगी। शीघ्र ही इसे शुरू कर दिया जाएगा।