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डाकघर में करोड़ों के घोटाले का पर्दाफाश
अमर उजाला, (मालेरकोटला/संगरूर)
Updated Thu, 21 Nov 2013 11:16 PM IST
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डाकघर में चालू बचत खातों के नाम पर करोड़ों रुपये के घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। मामला पास के कस्बे मंडी अहमदगढ़ का है। पुलिस ने वीरवार को एक ही बड़े परिवार से जुड़े पांच लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी का पर्चा कर लिया है, जिनमें दो महिलाएं शामिल हैं।
सारा परिवार लोगों के करोड़ों रुपये ऐंठकर रफूचक्कर हो गया है। ठगी का शिकार हुए लोग पुलिस थाने के चक्कर काट रहे हैं। अनोखी ठगी के इस पूरे मामले में डाकघर की भूमिका संदिग्ध है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में डाकघर से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
गांव धूलकोट की निवासी कमला देवी ने अहमदगढ़ थाने को शिकायत की थी कि डाकघर के एजेंट गुरदीप कौशल और कमल कौशल ने एफडी (फिक्स डिपाजिट) करवाने के लिए साढे़ पांच साल पहले करीब दो लाख रुपये लिए थे। अब जब वे अपनी रकम निकलवाने डाकघर गईं तो पता चला कि वहां उसका कोई खाता नहीं है। मामला पुलिस के पास जाते ही कौशल परिवार आफिस बंद करके फरार हो गया।
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डाकखाने के बाहर लोगों का तांता
कौशल परिवार के माध्यम से करोड़ों रुपये डाकघर में जमा करवाने वालों का डाकखाने में तांता लग गया और डाकघर के अधिकारियों ने डाकघर के बाहर नोटिस चस्पा करके घोषणा कर दी कि कौशल परिवार अब उनके एजेंट नहीं है। लोगों ने पुलिस थाने का रुख किया, लेकिन तब तक पूरा परिवार फरार हो चुका था। वहां मौजूद लोगों के हुजूम ने बताया कि उनके लाखों रुपये लेकर आरोपी फरार हो गए हैं।
जीवन भर की पूंजी गंवाई
बताया गया है कि परिवार के सभी सदस्य डाकघर में बतौर एजेंट का काम करते थे और उनके पास सरकारी लाइसेंस भी था। वे लोगों से रुपये लेकर डाकघर में जमा करवाने के नाम पर ठगी लगाते थे। लोगों को धोखे में रखने के लिए डाकघर की पासबुक भी मुहैया करवाई जाती थी जिसपर इंचार्ज के हस्ताक्षर भी किए हुए हैं। कमला देवी ने पुलिस के पास की शिकायत में कहा है कि उसने अपने जीवन की सारी पूंजी गुरदीप कौशल के जरिए डाकघर में जमा करवाई थी जिसका अब कुछ पता नहीं है।
पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई
थाना सिटी के प्रभारी एसएचओ मनधीर सिंह ने बताया कि मामले में स्पेशल टीम बनाई गई है। पांच आरोपियों गुरदीप कौशल, कमल कौशल, उनकी पत्नियां रेनु और सीमा कौशल व उनके पिता बलदेव कौशल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर किया गया है। आरोपी परिवार का प्रॉपर्टी डीलिंग का अच्छा खासा कारोबार है। अभी किसी की गिरफ्तारी संभव नहीं हो सकी है। उनकी तलाश में छापामारी की जा रही है।
पहले से मुहरें लगाकर चलता है सरकारी कामकाज
डाकघर अहमदगढ़ के मौजूदा इंचार्ज देसराज ने बताया कि डाकघर की पासबुकों पर पहले से ही डाकघर की मुहरें लगी रहती हैं। एजेंट इसका लाभ उठाकर लोगों से रुपये ऐंठते हैं। उपरोक्त ठगी के मामले में उनके डाकघर का कोई कसूर नहीं है।
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सारा परिवार लोगों के करोड़ों रुपये ऐंठकर रफूचक्कर हो गया है। ठगी का शिकार हुए लोग पुलिस थाने के चक्कर काट रहे हैं। अनोखी ठगी के इस पूरे मामले में डाकघर की भूमिका संदिग्ध है। पुलिस का मानना है कि आने वाले दिनों में डाकघर से जुड़े लोगों से भी पूछताछ की जाएगी।
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गांव धूलकोट की निवासी कमला देवी ने अहमदगढ़ थाने को शिकायत की थी कि डाकघर के एजेंट गुरदीप कौशल और कमल कौशल ने एफडी (फिक्स डिपाजिट) करवाने के लिए साढे़ पांच साल पहले करीब दो लाख रुपये लिए थे। अब जब वे अपनी रकम निकलवाने डाकघर गईं तो पता चला कि वहां उसका कोई खाता नहीं है। मामला पुलिस के पास जाते ही कौशल परिवार आफिस बंद करके फरार हो गया।
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डाकखाने के बाहर लोगों का तांता
कौशल परिवार के माध्यम से करोड़ों रुपये डाकघर में जमा करवाने वालों का डाकखाने में तांता लग गया और डाकघर के अधिकारियों ने डाकघर के बाहर नोटिस चस्पा करके घोषणा कर दी कि कौशल परिवार अब उनके एजेंट नहीं है। लोगों ने पुलिस थाने का रुख किया, लेकिन तब तक पूरा परिवार फरार हो चुका था। वहां मौजूद लोगों के हुजूम ने बताया कि उनके लाखों रुपये लेकर आरोपी फरार हो गए हैं।
जीवन भर की पूंजी गंवाई
बताया गया है कि परिवार के सभी सदस्य डाकघर में बतौर एजेंट का काम करते थे और उनके पास सरकारी लाइसेंस भी था। वे लोगों से रुपये लेकर डाकघर में जमा करवाने के नाम पर ठगी लगाते थे। लोगों को धोखे में रखने के लिए डाकघर की पासबुक भी मुहैया करवाई जाती थी जिसपर इंचार्ज के हस्ताक्षर भी किए हुए हैं। कमला देवी ने पुलिस के पास की शिकायत में कहा है कि उसने अपने जीवन की सारी पूंजी गुरदीप कौशल के जरिए डाकघर में जमा करवाई थी जिसका अब कुछ पता नहीं है।
पुलिस ने स्पेशल टीम बनाई
थाना सिटी के प्रभारी एसएचओ मनधीर सिंह ने बताया कि मामले में स्पेशल टीम बनाई गई है। पांच आरोपियों गुरदीप कौशल, कमल कौशल, उनकी पत्नियां रेनु और सीमा कौशल व उनके पिता बलदेव कौशल के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर किया गया है। आरोपी परिवार का प्रॉपर्टी डीलिंग का अच्छा खासा कारोबार है। अभी किसी की गिरफ्तारी संभव नहीं हो सकी है। उनकी तलाश में छापामारी की जा रही है।
पहले से मुहरें लगाकर चलता है सरकारी कामकाज
डाकघर अहमदगढ़ के मौजूदा इंचार्ज देसराज ने बताया कि डाकघर की पासबुकों पर पहले से ही डाकघर की मुहरें लगी रहती हैं। एजेंट इसका लाभ उठाकर लोगों से रुपये ऐंठते हैं। उपरोक्त ठगी के मामले में उनके डाकघर का कोई कसूर नहीं है।