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मानी गई मांगों को तुरंत लागू करे पंजाब सरकार : भाकियू
Sat, 10 Oct 2026 05:37 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Sat, 10 Oct 2026 05:37 PM IST
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संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। भारतीय किसान यूनियन पंजाब ने राज्य सरकार से चंडीगढ़ किसान मोर्चे के दौरान मानी गई मांगों को तुरंत लागू करने की मांग की है। यूनियन अध्यक्ष हरिंदर सिंह लक्खोवाल ने कहा कि सरकार ने एक महीने का समय लेकर धरना समाप्त करवाया था लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांगों को लागू करने के लिए पंजाब विधानसभा में तत्काल प्रस्ताव लाने की मांग की। इस संबंध में शुक्रवार को यूनियन के मुख्य कार्यालय लुधियाना में लक्खोवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई।
लक्खोवाल ने पानी के मुद्दे का समाधान करने की भी मांग उठाई। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 78, 79 और 80 को रद करने की भी मांग की। साथ ही कहा कि किसानों के कर्ज का एकमुश्त निपटारा हो। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार फसलों के भाव तय किए जाएं। लैंड पूलिंग कानून रद हो। गन्ने के भाव में 500 रुपये की बढ़ोतरी की जाए। यूनियन ने कहा कि सरकार को इन मांगों को समयबद्ध तरीके से लागू करना चाहिए, अन्यथा अगली रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से गेहूं के भाव में 25 पैसे प्रति किलो की बढ़ोतरी को किसानों के साथ धोखा बताया गया। यूनियन ने सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी2+50 प्रतिशत के आधार पर तय करने और इसकी कानूनी गारंटी देने की मांग की। सहकारी समितियों में किसानों की ऋण सीमाएं नए सिरे से तय करने का फैसला वापस लेने की भी अपील की गई।
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लुधियाना। भारतीय किसान यूनियन पंजाब ने राज्य सरकार से चंडीगढ़ किसान मोर्चे के दौरान मानी गई मांगों को तुरंत लागू करने की मांग की है। यूनियन अध्यक्ष हरिंदर सिंह लक्खोवाल ने कहा कि सरकार ने एक महीने का समय लेकर धरना समाप्त करवाया था लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने मांगों को लागू करने के लिए पंजाब विधानसभा में तत्काल प्रस्ताव लाने की मांग की। इस संबंध में शुक्रवार को यूनियन के मुख्य कार्यालय लुधियाना में लक्खोवाल की अध्यक्षता में बैठक हुई।
लक्खोवाल ने पानी के मुद्दे का समाधान करने की भी मांग उठाई। उन्होंने संविधान के अनुच्छेद 78, 79 और 80 को रद करने की भी मांग की। साथ ही कहा कि किसानों के कर्ज का एकमुश्त निपटारा हो। स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार फसलों के भाव तय किए जाएं। लैंड पूलिंग कानून रद हो। गन्ने के भाव में 500 रुपये की बढ़ोतरी की जाए। यूनियन ने कहा कि सरकार को इन मांगों को समयबद्ध तरीके से लागू करना चाहिए, अन्यथा अगली रणनीति तैयार की जाएगी। बैठक में केंद्र सरकार की ओर से गेहूं के भाव में 25 पैसे प्रति किलो की बढ़ोतरी को किसानों के साथ धोखा बताया गया। यूनियन ने सभी फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशों के अनुसार सी2+50 प्रतिशत के आधार पर तय करने और इसकी कानूनी गारंटी देने की मांग की। सहकारी समितियों में किसानों की ऋण सीमाएं नए सिरे से तय करने का फैसला वापस लेने की भी अपील की गई।
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