अस्पताल से ताया को लेकर आ रहा था 20 वर्षीय युवक, पुलिस ने डंडों से पीटा, धरने पर बैठे
रायकोट के एक निजी अस्पताल में दाखिल अपने ताया जगदीश सिंह को छुट्टी करवा घर को ले जा रहे दत्ताहुर के बीस वर्षीय छात्र दिलप्रीत को पुलिस ने डंडों से पीटा। पीड़ित ने परिवार के साथ पिटाई करने के आरोपी थाना सिटी के प्रभारी अमरजीत सिंह गोगी के खिलाफ कार्रवाई के लिए थाना रायकोट के मुख्य द्वार पर धरना प्रदर्शन किया।
रायकोट के टेलीफोन एक्सचेंज चौक पर नाकाबंदी के दौरान गुरुवार को थाना प्रभारी अमरजीत सिंह गोगी ने मोटरसाइकिल पर जा रहे दिलप्रीत को अपने अन्य मुलाजिमों के साथ मिलकर पीटा और पीछे बैठी उसकी तायी कर्मजीत कौर को भी भद्दी गालियां दी। यह सारी घटना चौक में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
इसके वीडियो वायरल होते ही लोगों का पुलिस के खिलाफ गुस्सा भड़क गया। थाना प्रभारी अमरजीत सिंह गोगी ने दिलप्रीत को न ही सिर्फ पीटा बल्कि थाने ले जाकर फिर उसकी जमकर पिटाई की और उसकी पगड़ी उतार कर हवालात में धकेल दिया। लोगों का बढ़ता दबाव देख पुलिस ने सफेद कोरे कागज पर दिलप्रीत के दस्तखत करवा कर उसे छोड़ दिया।
हालांकि दिलप्रीत के पास अस्पताल का इमरजेंसी पास भी था और बिना सवाल किए उसकी पिटाई कर दी और उसका पास भी अपने पास पुलिस ने रख लिया। दिलप्रीत ने अपनी तायी कर्मजीत कौर और मां कुलदीप कौर के साथ मिल कर थाना सिटी रायकोट के बाहर धरना दिया। पीड़ित परिवार ने थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
पीड़ितों ने थाना के आगे बैठकर पुलिस को कहा कि अगर उन्हें पीटने में कोई कसर रह गई हो तो पुलिस आज पूरी कर ले। जब पीड़ितों ने धरना दिया तो थाना सिटी प्रभारी अमरजीत सिंह गोगी थाने में रुकने की बजाए खिसक गए। थाना सदर के प्रभारी निधान सिंह ने पीड़ितो को मनाने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं माने।
डीएसपी रायकोट सुखनाम सिंह का कहना है कि कर्फ्यू में रोकने पर दिलप्रीत ने एसएचओ अमरजीत सिंह को गाली दी। इससे मामला बढ़ गया और मारपीट हुई। मामले की जांच कराई जा रही है। उधर, दिलप्रीत ने कहा कि उन्हें इंसाफ पुलिस से मिलता नजर नहीं आ रहा है। वह अब अदालत के जरिये इंसाफ की मांग करेंगे। वह तब तक संघर्ष करते रहेंगे जब तक उन्हें इंसाफ नहीं मिलता।