केंद्र की राहत पंजाब की आफत : पेट्रोल-डीजल भरवाने चंडीगढ़, हरियाणा और हिमाचल तक जा रहे लोग, टेंशन में पंप मालिक
केंद्र सरकार ने पेट्रोल व डीजल पर उत्पाद शुल्क कम कर जहां लोगों को राहत दी है तो वहीं पंजाब में पेट्रोल पंप मालिकों के सामने आफत खड़ी हो गई। पंजाब के तीन पड़ोसी राज्यों ने अपने यहां वैट की दरें घटा दी हैं। इससे मुश्किलें और बढ़ गई हैं। चंडीगढ़, हरियाणा और हिमाचल की अपेक्षा पंजाब में पेट्रोल व डीजल काफी महंगा है। अब पंजाब के लोग इन्हीं राज्यों का रुख कर रहे हैं।
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केंद्र सरकार ने देशभर में पेट्रोल के दाम पांच रुपये और डीजल के दाम 10 रुपये कम कर एक तोहफा दिया है। केंद्र सरकार का यह तोहफा पंजाब के पेट्रोल पंप मालिकों पर भारी पड़ गया है। दरअसल, पंजाब में पेट्रोल और डीजल पर वैट ज्यादा होने के कारण पड़ोसी प्रदेश हिमाचल, हरियाणा और चंडीगढ़ की अपेक्षा यहां कीमतें अधिक हैं।
इसका नतीजा यह निकला है कि सीमा पर सटे पेट्रोल पंप से तेल लेने की जगह लोग दूसरे प्रदेशों का रुख कर रहे है। अगर दाम के अंतर की बात करें तो पंजाब के मुकाबले चंडीगढ़ में पेट्रोल 11.64 रुपये लीटर सस्ता है। हिमाचल में 11.57 रुपये और हरियाणा में 10.60 रुपये सस्ता है।
अगर पंजाब सरकार ने जल्द अपने वैट को कम नहीं किया तो आने वाले दिनों में सीमाओं से सटे पेट्रोल पंप ठप होने की कगार पर पहुंच जाएंगे। अगर सरकार ने जल्द इस मामले पर फैसला नहीं लिया तो पंजाब के खजाने पर भी इसका असर देखने को मिलेगा क्योंकि ज्यादातर लोग पंजाब की जगह पड़ोसी प्रदेशों का रुख करने लगे हैं।
केंद्र सरकार ने दीपावली की रात को तेल की कीमतों को कम किया था। इस राहत के बाद पंजाब में पेट्रोल के दाम 105.87 रुपये और डीजल का रेट 89.52 रुपये प्रति लीटर हो गया है। इसके मुकाबले हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल 79.22 रुपये लीटर और पेट्रोल 94.30 रुपये लीटर पर है। केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ ने वैट कम कर दिया है।
यहां पर डीजल 80.90 रुपये लीटर और पेट्रोल 94.23 रुपये लीटर है। कुछ यही हाल पड़ोसी राज्य हरियाणा का है। यहां पर पेट्रोल की कीमत 95.81 रुपये लीटर और डीजल 87.02 रुपये प्रति लीटर है। इन तीनों प्रदेशों में पंजाब के मुकाबले तेल की कीमत कम हो चुकी है। अब इन प्रदेशों की सीमा के करीब बसे लोग पंजाब में ईंधन नहीं भरवा रहे हैं।
पंजाब के पेट्रोल पंप की सेल 25 फीसदी गिरी
केंद्र सरकार की तरफ से तेल की कीमतों को कम करने के बावजूद पंजाब में तेल के दाम पड़ोसी प्रदेशों से सबसे ज्यादा है। लगभग एक हजार पंप इन प्रदेशों की सीमाओं पर हैं। ऐसे में आम लोग सस्ता तेल होने के कारण पंजाब से तेल नहीं ले रहे है। लुधियाना से चंडीगढ़ सफर करने वाले लोग भी थोड़ा तेल ले रहे है, क्योंकि अगर चंडीगढ़ में जाकर गाड़ी की टंकी फुल करवाते है तो लगभग 500 रुपये की बचत होती है। इससे पंजाब के पेट्रोल पंप की सेल में 25 फीसदी तक गिरावट देखने को मिल रही है। जबकि सीमा से सटे पंप पर तो 70 फीसदी तक गिरावट आ चुकी है। पंजाब सरकार ने जल्द वैट कम नहीं किया तो पेट्रोल पंप मालिकों के सामने भूखे मरने की नौबत आ सकती है। राजू शर्मा, शर्मा फिलिंग स्टेशन लुधियाना।
वैट कम नहीं किया तो पंजाब की इंडस्ट्री नहीं मिलेगा फायदा
तेल के दाम करने के फैसले का स्वागत करते है लेकिन अब पंजाब सरकार को वैट कम करना होगा। क्योंकि अगर यह नहीं होता है तो हमारी इंडस्ट्री को कोई फायदा नहीं होगा। क्योंकि ट्रांसपोर्टर अपनी गाड़ियों में पंजाब की जगह तेल लेने के लिए पड़ोसी प्रदेशों का रूख करेंगे। ऐसे में भाड़े के दाम कम नहीं होंगे तो हमारी इंडस्ट्री को फायदा कहां से होगा। पंजाब सरकार को तुरंत फैसला लेकर वैट को काम करना चाहिए। डीएस चावला, प्रधान यूसीपीएमए