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खराब कपास का मुआवजा न मिलने से किसान ने की खुदकुशी
ब्यूरो/अमर उजाला, मानसा
Updated Wed, 25 Nov 2015 09:43 PM IST
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बरेटा के गांव दयालपुरा के एक किसान ने कपास की फसल का मुआवजा न मिलने से परेशान होकर ट्रेन के नीचे आकर खुदकुशी कर ली।
मृतक के पिता रामचंद सिंह ने कहा कि उनके बेटे बीरबल सिंह (50) के पास 14 कनाल जमीन थी। उसने 3 एकड़ जमीन ठेके पर ली हुई थी। उसने 4 एकड़ 6 कनाल जमीन पर कपास की फसल बीजी थी, लेेकिन सफेद मक्खी से हमले से फसल खराब हो गई। किसान बीरबल खराब फसल के मुआवजे के लिए चेक लेने को हो रहे धरने में शामिल होता रहा।
मंगलवार शाम किसान बीरबल सिंह ने बरेटा-बुढलाडा रेललाइन से गुजर रही मालगाड़ी के नीचे आकर खुदकुशी कर ली। रेलवे पुलिस चौकी इंचार्ज जसवंत सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से 174 की कार्रवाई करने के बाद शव वारिसों के हवाले कर दिया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ब्लॉक बुढलाडा के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह दयालपुरा ने बताया कि खुदकुशी करने वाले किसान बीरबल सिंह पर 3 लाख का आढ़ती का भी कर्ज था।
उसे 2 लाख रुपये किसी रिश्तेदार व एक लाख रुपये सहकारी सभा को देने थे। इसको लेकर किसान परिवार परेशानी से गुजर रहा था। उन्होंने प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार के लिए 5 लाख मुआवजे और कर्ज माफी की मांग की है।
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मृतक के पिता रामचंद सिंह ने कहा कि उनके बेटे बीरबल सिंह (50) के पास 14 कनाल जमीन थी। उसने 3 एकड़ जमीन ठेके पर ली हुई थी। उसने 4 एकड़ 6 कनाल जमीन पर कपास की फसल बीजी थी, लेेकिन सफेद मक्खी से हमले से फसल खराब हो गई। किसान बीरबल खराब फसल के मुआवजे के लिए चेक लेने को हो रहे धरने में शामिल होता रहा।
मंगलवार शाम किसान बीरबल सिंह ने बरेटा-बुढलाडा रेललाइन से गुजर रही मालगाड़ी के नीचे आकर खुदकुशी कर ली। रेलवे पुलिस चौकी इंचार्ज जसवंत सिंह ने बताया कि पुलिस की ओर से 174 की कार्रवाई करने के बाद शव वारिसों के हवाले कर दिया। भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां ब्लॉक बुढलाडा के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह दयालपुरा ने बताया कि खुदकुशी करने वाले किसान बीरबल सिंह पर 3 लाख का आढ़ती का भी कर्ज था।
उसे 2 लाख रुपये किसी रिश्तेदार व एक लाख रुपये सहकारी सभा को देने थे। इसको लेकर किसान परिवार परेशानी से गुजर रहा था। उन्होंने प्रदेश सरकार से पीड़ित परिवार के लिए 5 लाख मुआवजे और कर्ज माफी की मांग की है।