फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Ludhiana News ›   15 लाख में आर्किटेक्ट को मौत के घाट उतारने का हुआ था सौदा

15 लाख में आर्किटेक्ट को मौत के घाट उतारने का हुआ था सौदा

Fri, 12 Oct 2018 09:48 PM IST
Updated Fri, 12 Oct 2018 09:48 PM IST
विज्ञापन
15 लाख में आर्किटेक्ट को मौत के घाट उतारने का हुआ था सौदा
15 लाख में हुआ था आर्किटेक्ट की हत्या का सौदा
विज्ञापन

संबंधों के चलते महिला के पति ने सुपारी देकर कराई थी हत्या
प्रदीप की रैकी करने के बाद ही आरोपी ने दिया वारदात को अंजाम
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना। डुगरी के कल्याण नगर इलाके में आर्किटेक्ट प्रदीप सिंह उर्फ मंदीप को मौत के घाट उतारने का सौदा 15 लाख रुपये में तय किया गया था। पूरा प्लान प्रदीप के पुराने पड़ोसी बलविंदर ने अपनी पत्नी के साथ संबंधों के चलते बनाया था। पुलिस ने यह दावा करते हुए वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी गुरविंदर सिंह और बलविंदर के दोस्त अमनपाल सिंह को गिरफ्तार किया है।
आरोपी गुरविंदर ने अपने मालिक की रिवाल्वर के साथ इस वारदात को अंजाम दिया था और वारदात करने के बाद हथियार वहीं रख दिया था। पुलिस ने डुगरी इलाके से गिरफ्तारआरोपी गुरविंदर की निशानदेही पर रिवाल्वर बरामद कर लिया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस हत्याकांड के अंजाम की प्लानिंग बनाने वाले बलविंदर सिंह की तलाश में जुटी हुई है। पुलिस कमिश्नर डॉ. सुखचैन सिंह गिल ने बताया कि स्पेयर पार्ट्स बनाने की फैक्टरी चलाने वाले बलविंदर का घर अमन नगर इलाके में है। प्रदीप का घर भी वहीं था और वह इलाके में ही आर्किटेक्ट के दफ्तर में काम करता था। प्रदीप के आरोपी बलविंदर सिंह के साथ संबंध थे। दो साल पहले प्रदीप पड़ोसी बलविंदर की पत्नी को ले गया था और दो दिन बाद वापस आया था। इसके बाद प्रदीप के परिजनों ने वहां से घर बदल कर धांधरा रोड पर ले लिया। उनका नया मकान इलाके में ही बन रहा था। प्रदीप का दफ्तर पुराने इलाके में होने के चलते वह वहां आता जाता था।
विज्ञापन

बलविंदर सिंह और हार्डवेयर की दुकान पर काम करने वाले आरोपी गुरविंदर की मुलाकात करीब छह महीने पहले हुई थी। गुरविंदर सिंह ने बातों बातों में बलविंदर सिंह को बताया था कि 14 अक्तूबर को उसकी शादी है। उसे काफी पैसों की जरूरत है। इसके बाद बलविंदर ने प्रदीप को मौत के घाट उतारने की पूरी प्लानिंग बनाई। उसने गुरविंदर को 15 लाख रुपये देने का ऑफर किया और इसके बदले प्रदीप को मौत के घाट उतारने के लिए कहा। आरोपी बलविंदर ने कहा कि वह जिस दिन हत्या करेगा, उस दिन पांच लाख रुपये और बाकी के दस लाख रुपये किश्तों में देगा। इस पर गुरविंदर राजी हो गया।
विज्ञापन
विज्ञापन


आरोपी चार महीने से कर रहा था प्रदीप की रैकी
पुलिस कमिश्नर ने बताया सुपारी लेने के बाद गुरविंदर ने चार महीने पहले प्रदीप की रैकी करनी शुरु कर दी। आरोपी गुरविंदर को पूरा पता था कि प्रदीप कितने बजे घर से निकलता है और कहां कहां रुकता है। गुरविंदर को इतना तक मालूम था कि प्रदीप कौन सी जगह पर कितना समय व्यतीत करता है। पेच फंसा कि वह हत्या कैसे करेगा। उसके पास तो हथियार नहीं है। इसके लिए उसने बलविंदर से बीस हजार रुपये की मांग की कि वह हथियार लेकर आएगा। बीस हजार रुपये लेनेके बाद कुछ समय पहले वह बलविंदर सिंह के साथ जाकर फिरोजपुर से 32 बोर रिवाल्वर की गोलियां लेकर आया। जब बलविंदर ने उसे रिवाल्वर के बारे में पूछा तो पहले तो वह टालमटोल करता रहा,। बाद में उसने अपने मालिक का रिवाल्वर उठा लिया।
डेढ़ महीने से रोजाना मालिक का रिवाल्वर लेकर निकलता था
आरोपी गुरविंदर की मां डाबा इलाके में रहने वाले एक प्रापर्टी डीलर के घर खाना पकाने का काम करती थी और वहीं रहती थी। आरोपी गुरविंदर भी अक्सर वहीं रहता था। वह कभी कभार जसपाल बांगड़ स्थित अपने घर चला जाता था। उसे अपने मालिक के बारे में पूरी जानकारी थी कि वह सुबह 11 बजे से पहले घर से नहीं निकलते। उसके मालिक के पास भी 32 बोर की रिवाल्वर है। वह पिछले डेढ़ महीने से मालिक बिल्ला की रिवाल्वर लेकर निकल जाता था, वारदात वाले दिन भी आरोपी ने बिल्ला का रिवाल्वर उठाया और वारदात करने के बाद रिवाल्वर वहीं रख दिया।
गुरविंदर पर नजर रख रहा था अमनपाल
बलविंदर को आरोपी गुरविंदर पर शक हो रहा था कि वह काम कर पाएगा या नहीं। इसके लिए उसने अपने एक दोस्त अमनपाल से बात की कि वह उसकी रैकी करे। गुरविंदर जहां प्रदीप की रैकी करता थास वहीं आरोपी अमनपाल गुरविंदर की रैकी कर रहा था। वारदात वाले दिन सुबह अमनपाल और गुरविंदर एक स्कूल के पास मिले और वारदात को अंजाम देने के बाद फिर से वहीं मिलने की बात की। जिस समय आरोपी गुरविंदर सिंह कल्याण नगर पहुंचा तो वह कार के पास खड़ा हो गया, जबकि अमनपाल दूसरी तरफ खड़ा था। जैसे ही आरोपी ने प्रदीप को गोलियां मारी तो अमनपाल ने तुरंत ही बलविंदर को फोन कर दिया।
15 लाख रुपये में से मिले थे सिर्फ 22 हजार
पुलिस कमिश्नर के मुताबिक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गुरविंदर अमनपाल से मिला और उसे पूरा यकीन दिलाने के लिए रिवाल्वर से निकाले हुए छह खोल दे दिए। उसके बाद आरोपी घर गया और रिवाल्वर रख कर कपड़े बदल कर पैसे के लिए निकल पड़ा। वहीं बलविंदर ने अपना फोन बंद कर दिया था।

14 अक्तूबर को थी आरोपी गुरविंदर की शादी
पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपी गुरविंदर की 14 अक्तूबर को शादी थी। उसे पैसों की सख्त जरूरत थी। वह काफी समय से बलविंदर को टाल रहा था। पैसों की वजह से उस पर प्रेशर ज्यादा बढ़ रहा था। इस पर आरोपी ने 5 अक्तूबर को आलमगीर इलाके से बाइक चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। वह बाइक एक जगह रखने के बाद ऑटो से घर गया। आरोपी अभी भी उम्मीद लगाए बैठा है कि आरोपी बलविंदर उसे पैसे देगा और उसकी शादी होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed