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Ludhiana: ट्रांसपोर्ट टेंडर घोटाले में सनी भल्ला को विजिलेंस ने कोर्ट में किया पेश, अदालत ने किया रिहा
Sun, 16 Oct 2022 03:41 PM IST
निवेदिता वर्मा
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना (पंजाब)
Published by: निवेदिता वर्मा
Updated Sun, 16 Oct 2022 03:41 PM IST
सार
दो हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में आशु के करीबी होने के कारण व शक के आधार पर सनी भल्ला को गिरफ्तार किया गया था। असल में विजिलेंस ने धारा 41(1) के तहत सनी भल्ला को अपनी हिरासत में लिया था। यह धारा किसी व्यक्ति पर उस वक्त इस्तेमाल की जाती है, जब वह जांच के दौरान पुलिस का साथ नहीं दे रहा होता है।
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- फोटो : istock
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विस्तार
खाद्य आपूर्ति विभाग में ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में शक के आधार पर विजिलेंस की ओर से पुलिस रिमांड पर लिए गए पार्षद सनी भल्ला को शनिवार को कोर्ट से राहत मिल गई है। कोर्ट ने उन्हें विजिलेंस की गिरफ्त से रिहा कर दिया। विजिलेंस को दो दिन की जांच में सनी भल्ला से कुछ भी हाथ नहीं लगा। इस पर उन्हें सीजेएम की अदालत में पेश किया गया। जहां अदालत ने सनी को विजिलेंस की गिरफ्त से रिहा करने के आदेश दे दिए। लिहाजा सनी अपने घर आ गए। जहां परिवार सदस्यों व समर्थकों के साथ खुशी मनाई।
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दो हजार करोड़ रुपये से अधिक के घोटाले में आशु के करीबी होने के कारण व शक के आधार पर सनी भल्ला को गिरफ्तार किया गया था। असल में विजिलेंस ने धारा 41(1) के तहत सनी भल्ला को अपनी हिरासत में लिया था। यह धारा किसी व्यक्ति पर उस वक्त इस्तेमाल की जाती है, जब वह जांच के दौरान पुलिस का साथ नहीं दे रहा होता है। पुलिस को लगता है कि अगर इसे रिमांड पर लिया जाए तो इससे काफी जानकारी मिल सकती है।
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विजिलेंस ने सनी भल्ला को ट्रांसपोर्ट टेंडर टेंडर घोटाले में नामजद नहीं किया था, बल्कि उन्हें इस मामले में अहम जानकारियां जुटाने के लिए इस धारा के तहत दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया था। शनिवार को जब पुलिस को इस रिमांड के दौरान कुछ भी अहम जानकारी नहीं मिली तो उसे कोर्ट में पेश करने के बाद जज ने उसे विजिलेंस की गिरफ्त से रिहा कर दिया।
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विजिलेंस भल्ला के जरिये भारत भूषण आशु की प्रॉपर्टी में इन्वेस्टमेंट का लेखा-जोखा बताना चाह रही थी, जो सनी भल्ला की पड़ताल में सामने नहीं आ पाया। खास बात यह है कि विजिलेंस ने कोर्ट में जज के सामने सन्नी भल्ला से घोटाले के बारे में किसी तरह की बात सामने न आने के बात कही और उसे बाहर इस गिरफ्तारी से छूट देने की बात रखी। इस पर अदालत ने सनी भल्ला को छोड़ने के आदेश जारी कर दिए।
सांसद बिट्टू ने फैसले पर खुशी जताई
दो दिन रिमांड के बाद जब सनी को विजिलेंस पेशी के लिए कोर्ट ले जा रही थी तो सांसद रवनीत बिट्टू भी पहुंचे। कोर्ट से जब सनी भल्ला को राहत मिली तब सांसद बिट्टू ने अदालत के फैसले का स्वागत कर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि सनी को बेवजह परेशान किया गया है। उन्होंने फिर कहा कि ट्रांसपोर्टेशन टेंडर घोटाले में भारत भूषण आशु भी बेकसूर निकलेंगे। आरोप लगाया कि पंजाब सरकार राजनीतिक बदलाखोरी व कांग्रेस को बदनाम करने की कोशिश कर रही है। इसी वजह से वह कांग्रेस के मंत्रियों व अन्य लोगों को कानूनी शिकंजे में फंसा कर बदनाम कर रही है।