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पुलिस कर्मियों ने अगवा कर व्यापारी को पीटा, मौत
ब्यूरो/अमर उजाला, लुधियाना
Updated Sat, 22 Feb 2014 10:13 PM IST
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भैंस चोरी का आरोप लगाकर प्रॉपर्टी डीलर के साथ मिल दो पुलिस मुलाजिमों ने राजपुरा के गांव अली माजरा निवासी गुलजार चौधरी (50) और उसका ड्राइवर गुरिंदर व भूपिंदर को अगवा कर लिया। अगवा कर सभी उसे प्रॉपर्टी डीलर के दफ्तर ले आए और वहां व्यापारी को इतना पीटा कि उसकी मौत हो गई। वारदात शुक्रवार रात की है।
वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। किसी तरह व्यापारी गुलजार के ड्राइवर गुरिंदर ने खुद को छुड़ाया और शनिवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गुरिंदर और उसके साथी भूपिंदर को बाहर निकाला और उनसे जानकारी ली।
इस मामले में थाना पीएयू की पुलिस ने दोनों ड्राइवरों की शिकायत पर थाना हैबोवाल में तैनात हेड कांस्टेबल परविंदर सिंह, कांस्टेबल दीपक, नानक प्रॉपर्टी डीलर का मालिक सोमा, जज के घर काम करने वाला नौकर नेपाली, आशु और गहली के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी कांस्टेबल दीपक, नेपाली, आशु और गहली को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि हेड कांस्टेबल परविंदर सिंह और सोमा अभी फरार हैं।
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एसीपी ध्रुमण निंबले ने कहा कि सोमा की कुछ समय पहले डेयरी से भैंस चोरी हुई थी। उसने अपने साथियों की मदद से पता किया तो गुलजार सिंह पर चोरी का आरोप लगाया गया। उन्होंने गुलजार को फोन कर लुधियाना बुलाया। उसके बाद सोमा ने हेड कांस्टेबल परविंदर, कांस्टेबल दीपक और नेपाली को साथ लिया और ललतों कलां से गुलजार और उसके दोनों ड्राइवरों को अपनी स्कार्पियो में उठाकर अपने दफ्तर में ले आए।
एसीपी निंबले ने कहा कि घायल गुरिंदर ने उन्हें बताया है कि दफ्तर में लाकर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने दोनों को बांध दिया, जबकि गुलजार को पीटते रहे। देर रात करीब 12 बजे पिटाई करने के बाद दोनों पुलिस मुलाजिम चले गए। इस दौरान गुलजार बेहोश हो गया। कुछ समय बाद गुरिंदर ने खुद को छुड़ाया और गुलजार को उठा कर देखा तो वह मृत पड़ा था। उसने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी।
हत्या की सूचना मिलने के बाद जब मीडिया कर्मी घटनास्थल पर कवरेज करने पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों ने मीडिया कर्मियों के साथ भी बदसलूकी की। जब मीडिया कर्मी अंदर जाने लगे तो वहां मौजूद एसीपी, एसएचओ और चौकी इंचार्ज ने उन्हें अंदर जाने से रोका।
दस घंटे बाद कराया घायलों का मेडिकल
व्यापारी गुलजार सिंह चौधरी के साथ अगवा किए गए उसके ड्राइवर गुरिंदर और भूपिंदर को भी आरोपियों ने बुरी तरह से मारपीट कर घायल कर रखा था। घटना की जानकारी गुरिंदर ने पुलिस को सुबह साढ़े तीन बजे दी।
सूचना मिलने के कुछ समय बाद ही पुलिस वहां पहुंच गई, लेकिन करीब दस घंटे तक पुलिस ने दोनों की मेडिकल जांच तक नहीं कराई। दोनों घायल अंदर सोफे पर बैठे तड़पते रहे। गुरिंदर और भूपिंदर ने कहा कि आरोपियों ने तीनों को काफी पीटा है।
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वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए। किसी तरह व्यापारी गुलजार के ड्राइवर गुरिंदर ने खुद को छुड़ाया और शनिवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे इसकी सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस के आलाधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने गुरिंदर और उसके साथी भूपिंदर को बाहर निकाला और उनसे जानकारी ली।
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इस मामले में थाना पीएयू की पुलिस ने दोनों ड्राइवरों की शिकायत पर थाना हैबोवाल में तैनात हेड कांस्टेबल परविंदर सिंह, कांस्टेबल दीपक, नानक प्रॉपर्टी डीलर का मालिक सोमा, जज के घर काम करने वाला नौकर नेपाली, आशु और गहली के खिलाफ अपहरण कर हत्या करने का मामला दर्ज कर लिया है। आरोपी कांस्टेबल दीपक, नेपाली, आशु और गहली को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि हेड कांस्टेबल परविंदर सिंह और सोमा अभी फरार हैं।
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एसीपी ध्रुमण निंबले ने कहा कि सोमा की कुछ समय पहले डेयरी से भैंस चोरी हुई थी। उसने अपने साथियों की मदद से पता किया तो गुलजार सिंह पर चोरी का आरोप लगाया गया। उन्होंने गुलजार को फोन कर लुधियाना बुलाया। उसके बाद सोमा ने हेड कांस्टेबल परविंदर, कांस्टेबल दीपक और नेपाली को साथ लिया और ललतों कलां से गुलजार और उसके दोनों ड्राइवरों को अपनी स्कार्पियो में उठाकर अपने दफ्तर में ले आए।
एसीपी निंबले ने कहा कि घायल गुरिंदर ने उन्हें बताया है कि दफ्तर में लाकर आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने दोनों को बांध दिया, जबकि गुलजार को पीटते रहे। देर रात करीब 12 बजे पिटाई करने के बाद दोनों पुलिस मुलाजिम चले गए। इस दौरान गुलजार बेहोश हो गया। कुछ समय बाद गुरिंदर ने खुद को छुड़ाया और गुलजार को उठा कर देखा तो वह मृत पड़ा था। उसने तुरंत इसकी जानकारी पुलिस अधिकारियों को दी।
हत्या की सूचना मिलने के बाद जब मीडिया कर्मी घटनास्थल पर कवरेज करने पहुंचे तो पुलिस अधिकारियों ने मीडिया कर्मियों के साथ भी बदसलूकी की। जब मीडिया कर्मी अंदर जाने लगे तो वहां मौजूद एसीपी, एसएचओ और चौकी इंचार्ज ने उन्हें अंदर जाने से रोका।
दस घंटे बाद कराया घायलों का मेडिकल
व्यापारी गुलजार सिंह चौधरी के साथ अगवा किए गए उसके ड्राइवर गुरिंदर और भूपिंदर को भी आरोपियों ने बुरी तरह से मारपीट कर घायल कर रखा था। घटना की जानकारी गुरिंदर ने पुलिस को सुबह साढ़े तीन बजे दी।
सूचना मिलने के कुछ समय बाद ही पुलिस वहां पहुंच गई, लेकिन करीब दस घंटे तक पुलिस ने दोनों की मेडिकल जांच तक नहीं कराई। दोनों घायल अंदर सोफे पर बैठे तड़पते रहे। गुरिंदर और भूपिंदर ने कहा कि आरोपियों ने तीनों को काफी पीटा है।