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होटल उद्यमियों ने की बार की फीस कम करने की मांग
ब्यूरो, अमर उजाला/लुधियाना
Updated Tue, 09 Feb 2016 09:37 PM IST
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पंजाब होटल एंड रेस्टोरेंट एसोसिएशन के प्रतिनिधिमंडल ने मंगलवार को चंडीगढ़ में सूबे के एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर रजत अग्रवाल से मुलाकात की। उद्यमियों ने पंजाब में बार और बीयर बार पर लगने वाली फीस कम करने की मांग की है।
इस संबंध में ईटीसी को विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा गया। होटल एसोसिएशन का नेतृत्व शिअद के जिला प्रधान मदन लाल बग्गा ने किया। उनके साथ भाजपा के नेता नारोत्तम देव रत्ती के अलावा एसोसिएशन के महासचिव अमरवीर सिंह, अमरजीत सिंह, अनिल कौशल और प्रदीप अग्रवाल भी थे।
महासचिव अमरवीर ने तर्क दिया कि पिछले साल सरकार ने बार की फीस चार लाख और बीयर बार की फीस डेढ़ लाख कर दी है। नतीजतन पंजाब में बार का कारोबार सिमटने लगा। पिछले एक साल में 11 बार और सात बीयर बार बंद हो गए और कई बंदी के कगार पर हैं। सूबे में लिकर पहले से ही चंडीगढ़ के मुकाबले काफी महंगी है।
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इसके अलावा भारी भरकम फीस ने ग्राहकों के पैर बार से खींच लिए। ज्ञापन में बार की फीस तीन लाख और बीयर बार की फीस एक लाख करने की वकालत की गई है। एसोसिएशन ने ईटीसी से यह भी मांग की है कि सूबे में चल रहे अवैध अहातों को भी बंद कराया जाए। ईटीसी ने इस मामले में उद्यमियों को राहत का भरोसा दिलाया
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इस संबंध में ईटीसी को विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा गया। होटल एसोसिएशन का नेतृत्व शिअद के जिला प्रधान मदन लाल बग्गा ने किया। उनके साथ भाजपा के नेता नारोत्तम देव रत्ती के अलावा एसोसिएशन के महासचिव अमरवीर सिंह, अमरजीत सिंह, अनिल कौशल और प्रदीप अग्रवाल भी थे।
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महासचिव अमरवीर ने तर्क दिया कि पिछले साल सरकार ने बार की फीस चार लाख और बीयर बार की फीस डेढ़ लाख कर दी है। नतीजतन पंजाब में बार का कारोबार सिमटने लगा। पिछले एक साल में 11 बार और सात बीयर बार बंद हो गए और कई बंदी के कगार पर हैं। सूबे में लिकर पहले से ही चंडीगढ़ के मुकाबले काफी महंगी है।
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इसके अलावा भारी भरकम फीस ने ग्राहकों के पैर बार से खींच लिए। ज्ञापन में बार की फीस तीन लाख और बीयर बार की फीस एक लाख करने की वकालत की गई है। एसोसिएशन ने ईटीसी से यह भी मांग की है कि सूबे में चल रहे अवैध अहातों को भी बंद कराया जाए। ईटीसी ने इस मामले में उद्यमियों को राहत का भरोसा दिलाया