{"_id":"66d34ccf5b3f569e8b02ca39","slug":"annual-celebration-of-roza-sharif-75-pilgrims-arrived-from-pakistan-gobindgarh-news-c-86-1-spkl1010-100885-2024-08-31","type":"story","status":"publish","title_hn":"रोजा शरीफ का वार्षिक उत्सव : पाकिस्तान से पहुंचे 75 जायरीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
रोजा शरीफ का वार्षिक उत्सव : पाकिस्तान से पहुंचे 75 जायरीन
Sat, 31 Aug 2024 10:33 PM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
संवाद न्यूज एजेंसी, लुधियाना
Updated Sat, 31 Aug 2024 10:33 PM IST
विज्ञापन
पाकिस्तान हाई कमीशन के दो अधिकारियों का एसजीपीसी ने किया जोरदार स्वागत
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहगढ़ साहिब। रोजा शरीफ फतेहगढ़ साहिब में तीन दिवसीय वार्षिक उर्स 1 से 3 सितंबर तक मनाए जाने वाले तीन दिवसीय वार्षिक उर्स में भाग लेने के लिए पाकिस्तान से 75 जायरीन (श्रद्धालुओं) के जत्थे सहित पाकिस्तान हाई कमीशन के दो अधिकारी फतेहगढ़ साहिब के रोजा शरीफ में पहुंचे।
उनके आमद पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व में माता गुजरी काॅलेज के ऑडिटोरियम में विशेष सम्मान किया गया। इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल के महासचिव व हलका फतेहगढ़ साहिब के प्रभारी जगदीप सिंह चीमा ने फतेहगढ़ साहिब की धरती पर वार्षिक उर्स में भाग लेने के लिए पाकिस्तान से आए श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि जब भी सिख समुदाय के लोग समुदाय पाकिस्तान में अपने ऐतिहासिक गुरुधामों की यात्रा पर जाते हैं तब पाकिस्तान की आवाम की तरफ से सिख तीर्थयात्रियों का सम्मान ही नहीं किया जाता बल्कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। इसलिए हमारा भी फर्ज बनता है कि हम भी पाकिस्तान से आए श्रद्धालुओं का पूरा सम्मान करें।
इस मौके पर पाकिस्तान से आए श्रद्धालुओं के जत्थे का नेतृत्व कर रहे डॉक्टर मुहम्मद अजीम फारूकी और अन्य श्रद्धालुओं ने पंजाबियों और विशेषकर सिख समुदाय द्वारा किए गए आतिथ्य पर खुशी व्यक्त की और कहा कि वाघा सीमा से लेकर सरहिंद रोजा शरीफ तक पंजाबियों ने हमें बहुत प्यार दिया है जिसके लिए हम हमेशा ऋणी रहेंगे।
विज्ञापन
रोजा शरीफ के खलीफा सैय्यद मोहम्मद सादिक रजा मुजद्दी ने बताया कि सालाना उर्स में शामिल होने वाले श्रद्धालु दरगाह पर जाकर सलाम पेश कर नमाज अता करेंगे। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर को नमाज ए मगरिव के पश्चात कुल शरीफ होंगे जिसमें कारी हजरात के तलावत ए कुरान ए पाक करेंगे उसके बाद दुआ होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार 3 सितंबर को शुकराना नमाज अता किए जाने के बाद उर्स का समापन हो जाएगा।
फोटो कैप्शन : पाकिस्तान से आए श्रद्धालुओं के साथ अकाली नेता जगदीप सिंह चीमा और अन्य।
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
फतेहगढ़ साहिब। रोजा शरीफ फतेहगढ़ साहिब में तीन दिवसीय वार्षिक उर्स 1 से 3 सितंबर तक मनाए जाने वाले तीन दिवसीय वार्षिक उर्स में भाग लेने के लिए पाकिस्तान से 75 जायरीन (श्रद्धालुओं) के जत्थे सहित पाकिस्तान हाई कमीशन के दो अधिकारी फतेहगढ़ साहिब के रोजा शरीफ में पहुंचे।
उनके आमद पर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी और शिरोमणि अकाली दल के नेतृत्व में माता गुजरी काॅलेज के ऑडिटोरियम में विशेष सम्मान किया गया। इस अवसर पर शिरोमणि अकाली दल के महासचिव व हलका फतेहगढ़ साहिब के प्रभारी जगदीप सिंह चीमा ने फतेहगढ़ साहिब की धरती पर वार्षिक उर्स में भाग लेने के लिए पाकिस्तान से आए श्रद्धालुओं का स्वागत करते हुए कहा कि जब भी सिख समुदाय के लोग समुदाय पाकिस्तान में अपने ऐतिहासिक गुरुधामों की यात्रा पर जाते हैं तब पाकिस्तान की आवाम की तरफ से सिख तीर्थयात्रियों का सम्मान ही नहीं किया जाता बल्कि उन्हें सभी आवश्यक सुविधाएं भी प्रदान की जाती हैं। इसलिए हमारा भी फर्ज बनता है कि हम भी पाकिस्तान से आए श्रद्धालुओं का पूरा सम्मान करें।
विज्ञापन
इस मौके पर पाकिस्तान से आए श्रद्धालुओं के जत्थे का नेतृत्व कर रहे डॉक्टर मुहम्मद अजीम फारूकी और अन्य श्रद्धालुओं ने पंजाबियों और विशेषकर सिख समुदाय द्वारा किए गए आतिथ्य पर खुशी व्यक्त की और कहा कि वाघा सीमा से लेकर सरहिंद रोजा शरीफ तक पंजाबियों ने हमें बहुत प्यार दिया है जिसके लिए हम हमेशा ऋणी रहेंगे।
विज्ञापन
रोजा शरीफ के खलीफा सैय्यद मोहम्मद सादिक रजा मुजद्दी ने बताया कि सालाना उर्स में शामिल होने वाले श्रद्धालु दरगाह पर जाकर सलाम पेश कर नमाज अता करेंगे। उन्होंने बताया कि 1 सितंबर को नमाज ए मगरिव के पश्चात कुल शरीफ होंगे जिसमें कारी हजरात के तलावत ए कुरान ए पाक करेंगे उसके बाद दुआ होगी। तय कार्यक्रम के अनुसार मंगलवार 3 सितंबर को शुकराना नमाज अता किए जाने के बाद उर्स का समापन हो जाएगा।
फोटो कैप्शन : पाकिस्तान से आए श्रद्धालुओं के साथ अकाली नेता जगदीप सिंह चीमा और अन्य।