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आकाशदीप ने 102वां और गर्विता ने 174वां रैंक पाया
Updated Thu, 15 Jun 2017 09:51 PM IST
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एम्स परीक्षा में चमके लुधियाना के दो सितारे
आकाशदीप ने 102वीं और गर्विता ने 174वीं रैंक हासिल की
दिल्ली एम्स में जाना पहली प्राथमिकता
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) की ओर से प्रवेश परीक्षा का परिणाम वीरवार सुबह सवा दो बजे घोषित हुआ। बुधवार को दिन भर इंतजार करने के बाद वीरवार सुबह रिजल्ट जारी होते ही प्रतिभागियों के फोन घनघनाने लगे। एम्स में शहर के आकाशदीप ने ऑल इंडिया 102वीं रैंक हासिल की है। गर्विता की रैंक 174वीं रही। दोनों स्टूडेंट्स को नेशनल एंट्रेंस एलिजिबिलिटी टेस्ट (नीट) के परिणाम का इंतजार है। इसके बाद वह अपने लिए कॉलेज का चयन करेंगे।
देश भर की सात एम्स दिल्ली, भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर और ऋषिकेश में एमबीबीएस डिग्री के लिए कुल 700 सीटें हैं। स्टूडेंट्स की मानें तो उनका पसंदीदा एम्स दिल्ली ही है, वहां पर दाखिला नहीं मिलता तो वह जोधपुर या दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज को ही प्राथमिकता देंगे।
एम्स में दाखिले के लिए पहली काउंसिलिंग 3 से 6 जुलाई तक चलेगी। इसमें कुल सीटों की तुलना में 4 गुना आवेदकों के पहुंचने की उम्मीद है। दूसरी काउंसिलिंग 4 अगस्त को होगी। 4 सितंबर को तीसरी काउंसिलिंग की जाएगी। खाली सीटों के लिए 27 सितंबर को फाइनल ओपन काउंसिलिंग होगी।
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किसी चीज को खुद पर हावी नहीं होने देता आकाश
एम्स एंट्रेंस में 102वीं रैंक हासिल करने वाले आकाशदीप सिंह कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं। जिसकी प्रेरणा डॉक्टर मौसी और मौसा से मिली। पिछले दो सालों से परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे आकाशदीप ने बताया कि वह किसी चीज को खुद पर हावी नहीं होने देते। रेगुलर स्टडी के साथ रिविजन ही सफलता का मंत्र है। आकाशदीप दिल्ली एम्स से एमबीबीएस करना चाहते हैं, अगर वहां सीट नहीं मिलती तो जोधपुर दूसरी प्राथमिकता रहेगी। हालांकि उससे पहले नीट परिणाम का इंतजार करेगा। नीट में अच्छा स्कोर हुआ तो दिल्ली स्थित मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज का चयन करेंगे।
गर्विता ने एम्स में आल ओवर इंडिया में हासिल किए 174 रैंक
ऑल इंडिया 174वीं रैंक हासिल करने वाली गर्विता बीसीएम स्कूल की बारहवीं कक्षा में साइंस स्ट्रीम में 96 प्रतिशत अंक हासिल कर चुकी हैं। बारहवीं के साथ-साथ एम्स की तैयारी पर भी जोर दिया। इसके लिए 7-8 घंटे पढ़ाई की। गर्विता ने बताया कि वह दिल्ली या जोधपुर एम्स से एमबीबीएस और सर्जरी की पढ़ाई करना चाहती है। दिल्ली एम्स में एडमिशन के लिए प्रयास करेंगी। अगर सफल न हुई तो जोधपुर में एडमिशन लेंगी। गर्विता के पिता हरविंदर गुलाटी रेलवे में फार्मासिस्ट है और माता मंजू गुलाटी गवर्नमेंट हाई स्कूल लोहारा में इंग्लिश टीचर हैं। गर्विता ने बताया कि वह सात से आठ घंटे पढ़ाई किया करती थी। बारहवीं की परीक्षा के दौरान भी वह एम्स की तैयारी के लिए समय निकालती थी। देर रात तक पढ़ाई करने व सुबह जल्दी उठ कर पढ़ने के समय मम्मी या पापा दोनो में से कोई एक मेरे साथ होता था।
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आकाशदीप ने 102वीं और गर्विता ने 174वीं रैंक हासिल की
दिल्ली एम्स में जाना पहली प्राथमिकता
अमर उजाला ब्यूरो
लुधियाना।
ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस (एम्स) की ओर से प्रवेश परीक्षा का परिणाम वीरवार सुबह सवा दो बजे घोषित हुआ। बुधवार को दिन भर इंतजार करने के बाद वीरवार सुबह रिजल्ट जारी होते ही प्रतिभागियों के फोन घनघनाने लगे। एम्स में शहर के आकाशदीप ने ऑल इंडिया 102वीं रैंक हासिल की है। गर्विता की रैंक 174वीं रही। दोनों स्टूडेंट्स को नेशनल एंट्रेंस एलिजिबिलिटी टेस्ट (नीट) के परिणाम का इंतजार है। इसके बाद वह अपने लिए कॉलेज का चयन करेंगे।
देश भर की सात एम्स दिल्ली, भोपाल, भुवनेश्वर, जोधपुर, पटना, रायपुर और ऋषिकेश में एमबीबीएस डिग्री के लिए कुल 700 सीटें हैं। स्टूडेंट्स की मानें तो उनका पसंदीदा एम्स दिल्ली ही है, वहां पर दाखिला नहीं मिलता तो वह जोधपुर या दिल्ली के मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज को ही प्राथमिकता देंगे।
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एम्स में दाखिले के लिए पहली काउंसिलिंग 3 से 6 जुलाई तक चलेगी। इसमें कुल सीटों की तुलना में 4 गुना आवेदकों के पहुंचने की उम्मीद है। दूसरी काउंसिलिंग 4 अगस्त को होगी। 4 सितंबर को तीसरी काउंसिलिंग की जाएगी। खाली सीटों के लिए 27 सितंबर को फाइनल ओपन काउंसिलिंग होगी।
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किसी चीज को खुद पर हावी नहीं होने देता आकाश
एम्स एंट्रेंस में 102वीं रैंक हासिल करने वाले आकाशदीप सिंह कार्डियोलॉजिस्ट बनना चाहते हैं। जिसकी प्रेरणा डॉक्टर मौसी और मौसा से मिली। पिछले दो सालों से परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे आकाशदीप ने बताया कि वह किसी चीज को खुद पर हावी नहीं होने देते। रेगुलर स्टडी के साथ रिविजन ही सफलता का मंत्र है। आकाशदीप दिल्ली एम्स से एमबीबीएस करना चाहते हैं, अगर वहां सीट नहीं मिलती तो जोधपुर दूसरी प्राथमिकता रहेगी। हालांकि उससे पहले नीट परिणाम का इंतजार करेगा। नीट में अच्छा स्कोर हुआ तो दिल्ली स्थित मौलाना आजाद मेडिकल कॉलेज का चयन करेंगे।
गर्विता ने एम्स में आल ओवर इंडिया में हासिल किए 174 रैंक
ऑल इंडिया 174वीं रैंक हासिल करने वाली गर्विता बीसीएम स्कूल की बारहवीं कक्षा में साइंस स्ट्रीम में 96 प्रतिशत अंक हासिल कर चुकी हैं। बारहवीं के साथ-साथ एम्स की तैयारी पर भी जोर दिया। इसके लिए 7-8 घंटे पढ़ाई की। गर्विता ने बताया कि वह दिल्ली या जोधपुर एम्स से एमबीबीएस और सर्जरी की पढ़ाई करना चाहती है। दिल्ली एम्स में एडमिशन के लिए प्रयास करेंगी। अगर सफल न हुई तो जोधपुर में एडमिशन लेंगी। गर्विता के पिता हरविंदर गुलाटी रेलवे में फार्मासिस्ट है और माता मंजू गुलाटी गवर्नमेंट हाई स्कूल लोहारा में इंग्लिश टीचर हैं। गर्विता ने बताया कि वह सात से आठ घंटे पढ़ाई किया करती थी। बारहवीं की परीक्षा के दौरान भी वह एम्स की तैयारी के लिए समय निकालती थी। देर रात तक पढ़ाई करने व सुबह जल्दी उठ कर पढ़ने के समय मम्मी या पापा दोनो में से कोई एक मेरे साथ होता था।