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अबुधाबी की जेल में फंसे सोलह पंजाबी युवक
अमर उजाला,होशियारपुर
Updated Mon, 30 Dec 2013 09:02 PM IST
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होटल में खाना खाने के दौरान दो गुटों के बीच हुए झगड़े में एक व्यक्ति की मौत के बाद सूबे के 16 युवक होशियारपुर। बुधाबी की जेल में कैद हैं।
इन युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने के बाद जेल में ठूंस दिया गया। इन युवकों में से आठ के परिजनों ने राज्यसभा सांसद अविनाश राय खन्ना के जरिये विदेश मंत्रालय से उनके बेटों को छुड़ाने की गुहार लगाई है।
सांसद खन्ना से मिलने पहुंचे परिजनों में से तरनतारन के रहने वाले निशान सिंह ने बताया कि सबसे पहले इसकी सूचना उन्हें मिली थी।
बीते 26 नवंबर को अबुधाबी से उन्हें उनके बेटे निर्मल के साथियों ने फोन पर बताया कि उनका बेटा निर्मल सिंह और उसके साथ काम करने वाले कई और युवक हत्या के मामले में पकड़े गए हैं।
उन्हें अबुधाबी के अलवदवा जेल में रखा गया है। इसके बाद जेल से निर्मल का भी फोन आया और उसने बताया कि उसके साथ 15 और पंजाबी युवकों को इसी मामले में जेल में बंद करके रखा गया है। उसने यह भी बताया कि सभी को अलग-अलग कमरों में चार-चार के गुटों में बांटकर कैद में रखा गया है।
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उनकी आपस में मुलाकात भी नहीं कराई जाती।
खन्ना के दफ्तर में निशान सिंह ने बताया कि वहां से मिली जानकारी के आधार पर अब तक आठ युवकों के बंद होने का पता चल पाया है जिनमें से चार शहीद भगत सिंह नगर जिले के, दो तरनतारन के और एक-एक होशियारपुर व जालंधर जिले के हैं। निशान सिंंह के साथ बाकी युवकों के परिजन भी सांसद से मिलने पहुंचे थे।
सोमवार को आठों युवकों के परिजनों ने खन्ना से मिलकर उनकी रिहाई के लिए मदद की गुहार लगाई। खन्ना ने बताया कि उन्होंने इस विषय में विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर सभी युवकों को छुड़ाने के लिए कदम उटाए जाने का आग्रह किया है।
उनका कहना था कि इस तरह के मामलों में भारतीय दूतावासों की ओर से भी अक्सर ढिलाई बरती जाती है जिससे युवकों के छुड़ाने में दिक्कत आती है।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के सामने यह मुद्दा उठाते हुए उन्होंने मांग की है कि देश में एक ऐसा उच्च अधिकार प्राप्त प्राधिकरण बनाया जाए जो विदेशों में बसे भारतीयों के साथ होने वाले इस तरह के मसलों और जेलों में बंद भारतीयों को छुड़ाने के लिए काम करे। उन्होंने युवकों के परिजनों को आश्वासन दिया कि इन पंजाबी युवकों की रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।
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इन युवकों को पूछताछ के लिए हिरासत में लेने के बाद जेल में ठूंस दिया गया। इन युवकों में से आठ के परिजनों ने राज्यसभा सांसद अविनाश राय खन्ना के जरिये विदेश मंत्रालय से उनके बेटों को छुड़ाने की गुहार लगाई है।
सांसद खन्ना से मिलने पहुंचे परिजनों में से तरनतारन के रहने वाले निशान सिंह ने बताया कि सबसे पहले इसकी सूचना उन्हें मिली थी।
बीते 26 नवंबर को अबुधाबी से उन्हें उनके बेटे निर्मल के साथियों ने फोन पर बताया कि उनका बेटा निर्मल सिंह और उसके साथ काम करने वाले कई और युवक हत्या के मामले में पकड़े गए हैं।
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उन्हें अबुधाबी के अलवदवा जेल में रखा गया है। इसके बाद जेल से निर्मल का भी फोन आया और उसने बताया कि उसके साथ 15 और पंजाबी युवकों को इसी मामले में जेल में बंद करके रखा गया है। उसने यह भी बताया कि सभी को अलग-अलग कमरों में चार-चार के गुटों में बांटकर कैद में रखा गया है।
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उनकी आपस में मुलाकात भी नहीं कराई जाती।
खन्ना के दफ्तर में निशान सिंह ने बताया कि वहां से मिली जानकारी के आधार पर अब तक आठ युवकों के बंद होने का पता चल पाया है जिनमें से चार शहीद भगत सिंह नगर जिले के, दो तरनतारन के और एक-एक होशियारपुर व जालंधर जिले के हैं। निशान सिंंह के साथ बाकी युवकों के परिजन भी सांसद से मिलने पहुंचे थे।
सोमवार को आठों युवकों के परिजनों ने खन्ना से मिलकर उनकी रिहाई के लिए मदद की गुहार लगाई। खन्ना ने बताया कि उन्होंने इस विषय में विदेश मंत्रालय को पत्र लिखकर सभी युवकों को छुड़ाने के लिए कदम उटाए जाने का आग्रह किया है।
उनका कहना था कि इस तरह के मामलों में भारतीय दूतावासों की ओर से भी अक्सर ढिलाई बरती जाती है जिससे युवकों के छुड़ाने में दिक्कत आती है।
उन्होंने कहा कि विदेश मंत्रालय के सामने यह मुद्दा उठाते हुए उन्होंने मांग की है कि देश में एक ऐसा उच्च अधिकार प्राप्त प्राधिकरण बनाया जाए जो विदेशों में बसे भारतीयों के साथ होने वाले इस तरह के मसलों और जेलों में बंद भारतीयों को छुड़ाने के लिए काम करे। उन्होंने युवकों के परिजनों को आश्वासन दिया कि इन पंजाबी युवकों की रिहाई के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे।