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सिख संगठनों के बंद का मिलाजुला असर
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Sat, 20 Jun 2015 10:24 PM IST
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गांव बुर्ज जवाहर सिंह वाला से 20 दिन पहले श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के
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पावन स्वरूप चोरी होने के मामले को लेकर सिख संगठनों के शनिवार को जिला
फरीदकोट बंद का मिलाजुला असर देखने को मिला। इस दौरान सिख संगठनों ने
फरीदकोट, कोटकपूरा, जैतो, सादिक, बरगाड़ी व बाजाखाना में रोष मार्च भी
निकाले गए और कई स्थानों पर जबरन दुकानें भी बंद करवाई गईं।
सिख संगठनों ने बीती 11 जून को ही जिला फरीदकोट बंद रखने का आह्वान कर दिया था और दो दिन पहले ही एसजीपीसी, धर्म प्रचार कमेटी समेत शिअद ने भी बंद के समर्थन की घोषणा की थी। बंद का ग्रामीण क्षेत्र में तो व्यापक असर देखने को मिला लेकिन प्रमुख शहरों फरीदकोट, कोटकपूरा व जैतो के बाजार सुबह के समय ही नियमित दिनों की तरह ही खुल गए। बाद में सिख संगठनों ने रोष मार्च निकाल कर दुकानें बंद करवाईं। कई जगह दुकानदार व संगठनों के कार्यकर्ताओं उलझते दिखाई दिए।
इस मौके पर फरीदकोट के गुरुद्वारा खालसा दीवान में आयोजित सिख संगठनों की बैठक में दमदमी टकसाल अमृतसर के नेता भाई अमरीक सिंह अजनाला ने कहा कि गंभीर घटना होने के बावजूद पुलिस प्रशासन लापरवाही दिखा रहा है। घटना को 20 दिन बीतने के बावजूद अब तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप का कोई सुराग नहीं मिला है। पंथक लहर के नेता संत बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप चोरी करके सिख समाज के भावनाओं को आहत किया गया है और ऐसे आरोपी को जल्द से जल्द पकड़कर सजा दी जानी चाहिए।
बैठक में शिअद अमृतसर के महासचिव जसकरण सिंह काहन सिंह वाला, ऐकनूर खालसा फौज के भाई हिम्मत सिंह, सिख स्टूडेंट फेडरेशन के नेता कुलदीप सिंह, बाबा अवतार सिंह, जंड सिंह टकसाली, सरदारियां ट्रस्ट के गुरसेवक सिंह भाणा ने भी विचार रखे और पुलिस प्रशासन व राज्य सरकार पर नाकाम रहने के आरोप लगाए।
इस मामले में सिख संगठनों ने सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी इस घटनाक्रम की नए सिरे पड़ताल करने के उपरांत संघर्ष के अगले कार्यक्रम की घोषणा करेगी।
सिख संगठनों ने बीती 11 जून को ही जिला फरीदकोट बंद रखने का आह्वान कर दिया था और दो दिन पहले ही एसजीपीसी, धर्म प्रचार कमेटी समेत शिअद ने भी बंद के समर्थन की घोषणा की थी। बंद का ग्रामीण क्षेत्र में तो व्यापक असर देखने को मिला लेकिन प्रमुख शहरों फरीदकोट, कोटकपूरा व जैतो के बाजार सुबह के समय ही नियमित दिनों की तरह ही खुल गए। बाद में सिख संगठनों ने रोष मार्च निकाल कर दुकानें बंद करवाईं। कई जगह दुकानदार व संगठनों के कार्यकर्ताओं उलझते दिखाई दिए।
इस मौके पर फरीदकोट के गुरुद्वारा खालसा दीवान में आयोजित सिख संगठनों की बैठक में दमदमी टकसाल अमृतसर के नेता भाई अमरीक सिंह अजनाला ने कहा कि गंभीर घटना होने के बावजूद पुलिस प्रशासन लापरवाही दिखा रहा है। घटना को 20 दिन बीतने के बावजूद अब तक श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप का कोई सुराग नहीं मिला है। पंथक लहर के नेता संत बलजीत सिंह दादूवाल ने कहा कि गुरुद्वारा साहिब से श्री गुरु ग्रंथ साहिब के स्वरूप चोरी करके सिख समाज के भावनाओं को आहत किया गया है और ऐसे आरोपी को जल्द से जल्द पकड़कर सजा दी जानी चाहिए।
बैठक में शिअद अमृतसर के महासचिव जसकरण सिंह काहन सिंह वाला, ऐकनूर खालसा फौज के भाई हिम्मत सिंह, सिख स्टूडेंट फेडरेशन के नेता कुलदीप सिंह, बाबा अवतार सिंह, जंड सिंह टकसाली, सरदारियां ट्रस्ट के गुरसेवक सिंह भाणा ने भी विचार रखे और पुलिस प्रशासन व राज्य सरकार पर नाकाम रहने के आरोप लगाए।
इस मामले में सिख संगठनों ने सात सदस्यीय कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी इस घटनाक्रम की नए सिरे पड़ताल करने के उपरांत संघर्ष के अगले कार्यक्रम की घोषणा करेगी।