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Jalandhar News: संत सीचेवाल ने राज्यसभा में उठाया मुक्तसर-मलोट नेशनल हाइवे के निर्माण कार्य का मुद्दा
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संवाद न्यूज एजेंसी
मुक्तसर। संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बुधवार को राज्यसभा में मुक्तसर-मलोट नेशनल हाईवे-354 के निर्माण कार्य का प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से होकर संगत चालीस मुक्तों की ऐतिहासिक धरती पर स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में नतमस्तक होने के लिए पहुंचती हैं। गड्ढों से भरी इस रोड से होकर गुजरते हुए उन्हें परेशान होना पड़ता है। 2013 में इस मार्ग पर अंतिम बार प्रीमिक्स डाला गया था।
इसके जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि मुक्तसर-मलोट मार्ग के निर्माण को लेकर टेंडर लग चुका है। सभी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई हैं। इसमें केवल काम चालू करने की तारीख नहीं दी गई है। वह इसलिए नहीं दी गई कि क्योंकि वन विभाग से उन्हें अभी तक क्लीयरेंस नहीं मिला है। यह क्लीयरेंस राज्य सरकार के पास लंबित है।
केंद्र की तरफ से विभाग के डीएफओ को तीन बार वन क्लीयरेंस देने के लिए अलग-अलग समय में लिखा गया है। इस मार्ग के लिए केंद्र ने टेंडर निकाला है और कांट्रेक्टर भी काम करने को तैयार हैं। मगर क्लीयरेंस न मिलने के कारण काम शुरू करने की अनुमति नहीं दे पा रहे हैं। अगर वे काम शुरू करवाते हैं तो बाद में विभाग क्लेम डाल देता है, जिस कारण आगे चल कर समस्या आती है। क्लीयरेंस मिलने के बाद मार्ग का काम 18 महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
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मुक्तसर। संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने बुधवार को राज्यसभा में मुक्तसर-मलोट नेशनल हाईवे-354 के निर्माण कार्य का प्रमुखता से उठाया। उन्होंने कहा कि इस मार्ग से होकर संगत चालीस मुक्तों की ऐतिहासिक धरती पर स्थित गुरुद्वारा श्री दरबार साहिब में नतमस्तक होने के लिए पहुंचती हैं। गड्ढों से भरी इस रोड से होकर गुजरते हुए उन्हें परेशान होना पड़ता है। 2013 में इस मार्ग पर अंतिम बार प्रीमिक्स डाला गया था।
इसके जवाब में केंद्रीय सड़क परिवहन और राज्यमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बताया कि मुक्तसर-मलोट मार्ग के निर्माण को लेकर टेंडर लग चुका है। सभी औपचारिकताएं भी पूरी कर ली गई हैं। इसमें केवल काम चालू करने की तारीख नहीं दी गई है। वह इसलिए नहीं दी गई कि क्योंकि वन विभाग से उन्हें अभी तक क्लीयरेंस नहीं मिला है। यह क्लीयरेंस राज्य सरकार के पास लंबित है।
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केंद्र की तरफ से विभाग के डीएफओ को तीन बार वन क्लीयरेंस देने के लिए अलग-अलग समय में लिखा गया है। इस मार्ग के लिए केंद्र ने टेंडर निकाला है और कांट्रेक्टर भी काम करने को तैयार हैं। मगर क्लीयरेंस न मिलने के कारण काम शुरू करने की अनुमति नहीं दे पा रहे हैं। अगर वे काम शुरू करवाते हैं तो बाद में विभाग क्लेम डाल देता है, जिस कारण आगे चल कर समस्या आती है। क्लीयरेंस मिलने के बाद मार्ग का काम 18 महीने में पूरा कर लिया जाएगा।
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