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शिअद में थमने के स्थान पर बढ़ा बवाल
ब्यूरो,अमर उजाला/जालंधर
Updated Tue, 31 May 2016 10:07 PM IST
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जालंधर में कोहाड़ के विरोध में प्रेस कांफ्रेंस करते मार्केट कमेटी के चेयरमैन गुरजिंदर सिंह और अन्य।
- फोटो : अमर उजाला
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शिअद में विवाद थमने के स्थान पर बढ़ता ही जा रहा है। मंगलवार को विधायक सरवण सिंह फिल्लौर के समर्थकों ने परिवहन मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ के नजदीकियों पर निशाना साधा है और कहा है कि वह पार्टी में मनमानी कर रहे हैं।
मार्केट कमेटी के चेयरमैन गुरजिंदर सिंह भतीजा, ब्लाक समिति के पप्पू गाखल, तजिंदर सिंह निझ्झर, जगजीत जग्गी समेत कई गांवों के सरपंचों ने कहा कि परिवहन मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ जिला प्रधान भी हैं। उन्होंने लांबड़ा सर्किल का प्रधान गुरदियाल सिंह चिट्टी को बनाकर अपनी मनमर्जी पार्टी वर्करों पर थोपी है। इस बारे में इलाके के विधायक सरवण सिंह फिल्लौर से राय तक नहीं ली गई। जबकि 2012 के चुनाव से पहले गुरदियाल सिंह चिट्टी ने खुद कहा था कि अब वह पार्टी का कामकाज नहीं देख सकते इसलिए आराम करना चाहते हैं।
अब कोहाड़ ने दोबारा वर्करों पर उसी नेता को घर से लाकर बैठा दिया। इस बारे में इलाका विधायक व अन्य नेताओं से सलाह तक नहीं की गई। पप्पू गाखल ने कहा कि विधायक फिल्लौर के बेटे दमनवीर ने अगर इस फैसले के खिलाफ शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल तक बात पहुंचाने का बयान दिया तो कोहाड़ समर्थक तीनों जत्थेदारों ने पार्टी का अनुशासन भंग कर बयानबाजी की। हरेक वर्कर व नेता का हक है कि वह अपनी बात आलाकमान तक पहुंचाए।
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मार्केट कमेटी के चेयरमैन गुरजिंदर सिंह भतीजा, ब्लाक समिति के पप्पू गाखल, तजिंदर सिंह निझ्झर, जगजीत जग्गी समेत कई गांवों के सरपंचों ने कहा कि परिवहन मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ जिला प्रधान भी हैं। उन्होंने लांबड़ा सर्किल का प्रधान गुरदियाल सिंह चिट्टी को बनाकर अपनी मनमर्जी पार्टी वर्करों पर थोपी है। इस बारे में इलाके के विधायक सरवण सिंह फिल्लौर से राय तक नहीं ली गई। जबकि 2012 के चुनाव से पहले गुरदियाल सिंह चिट्टी ने खुद कहा था कि अब वह पार्टी का कामकाज नहीं देख सकते इसलिए आराम करना चाहते हैं।
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अब कोहाड़ ने दोबारा वर्करों पर उसी नेता को घर से लाकर बैठा दिया। इस बारे में इलाका विधायक व अन्य नेताओं से सलाह तक नहीं की गई। पप्पू गाखल ने कहा कि विधायक फिल्लौर के बेटे दमनवीर ने अगर इस फैसले के खिलाफ शिअद सुप्रीमो सुखबीर बादल तक बात पहुंचाने का बयान दिया तो कोहाड़ समर्थक तीनों जत्थेदारों ने पार्टी का अनुशासन भंग कर बयानबाजी की। हरेक वर्कर व नेता का हक है कि वह अपनी बात आलाकमान तक पहुंचाए।
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