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सत्ताधारी पार्टियों को नहीं मिल रहे ट्रस्टों के लिए काबिल चेयरमैन

Thu, 02 Jan 2014 10:14 PM IST
अमर उजाला, जालंधर
अमर उजाला, जालंधर Updated Thu, 02 Jan 2014 10:14 PM IST
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दो बार सत्ता सुख भोग रही अकाली-भाजपा पार्टियों को राज्य में नगर सुधार ट्रस्ट पर चेयरमैन लगाने के लिए काबिल नेता नहीं मिल रहे हैं। यही कारण है कि जून 2012 में भंग सूबे के 29 ट्रस्टों को प्रशासनिक अधिकारी ही बतौर चेयरमैन चला रहे हैं।
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इन नियुक्तियों में हो रही देरी के कारण राज्य सरकार की तरफ से जो अपने चुनाव घोषणा पत्र में गरीब लोगों को अपना घर देने का वादा किया गया था, वह पूरा नहीं हो पा रहा है। जानकार बताते हैं कि इस कार्य के लिए प्रशासनिक अधिकारी आगे नहीं आ रहे हैं। ऐसे में अकाली-भाजपा सरकार द्वारा गरीबों को आशियाने देने के वादे को पार्टी के नेता (चेयरमैन) ही पूरा कर सकते हैं।
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ट्रस्ट के कर्मचारी बताते हैं कि इस समय राज्य में 29 नगर सुधार ट्रस्ट हैं। इसमें पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से बनाई गई 2 नए नगर सुधार ट्रस्ट (नंगल व करतारपुर) भी शामिल हैं। खास तो यह है कि इस समय किसी भी ट्रस्ट के पास कोई नया प्रोजेक्ट नहीं है लेकिन वह बैंकों के करोड़ों रुपये के कर्जदार जरूर हैं। ऐसे में ट्रस्टों को नई स्कीम लाना तो दूर की बात अपने कर्मचारियों को वेतन देने के लिए भी तरसना पड़ रहा है।
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जालंधर नगर सुधार ट्रस्ट पर करीब 175 करोड़ रुपये का कर्ज है। ट्रस्ट को प्रत्येक छह माह के बाद दी जाने वाली 5 करोड़ की किस्त देना भी भारी पड़ रहा है। यह हालात जालंधर का ही नहीं है। मुनाफे में मानी जाने वाली अमृतसर नगर सुधार ट्रस्ट भी कर्जदार हो चुकी है। यही कारण है कि अमृतसर लोकसभा सदस्य नवजोत सिंह सिद्धू अपनी ही पार्टी का विरोध करते रहे हैं।

ट्रस्ट को खुद ही झेलना पड़ता है अपना खर्च
राज्य के लिए कभी कमाई का साधन रही नगर सुधार ट्रस्ट को अपना खर्च खुद ही झेलना पड़ता है। सरकार ट्रस्टों को कुछ भी नहीं देती है। उल्टा अकाली-भाजपा सरकार अपने पहले शासनकाल के दौरान इन्हीं नगर सुधार ट्रस्टों के करोड़ों रुपये खर्च करवाकर 2012 की विधानसभा चुनाव में अपनी सरकार रिपीट करवाने में कामयाब रही थी। अब सभी ट्रस्ट के पास न तो बजट है और न ही वे नई स्कीम बना सकती हैं।


लोकसभा चुनाव में दिखनी होगी मेहनत : सुखबीर
अकाली दल के प्रधान व डिप्टी सीएम सुखबीर बादल का कहना है कि अब तो सभी चेयरमैन, प्रधानों की घोषणा सहित समूह विंगों के ढांचे लोकसभा चुनाव के बाद ही बनाए जाएंगे। नगर सुधार ट्रस्टों के चेयरमैनी हासिल करने के लिए पहले नेताओं को लोकसभा चुनाव में अच्छा प्रदर्शन दिखाना होगा। पुराने नेताओं पर पुन: चेयरमैनी देने की बात पर सुखबीर बादल ने अमर उजाला के साथ बातचीत में कहा कि नहीं ऐसा संभव नहीं है, योग्यता व नेता की मेहनत के मुताबिक ही उसे किसी भी पद की जिम्मेवारी सौंपी जाएगी।

कुछ खास बातें
-राज्य में 29 नगर सुधार ट्रस्ट हैं।
-भाजपा के खाते में आठ नगर सुधार ट्रस्ट आते हैं।
-अकाली दल के खाते में 21 नगर सुधार ट्रस्ट हैं।
- नंगल व करतारपुर में पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ट्रस्ट बनाए थे।
-जून 2012 में पंजाब सरकार ने भंग की थी सभी चेयरमैनियां
-न तो अकाली दल ने अपने खाते से चेयरमैन लगाए और न ही भाजपा ही नगर सुधार ट्रस्ट के चेरयमैन नियुक्त कर पाई है।
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