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140वें बाबा हरिवल्लभ संगीत सम्मेलन में बही सुरों की गंगा
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Sat, 26 Dec 2015 10:21 PM IST
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श्री देवी तालाब मंदिर के प्रांगण में चल रहे 140वें बाबा हरिवल्लभ संगीत
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सम्मेलन में शनिवार को कन्या महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वंदना और
हरिभल्लव वंदना प्रस्तुत की।
इसके बाद पिछले साल से म्यूजिक मुकाबलों के विजेता रितुराज भोंसले ने पखराज बजाकर सभी आए हुए संगीत प्रेमियों के दिल के तार छू लिए। ओमकार गुप्ता ने ठुमरी की प्रस्तुति दी। मीरा प्रसाद ने सितार वादन किया। तबले पर जयदेव और हारमोनियम पर उस्ताद अली अकबर ने प्रस्तुति दी। शिवानी मिराजकर की वोकल प्रस्तुति से सारा पंडाल संगीतमय हो गया था।
हरिभल्लव में अपनी प्रस्तुति देने पहुंचे पंडित सलिल भट्ट व मथिहास मुलर ने बहुत ही बढ़िया जुगलबंदी पेश की। तबले पर इनका साथ हिमांशु महंत ने खूब निभाया। योगेश जी. हूंस्वादकर ने वोकल, दुर्जय भौमिक ने तबले और डीके वर्मा ने हारमोनियम से संगीत प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
इसके बाद पिछले साल से म्यूजिक मुकाबलों के विजेता रितुराज भोंसले ने पखराज बजाकर सभी आए हुए संगीत प्रेमियों के दिल के तार छू लिए। ओमकार गुप्ता ने ठुमरी की प्रस्तुति दी। मीरा प्रसाद ने सितार वादन किया। तबले पर जयदेव और हारमोनियम पर उस्ताद अली अकबर ने प्रस्तुति दी। शिवानी मिराजकर की वोकल प्रस्तुति से सारा पंडाल संगीतमय हो गया था।
हरिभल्लव में अपनी प्रस्तुति देने पहुंचे पंडित सलिल भट्ट व मथिहास मुलर ने बहुत ही बढ़िया जुगलबंदी पेश की। तबले पर इनका साथ हिमांशु महंत ने खूब निभाया। योगेश जी. हूंस्वादकर ने वोकल, दुर्जय भौमिक ने तबले और डीके वर्मा ने हारमोनियम से संगीत प्रेमियों को झूमने पर मजबूर कर दिया।