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पंजाब में एक सैनिक स्कूल नाकाफी, दूसरे के लिए केंद्र को प्रस्ताव भेजेंगे: मनप्रीत बादल
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पंजाब में दूसरे सैनिक स्कूल के लिए केंद्र को भेजेंगे प्रस्ताव : मनप्रीत
सैनिक स्कूल के 58वें वार्षिक उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे वित्त मंत्री
कहा, सैनिक स्कूल कपूरथला को दो वित्तीय वर्ष में देंगे छह करोड़ की ग्रांट, स्कूल बैंड के लिए दिए 15 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि पंजाब में एक सैनिक स्कूल नाकाफी है। दूसरे सैनिक स्कूल के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद पूर्व फौजी हैं और वह एक और सैनिक स्कूल को लेकर बेहद संजीदा हैं। इस मामले को लेकर वे सीएम से विचार-विमर्श करते रहते हैं। बादल सैनिक स्कूल के 58वें वार्षिक उत्सव के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा सैनिक स्कूल बेहद कम संसाधनों में उत्तम शिक्षा दे रहा है। प्रिंसिपल ने उन्हें स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर की दयनीय हालात से अवगत करवाया है। यहां आने से पहले उन्हें विधायक राणा गुरजीत सिंह ने सैनिक स्कूल को ग्रांट देने के लिए कहा था। इसलिए वह अगले वित्तीय वर्ष में 3 करोड़ और उससे अगले वित्तीय वर्ष में 3 करोड़ रुपये की ग्रांट भिजवाएंगे। सूबे की नाजुक वित्तीय हालत का हवाला देते हुए बोले कि इससे ज्यादा तो वह अभी नहीं दे सकते।
केंद्र की ओर से 2020-21 सेशन से लड़कियों के लिए दाखिले के सवाल पर वित्त मंत्री बोले कि यह तो बहुत अच्छी बात है। इससे बहादुर बेटियां भी आर्म्ड फोर्सेस का हिस्सा बनेंगी। उपचुनाव के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि स्कूल में सियासत की बात न करें।
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इससे पहले समारोह में बोले कि वह कभी भी बच्चे से मिलने वाले आमंत्रण को नहीं ठुकराते। बेेशक, बटाला में कैबिनेट की मीटिंग हैं, लेकिन उन्होंने सीएम कैप्टन से अनुमति ले ली कि वह सैनिक स्कूल जाएंगे।
मुख्य अतिथि मनप्रीत बादल ने 2018-19 में सर्वश्रेष्ठ उपलब्धियों के लिए सीनियर वर्ग में भगत हाउस को ओवरऑल कॉक हाउस ट्राफी देकर सम्मानित किया। जूनियर वर्ग में सुभाष हाउस और नन्हें-मुन्ने बच्चों के रणजीत हाउस को कॉक हाउस ट्राफी से नवाजा। मुख्य अतिथि ने स्कूल के बैंड के लिए 15 लाख रुपये की राशि प्रदान की।
प्रिंसिपल कर्नल विकास मोहन ने बताया कि नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) में सबसे ज्यादा कैडेट भेजने के लिए तिलक हाउस को एनडीए ट्राफी से सम्मानित किया जाएगा। प्रिंसिपल ने स्कूल की बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए छह करोड़ की ग्रांट देने का वादा करने पर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन मनोज भसीन, कांग्रेस प्रधान अमरजीत सिंह सैदोवाल, पार्षद बलबीर बीरा, कांग्रेसी नेता विकास शर्मा के अलावा स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर दिलप्रीत सिंह कंग मौजूद थे।
‘फौजी बन सका न ही डाक्टर तो सोचा दफा करो..मुल्क ही चलाते हैं’
सैनिक स्कूल परिसर में बच्चों से बातों ही बातों में वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल अपनी जिंदगी के कुछ अनछुए पहलुओं को साझा कर गए। वित्तमंत्री ने कहा कि जब 1962 में मेरा जन्म हुआ तो उस समय जंग लगी हुई थी। उसके बाद 1965 की लड़ाई हुई। घर के माहौल में सेना की बातों ने उन्हें फौजी बनने के लिए उत्सुक कर दिया। जब मां को बताया तो उन्होंने जाने नहीं दिया। फिर सोचा चलो डाक्टर बनते हैं, पहुंचे सर्टिफिकेट लेकर पटियाला। जब वहां पर सर्टिफिकेट जांचे गए तो अधिकारी बोला कि आपके पास तो साइंस स्ट्रीम ही नहीं है, साइंस विषय के बिना तो आप डाक्टर बन ही नहीं सकते हैं। फिर सोचा दफा करो इन्हें, चलो मुल्क ही चलाते हैं और आ गए सियासत में। मनप्रीत बोले, 25 साल से सियासत में हूं, लेकिन आज की सियासत को देखकर बेहद शर्मसार हूूं।
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सैनिक स्कूल के 58वें वार्षिक उत्सव में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे वित्त मंत्री
कहा, सैनिक स्कूल कपूरथला को दो वित्तीय वर्ष में देंगे छह करोड़ की ग्रांट, स्कूल बैंड के लिए दिए 15 लाख रुपये
अमर उजाला ब्यूरो
कपूरथला। वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि पंजाब में एक सैनिक स्कूल नाकाफी है। दूसरे सैनिक स्कूल के लिए केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा जाएगा। सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह खुद पूर्व फौजी हैं और वह एक और सैनिक स्कूल को लेकर बेहद संजीदा हैं। इस मामले को लेकर वे सीएम से विचार-विमर्श करते रहते हैं। बादल सैनिक स्कूल के 58वें वार्षिक उत्सव के बाद मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
वित्त मंत्री ने कहा कि मौजूदा सैनिक स्कूल बेहद कम संसाधनों में उत्तम शिक्षा दे रहा है। प्रिंसिपल ने उन्हें स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर की दयनीय हालात से अवगत करवाया है। यहां आने से पहले उन्हें विधायक राणा गुरजीत सिंह ने सैनिक स्कूल को ग्रांट देने के लिए कहा था। इसलिए वह अगले वित्तीय वर्ष में 3 करोड़ और उससे अगले वित्तीय वर्ष में 3 करोड़ रुपये की ग्रांट भिजवाएंगे। सूबे की नाजुक वित्तीय हालत का हवाला देते हुए बोले कि इससे ज्यादा तो वह अभी नहीं दे सकते।
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केंद्र की ओर से 2020-21 सेशन से लड़कियों के लिए दाखिले के सवाल पर वित्त मंत्री बोले कि यह तो बहुत अच्छी बात है। इससे बहादुर बेटियां भी आर्म्ड फोर्सेस का हिस्सा बनेंगी। उपचुनाव के सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि स्कूल में सियासत की बात न करें।
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इससे पहले समारोह में बोले कि वह कभी भी बच्चे से मिलने वाले आमंत्रण को नहीं ठुकराते। बेेशक, बटाला में कैबिनेट की मीटिंग हैं, लेकिन उन्होंने सीएम कैप्टन से अनुमति ले ली कि वह सैनिक स्कूल जाएंगे।
मुख्य अतिथि मनप्रीत बादल ने 2018-19 में सर्वश्रेष्ठ उपलब्धियों के लिए सीनियर वर्ग में भगत हाउस को ओवरऑल कॉक हाउस ट्राफी देकर सम्मानित किया। जूनियर वर्ग में सुभाष हाउस और नन्हें-मुन्ने बच्चों के रणजीत हाउस को कॉक हाउस ट्राफी से नवाजा। मुख्य अतिथि ने स्कूल के बैंड के लिए 15 लाख रुपये की राशि प्रदान की।
प्रिंसिपल कर्नल विकास मोहन ने बताया कि नेशनल डिफेंस अकादमी (एनडीए) में सबसे ज्यादा कैडेट भेजने के लिए तिलक हाउस को एनडीए ट्राफी से सम्मानित किया जाएगा। प्रिंसिपल ने स्कूल की बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए छह करोड़ की ग्रांट देने का वादा करने पर सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह और वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल का आभार व्यक्त किया। इस मौके पर नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन मनोज भसीन, कांग्रेस प्रधान अमरजीत सिंह सैदोवाल, पार्षद बलबीर बीरा, कांग्रेसी नेता विकास शर्मा के अलावा स्कूल के प्रशासनिक अधिकारी लेफ्टिनेंट कमांडर दिलप्रीत सिंह कंग मौजूद थे।
‘फौजी बन सका न ही डाक्टर तो सोचा दफा करो..मुल्क ही चलाते हैं’
सैनिक स्कूल परिसर में बच्चों से बातों ही बातों में वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल अपनी जिंदगी के कुछ अनछुए पहलुओं को साझा कर गए। वित्तमंत्री ने कहा कि जब 1962 में मेरा जन्म हुआ तो उस समय जंग लगी हुई थी। उसके बाद 1965 की लड़ाई हुई। घर के माहौल में सेना की बातों ने उन्हें फौजी बनने के लिए उत्सुक कर दिया। जब मां को बताया तो उन्होंने जाने नहीं दिया। फिर सोचा चलो डाक्टर बनते हैं, पहुंचे सर्टिफिकेट लेकर पटियाला। जब वहां पर सर्टिफिकेट जांचे गए तो अधिकारी बोला कि आपके पास तो साइंस स्ट्रीम ही नहीं है, साइंस विषय के बिना तो आप डाक्टर बन ही नहीं सकते हैं। फिर सोचा दफा करो इन्हें, चलो मुल्क ही चलाते हैं और आ गए सियासत में। मनप्रीत बोले, 25 साल से सियासत में हूं, लेकिन आज की सियासत को देखकर बेहद शर्मसार हूूं।