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मजदूर को कोरोना टेस्ट के लिए घसीटकर ले गई पुलिस
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जालंधर। पुलिस के मनमाने रवैये से दुखी एक मजदूर ने जमीन पर पटक-पटककर अपना सिर फोड़ लिया। पुलिस वाले मजदूर को घसीटते हुए कोरोना टेस्ट के लिए सेहत विभाग की टीम के हवाले कर रहे थे, पुलिस नाके पर ही टेस्ट करने के लिए खड़ी हुई थी। मजदूर कहता रहा कि उसने कोरोना की दोनों डोज लगवा रखी हैं और टेस्ट करवाने से उसकी दिहाड़ी टूट जाएगी, लेकिन पुलिस अपनी वर्दी के रौब में रही।
फैक्टरी जाते वक्त लाल रतन सिनेमा के पास मोहिंदर रावत को पुलिस ने कोविड टेस्ट के लिए रोक लिया। वह बार-बार कहता रहा कि उसे कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगी हैं। इसके बावजूद पुलिस जबरन उसे घसीटते हुए टेस्ट कराने के लिए ले गई, जिससे वह गुस्से में आ गया और जमीन पर सिर पटकने लगा। मजदूर का सिर फूटा देख लोग भड़क उठे। उन्होंने वहां मौजूद सेहत टीम के साथ भी हाथापाई की। जिसके बाद पुलिस ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। जब मोहिंदर रावत सिर जमीन पर पटक रहा था तो पुलिस वाले ने उसे रोकने के बजाय सिर के नीचे अपना जूता लगा दिया।
बिलखते मोहिंदर ने बताया कि उसे कोविड की दोनों वैक्सीन लगी हुई हैं। उसे कोई लक्षण भी नहीं है। वह काम पर जा रहा है, अगर देरी होगी तो उसकी दिहाड़ी कट जाएगी। इसके बावजूद पुलिस जिद पर अड़ गई। पुलिस ने जबरन उसे साइकिल से उतारा और डॉक्टरों की टीम के पास ले गई। मोहिंदर ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। मौके पर थाना चार के एसएचओ राजेश कुमार पहुंचे, उन्होंने कहा कि पुलिस वालों ने कोई मारपीट नहीं की है। उसे सिर्फ कोरोना टेस्ट कराने के लिए कहा गया था। वह नाके पर तैनात पुलिस कर्मचारियों से बहस करने लगा। जिससे मामला काफी बढ़ गया।
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फैक्टरी जाते वक्त लाल रतन सिनेमा के पास मोहिंदर रावत को पुलिस ने कोविड टेस्ट के लिए रोक लिया। वह बार-बार कहता रहा कि उसे कोविड वैक्सीन की दोनों डोज लगी हैं। इसके बावजूद पुलिस जबरन उसे घसीटते हुए टेस्ट कराने के लिए ले गई, जिससे वह गुस्से में आ गया और जमीन पर सिर पटकने लगा। मजदूर का सिर फूटा देख लोग भड़क उठे। उन्होंने वहां मौजूद सेहत टीम के साथ भी हाथापाई की। जिसके बाद पुलिस ने बीच बचाव कर मामला शांत कराया। जब मोहिंदर रावत सिर जमीन पर पटक रहा था तो पुलिस वाले ने उसे रोकने के बजाय सिर के नीचे अपना जूता लगा दिया।
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बिलखते मोहिंदर ने बताया कि उसे कोविड की दोनों वैक्सीन लगी हुई हैं। उसे कोई लक्षण भी नहीं है। वह काम पर जा रहा है, अगर देरी होगी तो उसकी दिहाड़ी कट जाएगी। इसके बावजूद पुलिस जिद पर अड़ गई। पुलिस ने जबरन उसे साइकिल से उतारा और डॉक्टरों की टीम के पास ले गई। मोहिंदर ने पुलिस पर मारपीट के आरोप लगाए हैं। मौके पर थाना चार के एसएचओ राजेश कुमार पहुंचे, उन्होंने कहा कि पुलिस वालों ने कोई मारपीट नहीं की है। उसे सिर्फ कोरोना टेस्ट कराने के लिए कहा गया था। वह नाके पर तैनात पुलिस कर्मचारियों से बहस करने लगा। जिससे मामला काफी बढ़ गया।
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