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सिविल अस्पताल में नर्सों की हड़ताल, मरीज हो रहे बेहाल, नर्सों ने कहा, सेहत मंत्री व डिप्टी सीएम भी नहीं कर पाए उनकी समस्या का समाधान

Sun, 02 Jan 2022 04:15 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Sun, 02 Jan 2022 04:15 PM IST
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Nurses strike in civil hospital, patients are getting helpless
जालंधर। लंबित मांगों को लेकर सिविल अस्पताल में हड़ताल पर चल रही नर्सों का प्रदर्शन खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। इन नर्सों ने रविवार को अपनी हड़ताल जारी रखी और अस्पताल परिसर में राज्य सरकार के खिलाफ रोष प्रदर्शन भी किया। हड़ताल पर चल रहीं नर्सों ने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों को नजरंदाज कर रही है, इस कारण उन्हें हड़ताल करनी पड़ रही है।
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प्रदर्शन के दौरान नर्सिंग एसोसिएशन की प्रधान कांता कुमारी ने कहा कि वह अपनी मांगों को लेकर विधायकों व सांसद से मिल चुके हैं, लेकिन उनकी मांगों का कोई हल नहीं निकला है। पहले सेहत मंत्री बलबीर सिंह व उसके बाद डिप्टी सीएम ओपी सोनी ने समस्या का समाधान करने का आश्वासन दिया था, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला है। उनका वेतनमान 4600 से कम कर 3200 कर दिए गया।
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नर्सों को अलाउंस भी नहीं मिल रहे हैं और पदनाम बदलने की मांग भी पूरी नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि सरकार जान बूझकर उनकी मांगों को नजरंदाज कर रही है। जब तक सरकार मांगों को नहीं मानती तब तक धरना प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी जायज मांगें नहीं मान रही है, जिसका खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में अगर मांगों को नहीं माना गया तो संघर्ष तेज किया जाएगा। उधर, दूसरी तरफ हड़ताल होने के कारण मरीजों को भी परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में मरीजों को सही देखभाल नहीं मिल रही है, जिसके कारण मरीज दूसरे अस्पतालों में अपना इलाज करवाने को मजबूर हो रहे हैं।
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