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इंश्योरेंस के लिए करवाई एनआरआई भाई की हत्या
जालंधर।
Updated Thu, 24 Jul 2014 11:01 PM IST
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कमिश्नरेट पुलिस ने 18 जनवरी वर्ष 2014 को जालंधर के अवतार नगर में आतंकवादी मोहिंदर सिंह टीटू और उसकी प्रेमिका की हत्या के आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ की तो एक और हत्या का खुलासा हुआ। फगवाड़ा के रहने वाले आरोपी रेशम सिंह ने इंश्योरेंस के साढ़े तीन करोड़ रुपये के लिए पहले अपने एनआरआई भाई को मौत के घाट उतवाया जब किलर ने सुपारी के पैसे मांगे तो उसने उसे भी मार दिया।
कमिश्नर ऑफ पुलिस कुंवर विजय प्रताप सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि एडीसीपी क्राइम सतपाल भंगू, एडीसीपी सिटी परमिंदर भंडाल के नेतृत्व में टीमें जांच कर रही थी। जांच के आधार पर पुलिस ने सुशील जोशी के पति राजेश जोशी और फगवाड़ा के रहने वाले रेशम सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
कमिश्नर कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि रेशम सिंह और राजेश जोशी ने पूछताछ में बताया कि रेशम सिंह ने अपने भाई जगीर सिंह की हत्या कर करोड़ों रुपये हड़पने की योजना बनाई थी। योजना के मुताबिक रेशम सिंह ने वर्ष 2011 में राजेश जोशी निवासी जालंधर की मदद ली और कहा कि उसके भाई का इंश्योरेंस करवाने में वह उसकी मदद करे। राजेश व रेशम सिंह ने मिलकर जगीर सिंह का 3.5 करोड़ का इंश्योरेंस अलग-अलग कंपनियों से करवाया। इसके बाद उन्होंने जगीर सिंह की हत्या की योजना बनाई।
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उन्होंने रेत के लिए ट्राला खरीदा और उसके साथ तीन श्रमिक लगाए गए। उन्होंने श्रमिकों को दो-दो लाख रुपये देने का लालच देकर जगीर सिंह को ट्रक के नीचे कुचलने को कहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसलिए रेशम सिंह को ही आगे आना पड़ा। उसके घर आतंकवादी मोहिंदर सिंह टीटू का आना जाना था। राजेश ने उसे इस काम के लिए तैयार कर 10 लाख में सौदा तय कर लिया। योजना के मुताबिक 30 मई 2013 को काहनूवान इलाके में उसने जगीर सिंह को ट्रक से कुचल दिया और भाग निकला।
पठानकोट की काहनूवान पुलिस ने हिट एंड रन का केस दर्ज कर फाइल बंद कर दी। इसके बाद उसने इंश्योरेंस की रकम के लिए प्रयास शुरू कर दिए। टीटू ने रेशम से पांच लाख रुपये ले लिए थे और वह पांच लाख और मांग रहा था। रेशम सिंह ने बाकी की रकम इंश्योरेंस की राशि मिलने पर अदा करने की बात कही लेकिन टीटू उसे धमकी दे रहा था।
इसपर रेशम ने उसकी हत्या का फैसला कर लिया। 18 जनवरी को रेशम सिंह फगवाड़ा से जालंधर पहुंचा और सीधा राजेश जोशी के घर गया। टीटू व राजेश की पत्नी सुशील जोशी घर में अकेले थे। रेशम ने टीटू की रिवॉल्वर निकालकर दोनों की हत्या कर दी और रिवॉल्वर वहीं फेंककर चला गया।
पठानकोट पुलिस दोबारा खोलेगी केस
कमिंश्नर कुंवर विजय प्रताप ने बताया कि जगीर सिंह की हत्या को दुर्घटना बनाया गया था इसलिए इस केस की फाइल को दोबारा खोला जा रहा है। उन्होंने पठानकोट के पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया है कि वह जगीर सिंह की फाइल लेकर उनके पास आए ताकि केस को दोबारा ओपन किया जा सके।
टीटू पर टाडा समेत हत्या के मामले दर्ज थे
मोहिंदर सिंह टीटू पर टाडा और हत्या तक के मामले दर्ज थे। एडीसीपी भंडाल के मुताबिक टीटू का आपराधिक रिकार्ड रहा है। वह कई बार जेल भी जा चुका था। उसपर तहसीलदार के पिता को गोली मारकर हत्या करने का भी केस दर्ज है। टीटू को नियमानुसार लाइसेंसी पिस्टल नहीं मिल सकता। पुलिस अब इस जांच में लगी है कि यह पिस्टल किसका है और टीटू के पास कहां से आया?
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कमिश्नर ऑफ पुलिस कुंवर विजय प्रताप सिंह ने प्रेसवार्ता में बताया कि एडीसीपी क्राइम सतपाल भंगू, एडीसीपी सिटी परमिंदर भंडाल के नेतृत्व में टीमें जांच कर रही थी। जांच के आधार पर पुलिस ने सुशील जोशी के पति राजेश जोशी और फगवाड़ा के रहने वाले रेशम सिंह को गिरफ्तार कर लिया।
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कमिश्नर कुंवर विजय प्रताप सिंह ने बताया कि रेशम सिंह और राजेश जोशी ने पूछताछ में बताया कि रेशम सिंह ने अपने भाई जगीर सिंह की हत्या कर करोड़ों रुपये हड़पने की योजना बनाई थी। योजना के मुताबिक रेशम सिंह ने वर्ष 2011 में राजेश जोशी निवासी जालंधर की मदद ली और कहा कि उसके भाई का इंश्योरेंस करवाने में वह उसकी मदद करे। राजेश व रेशम सिंह ने मिलकर जगीर सिंह का 3.5 करोड़ का इंश्योरेंस अलग-अलग कंपनियों से करवाया। इसके बाद उन्होंने जगीर सिंह की हत्या की योजना बनाई।
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उन्होंने रेत के लिए ट्राला खरीदा और उसके साथ तीन श्रमिक लगाए गए। उन्होंने श्रमिकों को दो-दो लाख रुपये देने का लालच देकर जगीर सिंह को ट्रक के नीचे कुचलने को कहा लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इसलिए रेशम सिंह को ही आगे आना पड़ा। उसके घर आतंकवादी मोहिंदर सिंह टीटू का आना जाना था। राजेश ने उसे इस काम के लिए तैयार कर 10 लाख में सौदा तय कर लिया। योजना के मुताबिक 30 मई 2013 को काहनूवान इलाके में उसने जगीर सिंह को ट्रक से कुचल दिया और भाग निकला।
पठानकोट की काहनूवान पुलिस ने हिट एंड रन का केस दर्ज कर फाइल बंद कर दी। इसके बाद उसने इंश्योरेंस की रकम के लिए प्रयास शुरू कर दिए। टीटू ने रेशम से पांच लाख रुपये ले लिए थे और वह पांच लाख और मांग रहा था। रेशम सिंह ने बाकी की रकम इंश्योरेंस की राशि मिलने पर अदा करने की बात कही लेकिन टीटू उसे धमकी दे रहा था।
इसपर रेशम ने उसकी हत्या का फैसला कर लिया। 18 जनवरी को रेशम सिंह फगवाड़ा से जालंधर पहुंचा और सीधा राजेश जोशी के घर गया। टीटू व राजेश की पत्नी सुशील जोशी घर में अकेले थे। रेशम ने टीटू की रिवॉल्वर निकालकर दोनों की हत्या कर दी और रिवॉल्वर वहीं फेंककर चला गया।
पठानकोट पुलिस दोबारा खोलेगी केस
कमिंश्नर कुंवर विजय प्रताप ने बताया कि जगीर सिंह की हत्या को दुर्घटना बनाया गया था इसलिए इस केस की फाइल को दोबारा खोला जा रहा है। उन्होंने पठानकोट के पुलिस अधिकारियों को आदेश दिया है कि वह जगीर सिंह की फाइल लेकर उनके पास आए ताकि केस को दोबारा ओपन किया जा सके।
टीटू पर टाडा समेत हत्या के मामले दर्ज थे
मोहिंदर सिंह टीटू पर टाडा और हत्या तक के मामले दर्ज थे। एडीसीपी भंडाल के मुताबिक टीटू का आपराधिक रिकार्ड रहा है। वह कई बार जेल भी जा चुका था। उसपर तहसीलदार के पिता को गोली मारकर हत्या करने का भी केस दर्ज है। टीटू को नियमानुसार लाइसेंसी पिस्टल नहीं मिल सकता। पुलिस अब इस जांच में लगी है कि यह पिस्टल किसका है और टीटू के पास कहां से आया?