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ऑक्सीजन प्लांट न लगाने वाले अस्पतालों को नोटिस
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जालंधर। ऑक्सीजन प्लांट न लगाने वाले सभी अस्पतालों को प्रशासन ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। इन अस्पतालों को साफ तौर पर कहा गया है कि आदेशों की अवहेलना करने वालों का लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा खपत करने वाले कुछ अस्पतालों को जिला प्रशासन ने खुद के ऑक्सीजन प्लांट लगाने के आदेश दिए थे। जिले के जिन 7 अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने के आदेश दिए गए थे उनमें शरणजीत अस्पताल, किडनी अस्पताल, सिक्का अस्पताल, ऑक्सफोर्ड अस्पताल, घई अस्पताल, न्यूरोनोवा अस्पताल व केयरमैक्स अस्पताल शामिल हैं। इन आदेशों के बाद भी इन अस्पतालों ने ऑक्सीजन प्लांट लगाने संबंधी कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है।
ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई तो अस्पताल होगा जिम्मेदार
डीसी घनश्याम थोरी का कहना है कि ऑक्सीजन जरूरत को पूरा करने हेतु प्लांट लगाने के लिए इन अस्पतालों ने कोई कोशिश नहीं की। इसलिए अगर यह प्रशासन की गाइडलाइन को नहीं मानेंगे तो प्रशासन सेहत विभाग को इनके कोविड केयर फैसेलिटीज लाइसेंस रद्द करने के लिए लिखेगा। इसके अलावा अगर इन सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत होती है तो इसके लिए भी इन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
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कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की सबसे ज्यादा खपत करने वाले कुछ अस्पतालों को जिला प्रशासन ने खुद के ऑक्सीजन प्लांट लगाने के आदेश दिए थे। जिले के जिन 7 अस्पतालों को ऑक्सीजन प्लांट लगाने के आदेश दिए गए थे उनमें शरणजीत अस्पताल, किडनी अस्पताल, सिक्का अस्पताल, ऑक्सफोर्ड अस्पताल, घई अस्पताल, न्यूरोनोवा अस्पताल व केयरमैक्स अस्पताल शामिल हैं। इन आदेशों के बाद भी इन अस्पतालों ने ऑक्सीजन प्लांट लगाने संबंधी कोई कार्रवाई शुरू नहीं की है।
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ऑक्सीजन की कमी से मौत हुई तो अस्पताल होगा जिम्मेदार
डीसी घनश्याम थोरी का कहना है कि ऑक्सीजन जरूरत को पूरा करने हेतु प्लांट लगाने के लिए इन अस्पतालों ने कोई कोशिश नहीं की। इसलिए अगर यह प्रशासन की गाइडलाइन को नहीं मानेंगे तो प्रशासन सेहत विभाग को इनके कोविड केयर फैसेलिटीज लाइसेंस रद्द करने के लिए लिखेगा। इसके अलावा अगर इन सभी अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी से किसी की मौत होती है तो इसके लिए भी इन्हें ही जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
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