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आठ कॉलेजों में शिफ्ट हुए एमबीबीएस के 141 विद्यार्थी
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Mon, 28 Mar 2016 10:43 PM IST
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राज्य के मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग व बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी ने पठानकोट के चिंतपूर्णी मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस फाइनल ईयर से संबंधित 141 विद्यार्थियों को पंजाब के 8 मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने की मंजूरी दी है।
संसाधनों के अभाव से जूझ रहे पठानकोट के मेडिकल कॉलेज के ये विद्यार्थी लंबे समय से खुद को अन्य मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने की मांग कर रहे थे। पठानकोट मेडिकल कॉलेज के इन विद्यार्थियों के मसले को लेकर सोमवार को बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी में आयोजित एक उच्च स्तरीय मीटिंग के दौरान यह अहम फैसला लिया गया। मीटिंग में डायरेक्टर मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग पंजाब, बाबा फरीद विवि के वीसी, रजिस्ट्रार समेत 8 में से 7 मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल व मुखियों ने भाग लिया। मीटिंग के दौरान पठानकोट कॉलेज के सभी 141 एमबीबीएस विद्यार्थियों को शर्तों के आधार पर राज्य के तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों समेत 5 निजी कॉलेजों में समायोजित करने का फैसला किया गया।
शर्तों के तहत इन विद्यार्थियों को कोई भी कॉलेज हॉस्टल उपलब्ध नहीं करवाएगा और इन्हें अपने स्तर पर ही रहने का इंतजाम करना होगा। साथ ही एमबीबीएस का फाइनल ईयर पूरा करने के उपरांत एक साल की इंटरनशिप के दौरान उन्हें उस समय तक कोई मान भत्ता भी नहीं मिलेगा जब तक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की तरफ से पठानकोट कॉलेज की तरफ से जमा करवाई गई 10 करोड़ रुपये की राशि पंजाब सरकार को जारी नहीं की जाती। यह राशि पठानकोट कॉलेज ने पिछले साल सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों पर संसाधन उपलब्ध करवाने में नाकाम रहने के चलते एमसीआई के पास इंडोमेंट फंड के रूप में जमा करवाई थी। बाबा फरीद विवि के वीसी डॉ. राज बहादुर ने बताया कि मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग के सचिव ने एमसीआई को पत्र लिखकर 10 करोड़ के इंडोमेंट फंड को पंजाब सरकार के पास ट्रांसफर करने की मांग की है ताकि इस पैसा का इन 141 विद्यार्थियों की फीस, पढ़ाई और ट्रेनिंग पर खर्च किया जा सके।
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साल 2011 बैच के यह विद्यार्थी पहले ही पूरा कोर्स की फीस पठानकोट कॉलेज को अदा कर चुके हैं और ऐसे में नए कॉलेजों को इनकी फीस भी इंडोमेंट फंड में से ही अदा की जाएगी। विवि के अनुसार 141 विद्यार्थियों में से 26-26 विद्यार्थियों को क्रमवार सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर व पटियाला और 15 को स्थानीय गुरु गोबिंद सिंह सरकारी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा लुधियाना के सीएमसी व डीएमसी में 10-10 और बनूड़ के ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज, अमृतसर के गुरु रामदास कॉलेज और बठिंडा के आदेश मेडिकल कॉलेज में 18-18 विद्यार्थी शिफ्ट किए गए हैं। शिफ्टिंग को लेकर आयोजित मीटिंग में ज्ञान सागर कॉलेज का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। इस कॉलेज का स्टाफ पिछले एक माह से वेतन को लेकर हड़ताल पर चल रहा है।
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संसाधनों के अभाव से जूझ रहे पठानकोट के मेडिकल कॉलेज के ये विद्यार्थी लंबे समय से खुद को अन्य मेडिकल कॉलेजों में शिफ्ट करने की मांग कर रहे थे। पठानकोट मेडिकल कॉलेज के इन विद्यार्थियों के मसले को लेकर सोमवार को बाबा फरीद मेडिकल यूनिवर्सिटी में आयोजित एक उच्च स्तरीय मीटिंग के दौरान यह अहम फैसला लिया गया। मीटिंग में डायरेक्टर मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग पंजाब, बाबा फरीद विवि के वीसी, रजिस्ट्रार समेत 8 में से 7 मेडिकल कॉलेजों के प्रिंसिपल व मुखियों ने भाग लिया। मीटिंग के दौरान पठानकोट कॉलेज के सभी 141 एमबीबीएस विद्यार्थियों को शर्तों के आधार पर राज्य के तीनों सरकारी मेडिकल कॉलेजों समेत 5 निजी कॉलेजों में समायोजित करने का फैसला किया गया।
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शर्तों के तहत इन विद्यार्थियों को कोई भी कॉलेज हॉस्टल उपलब्ध नहीं करवाएगा और इन्हें अपने स्तर पर ही रहने का इंतजाम करना होगा। साथ ही एमबीबीएस का फाइनल ईयर पूरा करने के उपरांत एक साल की इंटरनशिप के दौरान उन्हें उस समय तक कोई मान भत्ता भी नहीं मिलेगा जब तक मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया (एमसीआई) की तरफ से पठानकोट कॉलेज की तरफ से जमा करवाई गई 10 करोड़ रुपये की राशि पंजाब सरकार को जारी नहीं की जाती। यह राशि पठानकोट कॉलेज ने पिछले साल सुप्रीम कोर्ट की हिदायतों पर संसाधन उपलब्ध करवाने में नाकाम रहने के चलते एमसीआई के पास इंडोमेंट फंड के रूप में जमा करवाई थी। बाबा फरीद विवि के वीसी डॉ. राज बहादुर ने बताया कि मेडिकल शिक्षा व खोज विभाग के सचिव ने एमसीआई को पत्र लिखकर 10 करोड़ के इंडोमेंट फंड को पंजाब सरकार के पास ट्रांसफर करने की मांग की है ताकि इस पैसा का इन 141 विद्यार्थियों की फीस, पढ़ाई और ट्रेनिंग पर खर्च किया जा सके।
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साल 2011 बैच के यह विद्यार्थी पहले ही पूरा कोर्स की फीस पठानकोट कॉलेज को अदा कर चुके हैं और ऐसे में नए कॉलेजों को इनकी फीस भी इंडोमेंट फंड में से ही अदा की जाएगी। विवि के अनुसार 141 विद्यार्थियों में से 26-26 विद्यार्थियों को क्रमवार सरकारी मेडिकल कॉलेज अमृतसर व पटियाला और 15 को स्थानीय गुरु गोबिंद सिंह सरकारी मेडिकल कॉलेज में शिफ्ट किया गया है। इसके अलावा लुधियाना के सीएमसी व डीएमसी में 10-10 और बनूड़ के ज्ञान सागर मेडिकल कॉलेज, अमृतसर के गुरु रामदास कॉलेज और बठिंडा के आदेश मेडिकल कॉलेज में 18-18 विद्यार्थी शिफ्ट किए गए हैं। शिफ्टिंग को लेकर आयोजित मीटिंग में ज्ञान सागर कॉलेज का कोई प्रतिनिधि शामिल नहीं हुआ। इस कॉलेज का स्टाफ पिछले एक माह से वेतन को लेकर हड़ताल पर चल रहा है।