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जाट आंदोलन के विरोध में जाट सिख काउंसिल
ब्यूरो/अमर उजाला, जालंधर
Updated Sun, 21 Feb 2016 10:03 PM IST
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हरियाणा में जाट आंदोलन को जाट सिख काउंसिल ने गलत ठहराया है। काउंसिल का कहना है कि हालांकि उनकी मांगें जायज हैं, लेकिन इन मांगों की आड़ में इस तरह का उत्पात मचाना गलत है।
जाट सिख काउंसिल के गवर्निंग सचिव सुखविंदर सिंह लाली, सरभदयाल सिंह रंधावा ने रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि हरियाणा में जाट समुदाय की ओर से जो लोगों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को भी जाटों की मांगों को मान लेना चाहिए।
हालांकि उन्होंने इन मांगों में मात्र 5 एकड़ से कम जमीन वाले जाट को ही शामिल करने की वकालत की। लाली ने कहा कि अगर कोई जाट 5 एकड़ या उससे अधिक जमीन का मालिक है, तो उसे आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज के समय में सरकारों की गलत नीतियों के कारण किसान खुदकुशी कर रहे हैं।
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सरकार को इस तरह का माहौल तैयार करना चाहिए कि किसान, जमींदार खुशी से अपने काम को अंजाम दे सकें। वहीं वर्तमान में या तो किसान इस धंधे को छोड़ रहे हैं या फिर खुदकुशी का रास्ता अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, जमींदारों के लिए नहीं बड़ी कंपनियों व ट्रेडरों के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम हरियाणा के जाट समुदाय के साथ हैं, लेकिन उनसे अपील है कि वे अपना विरोध शांतमयी ढंग से सरकार के सामने रखें।
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जाट सिख काउंसिल के गवर्निंग सचिव सुखविंदर सिंह लाली, सरभदयाल सिंह रंधावा ने रविवार को प्रेसवार्ता के दौरान कहा कि हरियाणा में जाट समुदाय की ओर से जो लोगों और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया जा रहा है, वह ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि सरकार को भी जाटों की मांगों को मान लेना चाहिए।
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हालांकि उन्होंने इन मांगों में मात्र 5 एकड़ से कम जमीन वाले जाट को ही शामिल करने की वकालत की। लाली ने कहा कि अगर कोई जाट 5 एकड़ या उससे अधिक जमीन का मालिक है, तो उसे आरक्षण नहीं मिलना चाहिए। उन्होंने सरकारों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि आज के समय में सरकारों की गलत नीतियों के कारण किसान खुदकुशी कर रहे हैं।
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सरकार को इस तरह का माहौल तैयार करना चाहिए कि किसान, जमींदार खुशी से अपने काम को अंजाम दे सकें। वहीं वर्तमान में या तो किसान इस धंधे को छोड़ रहे हैं या फिर खुदकुशी का रास्ता अपना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सरकार किसानों, जमींदारों के लिए नहीं बड़ी कंपनियों व ट्रेडरों के लिए काम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि हम हरियाणा के जाट समुदाय के साथ हैं, लेकिन उनसे अपील है कि वे अपना विरोध शांतमयी ढंग से सरकार के सामने रखें।