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Jalandhar News: दूसरे राज्यों के युवाओं को इस्तेमाल कर पंजाब का मौहाल बिगाड़ने की साजिश में जुटी आईएसआई
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-पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी युवाओं को दे रही पैसों का लालच, गिरफ्तार किए पांच में से चार दूसरे राज्यों के
-- -
विकास मल्होत्रा
लुधियाना। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाती रहती है। अब पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने नया ट्रेंड अपनाया है। वह सरहदी राज्यों में शांति भंग करवाने के लिए उसी राज्य के लोगों को नहीं बल्कि बाहरी राज्यों से नौजवानों को हायर कर रही है।
पंजाब में जब भी कोई आतंकी गतिविधियों में काबू किया जाता था तो उसका संपर्क कहीं न कहीं खालिस्तान से होता था लेकिन इस बार आईएसआई ने नया पैंतरा चलने की कोशिश की है। भारत के ही अन्य राज्यों के नौजवानों को पैसे का लालच देकर उन्हें हायर किया जा रहा है और पंजाब में आतंक फैलाने की साजिश रची जा रही है। लुधियाना पुलिस ने वीरवार को जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था उनमें से दो राजस्थान, एक हरियाणा और एक बिहार से है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यह एक नया और खतरनाक ट्रेंड है जिसमें पाकिस्तान-स्थित हैंडलर अन्य राज्यों के अपराधियों को पंजाब में आतंकी गतिविधियां करने के लिए भर्ती कर रहे हैं, ताकि वे पहचान से बच सकें।
आपराधिक रिकॉर्ड वाले नौजवानों को दे रहे लालच
आईएसआई अपने सूत्र लगाकर भारत में उन नौजवानों का पता लगाती है जिसके खिलाफ पहले कई आपराधिक मामले दर्ज है। बिहार के हर्ष ओझा के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। वह पहले भी कई एजेंसियों के लिए पैसे लेकर गोलियां चला चुका है। हर्ष ओझा ग्रेनेड चलाने में माहिर है। हैंडलर पाकिस्तान से सीधे हर्ष ओझा के साथ संपर्क किया और उसे पैसे का लालच देने के साथ साथ नशे का लालच दिया गया। हर्ष ने ही राजस्थान के दोनों आरोपी राम लाल और दीपू के साथ संपर्क कराया। हैंडलर आरोपियों से एक ही नंबर से वर्चुअल कॉल के जरिये संपर्क करता था और अलग अलग आदेश देता था। राम लाल और दीपू को लुधियाना में हैंड ग्रेनेड एक्सचेंज करने के लिए बुलाया गया था। दोनों दो दिन से लुधियाना में ही रह रहे थे। दोनों ने पूरी तरह से रेकी की और किसी को पता भी नहीं चलने दिया। दोनों ने अपने किसी जानकार से बाइक ली और हैंड ग्रेनेड लेने के लिए पहुंच गए। मगर पुलिस पहले ही ट्रैप लगाकर खड़ी थी। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। जब नहीं रुके तो पुलिस ने पीछा किया। इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस पर गोलियां चला दी।
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आरोपी शमशेर से पूछताछ के बाद हाथ आए बाकी
आरोपी शमशेर सिंह के बारे में इनपुट्स मिले थे जिसके बाद काउंटर इंटेलीजेंस के साथ एक टीम ने काम किया तो पता चला कि आरोपी शमशेर सिंह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाला जसबीर उर्फ चौधरी के संपर्क में है। जसबीर उर्फ चौधरी का संपर्क शमशेर सिंह के दोस्त के साथ था। उसी ने शमशेर सिंह के साथ उसका संपर्क कराया था। उन्हें पता था कि शमशेर सिंह नशा करने का आदी है और आरोपियों ने उसे नशा करने के साथ साथ पैसे का भी लालच दिया। नशे का आदी शमशेर सिंह बाॅर्डर एरिया में भी रेकी करने के लिए गया। फिर उसे मनाया गया और वह दो तीन बार बिना हैंड ग्रेनेड लेने के लिए गया लेकिन उसे वापस आना पड़ा। चौथी बार उसे हैंड ग्रेनेड मिला। उसने इसे हर्ष और अजय को देना था।
बड़ी वारदात को देना था अंजाम, यू ट्यूब से सीखा था हैंड ग्रेनेड चलाना
पुलिस के मुताबिक हैंड ग्रेनेड तो पुलिस ने आरोपी शमशेर सिंह और दोनों आरोपियों से बरामद कर लिए थे। अब पुलिस आगे की जांच करने में जुटी थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी हैंड ग्रेनेड लेकर आगे जाते और उसके बाद उन्होंने पाकिस्तान बैठे अपने आका को जानकारी देनी थी और आगे का आदेश मिलने के बाद उसे कब कहां और कैसे ब्लास्ट करना है इसका आदेश मिलना था। सभी ने अलग अलग जगहों पर ब्लास्ट करना था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपियों ने यू ट्यूब से सीखा था कि हैंड ग्रेनेड कैसे चलाना है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने कहा कि आरोपी दो दिन से लुधियाना में थे। दो दिन तक वह कहां रहे इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
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विकास मल्होत्रा
लुधियाना। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई भारत में आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए तरह तरह के हथकंडे अपनाती रहती है। अब पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ने नया ट्रेंड अपनाया है। वह सरहदी राज्यों में शांति भंग करवाने के लिए उसी राज्य के लोगों को नहीं बल्कि बाहरी राज्यों से नौजवानों को हायर कर रही है।
पंजाब में जब भी कोई आतंकी गतिविधियों में काबू किया जाता था तो उसका संपर्क कहीं न कहीं खालिस्तान से होता था लेकिन इस बार आईएसआई ने नया पैंतरा चलने की कोशिश की है। भारत के ही अन्य राज्यों के नौजवानों को पैसे का लालच देकर उन्हें हायर किया जा रहा है और पंजाब में आतंक फैलाने की साजिश रची जा रही है। लुधियाना पुलिस ने वीरवार को जिन पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था उनमें से दो राजस्थान, एक हरियाणा और एक बिहार से है। पुलिस कमिश्नर ने कहा कि यह एक नया और खतरनाक ट्रेंड है जिसमें पाकिस्तान-स्थित हैंडलर अन्य राज्यों के अपराधियों को पंजाब में आतंकी गतिविधियां करने के लिए भर्ती कर रहे हैं, ताकि वे पहचान से बच सकें।
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आपराधिक रिकॉर्ड वाले नौजवानों को दे रहे लालच
आईएसआई अपने सूत्र लगाकर भारत में उन नौजवानों का पता लगाती है जिसके खिलाफ पहले कई आपराधिक मामले दर्ज है। बिहार के हर्ष ओझा के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं। वह पहले भी कई एजेंसियों के लिए पैसे लेकर गोलियां चला चुका है। हर्ष ओझा ग्रेनेड चलाने में माहिर है। हैंडलर पाकिस्तान से सीधे हर्ष ओझा के साथ संपर्क किया और उसे पैसे का लालच देने के साथ साथ नशे का लालच दिया गया। हर्ष ने ही राजस्थान के दोनों आरोपी राम लाल और दीपू के साथ संपर्क कराया। हैंडलर आरोपियों से एक ही नंबर से वर्चुअल कॉल के जरिये संपर्क करता था और अलग अलग आदेश देता था। राम लाल और दीपू को लुधियाना में हैंड ग्रेनेड एक्सचेंज करने के लिए बुलाया गया था। दोनों दो दिन से लुधियाना में ही रह रहे थे। दोनों ने पूरी तरह से रेकी की और किसी को पता भी नहीं चलने दिया। दोनों ने अपने किसी जानकार से बाइक ली और हैंड ग्रेनेड लेने के लिए पहुंच गए। मगर पुलिस पहले ही ट्रैप लगाकर खड़ी थी। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचे तो पुलिस ने उन्हें रुकने का इशारा किया। जब नहीं रुके तो पुलिस ने पीछा किया। इसी दौरान आरोपियों ने पुलिस पर गोलियां चला दी।
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आरोपी शमशेर से पूछताछ के बाद हाथ आए बाकी
आरोपी शमशेर सिंह के बारे में इनपुट्स मिले थे जिसके बाद काउंटर इंटेलीजेंस के साथ एक टीम ने काम किया तो पता चला कि आरोपी शमशेर सिंह पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए काम करने वाला जसबीर उर्फ चौधरी के संपर्क में है। जसबीर उर्फ चौधरी का संपर्क शमशेर सिंह के दोस्त के साथ था। उसी ने शमशेर सिंह के साथ उसका संपर्क कराया था। उन्हें पता था कि शमशेर सिंह नशा करने का आदी है और आरोपियों ने उसे नशा करने के साथ साथ पैसे का भी लालच दिया। नशे का आदी शमशेर सिंह बाॅर्डर एरिया में भी रेकी करने के लिए गया। फिर उसे मनाया गया और वह दो तीन बार बिना हैंड ग्रेनेड लेने के लिए गया लेकिन उसे वापस आना पड़ा। चौथी बार उसे हैंड ग्रेनेड मिला। उसने इसे हर्ष और अजय को देना था।
बड़ी वारदात को देना था अंजाम, यू ट्यूब से सीखा था हैंड ग्रेनेड चलाना
पुलिस के मुताबिक हैंड ग्रेनेड तो पुलिस ने आरोपी शमशेर सिंह और दोनों आरोपियों से बरामद कर लिए थे। अब पुलिस आगे की जांच करने में जुटी थी। पुलिस के मुताबिक आरोपी हैंड ग्रेनेड लेकर आगे जाते और उसके बाद उन्होंने पाकिस्तान बैठे अपने आका को जानकारी देनी थी और आगे का आदेश मिलने के बाद उसे कब कहां और कैसे ब्लास्ट करना है इसका आदेश मिलना था। सभी ने अलग अलग जगहों पर ब्लास्ट करना था। पुलिस कमिश्नर ने बताया कि आरोपियों ने यू ट्यूब से सीखा था कि हैंड ग्रेनेड कैसे चलाना है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा ने कहा कि आरोपी दो दिन से लुधियाना में थे। दो दिन तक वह कहां रहे इसके बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।