फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   Jalandhar News ›   goodwill rally boosted enthusiasm in the SAD workers

सद्भावना रैली ने शिअद वर्करों में बढ़ाया उत्साह

Tue, 24 Nov 2015 02:26 PM IST
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंध्ार
सुरिंदर पाल/अमर उजाला, जालंध्ार Updated Tue, 24 Nov 2015 02:26 PM IST
विज्ञापन
goodwill rally boosted enthusiasm in the SAD workers
बठिंडा में सद्भावना रैली के जरिये पंजाब के डिप्टी सीएम व शिअद प्रमुख सुखबीर सिंह बादल ने एक तीर से दो शिकार किए हैं।
विज्ञापन


उन्होंने रैली में भाजपा को साथ लेकर केंद्र व जनता में अपना विश्वास जीतने की पूरी कोशिश की। रैली से उन्होंने सरबत खालसा विवाद के बाद उन लोगों की जुबान बंद करने का प्रयास भी किया जो पंजाब में शिअद का जनाधार खिसकने की बात कर रहे थे।

बेशक रैली को सफल बनाने के लिए सरकारी तंत्र और शिअद ने पूरी ताकत झोंक दी, लेकिन इससे शिअद वर्करों में नए सिरे से उत्साह दिखा है।

मालवा में सफल सद्भावना रैली के बाद शिअद का अगला पड़ाव दोआबा है। चार दिसबंर को नकोदर में सद्भावना रैली की तैयारियां पार्टी ने अभी से शुरू कर दी हैं।

नकोदर में शिअद के विधायक गुरप्रताप सिंह वडाला हैं। सुखबीर ने दिग्गज मंत्री अजीत सिंह कोहाड़ को मैदान में उतार दिया है।

पंजाब में श्री गुरू ग्रंथ साहिब की बेअदबी और उससे पहले श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से डेरामुखी संत गुरमीत राम रहीम को अचानक माफी दिए जाने की घटना से आहत सिख समुदाय ने जिस तरह से रोष व्यक्त किया था, उससे अकाली दल बैकफुट पर आ गया था।
विज्ञापन


अमृतसर में 10 अक्तूबर को हुए चरमपंथियों के सरबत खालसा में भारी भीड़ देखकर शिअद वर्करों व नेताओं का मनोबल गिरने लगा था। बिगड़े माहौल के कारण शिअद नेता धार्मिक व सामाजिक कार्यक्रमों से दूरी बनाने लगे थे और शिअद के जनाधार गिरने की चर्चा शुरू हो गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


वहीं केंद्र में सत्तासीन भाजपा सरकार भी पंजाब के बिगड़े हालात को लेकर चिंतित थी। भाजपा का प्रदेश नेतृत्व तो केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह से मिलकर उन्हें सूबे के हालात पर रिपोर्ट देकर आया था।

सरबत खालसा को कट्टरपंथियों का सम्मेलन साबित करने में जुटे सुखबीर ने केंद्र सरकार के समक्ष पूरे सबूत रखे थे कि किस तरह वहां अलगाववादी नारे लगाए गए और आतंकी हवारा को जत्थेदार नियुक्त किया गया।


सद्भावना रैली को कामयाब करने के लिए सरकारी मशीनरी ने पूरी ताकत झोंकी। दोआबा व माझा से भारी संख्या में स्कूल बसों को रैली के लिए रवाना किया गया। इतना ही नहीं दोआबा से काफी संख्या में सिविल वर्दी में मुलाजिमों को भी रैली स्थल तक भेजा गया।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed