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वर्षों से चल रहा ट्रैवल एजेंटों का फर्जीवाड़ा, जालंधर से दिल्ली तक नेटवर्क, फर्जी वीजा पर UK भेजे सैकड़ों युवा
Sun, 09 Feb 2025 12:53 PM IST
अंकेश ठाकुर
सुरिंदर पाल, जालंधर
सुरिंदर पाल, जालंधर
Published by: अंकेश ठाकुर
Updated Sun, 09 Feb 2025 12:53 PM IST
सार
पांच जनवरी को अमेरिका से डिपोर्ट होकर लौटे 104 भारतीयों में पंजाब वह हरियाणा के कुल 64 लोग थे। इनमें पंजाब के 30 लोग हैं। यह सभी फर्जी तरीके से अमेरिका के बॉर्डर तक पहुंचे थे। ट्रैवल एजेंटों के झांसे में आकर लाखों रुपये भी खर्च किए थे।
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अमेरिका से डिपोर्ट हुए 104 भारतीय
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
पंजाब में विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों की ठगी का खेल जारी है। इस धंधे में कई ट्रैवल एजेंट चांदी कूट रहे हैं। राज्य से हर साल हजारों युवा विदेश में पढ़ाई और रोजगार का सपना लेकर जाते हैं जो कई बार ठगी का भी शिकार हो जाते हैं। फर्जी दस्तावेजों का खेल बदस्तूर जारी है।
यूके व अमेरिका दूतावास कई बार पंजाब पुलिस को लिखित शिकायत भेज चुका है। पुलिस पत्र पर कार्रवाई तो करती है लेकिन सारा मामला फाइलों में उलझकर रह जाता है। फर्जीवाड़ा करने वाले एजेंट कानून के शिकंजे से आसानी से निकल जाते हैं। खून पसीने से कमाए पैसों को वापस पाने के लिए लोग दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर होते हैं।
जालंधर पुलिस ने लुधियाना के 4 ट्रैवल एजेंटों को गिरफ्तार किया था, ये लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। आरोपियों के कब्जे से 530 के करीब पासपोर्ट और लाखों रुपये की नकदी बरामद की थी। पिछले दिनों अमेरिका दूतावास द्वारा 7 पंजाबी एजेंटों पर एफआईआर दर्ज की गई है, लुधियाना पुलिस ने ठग ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज किया। ट्रैवल एजेंट जाली दस्तावेज लगाकर लोगों को विदेश भेजते थे, मामला फाइलों में उलझा हुआ है।
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यूके व अमेरिका दूतावास कई बार पंजाब पुलिस को लिखित शिकायत भेज चुका है। पुलिस पत्र पर कार्रवाई तो करती है लेकिन सारा मामला फाइलों में उलझकर रह जाता है। फर्जीवाड़ा करने वाले एजेंट कानून के शिकंजे से आसानी से निकल जाते हैं। खून पसीने से कमाए पैसों को वापस पाने के लिए लोग दर-दर की ठोकरें खाने के लिए मजबूर होते हैं।
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जालंधर पुलिस ने लुधियाना के 4 ट्रैवल एजेंटों को गिरफ्तार किया था, ये लोगों को ठगी का शिकार बना चुके हैं। आरोपियों के कब्जे से 530 के करीब पासपोर्ट और लाखों रुपये की नकदी बरामद की थी। पिछले दिनों अमेरिका दूतावास द्वारा 7 पंजाबी एजेंटों पर एफआईआर दर्ज की गई है, लुधियाना पुलिस ने ठग ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ मामला दर्ज किया। ट्रैवल एजेंट जाली दस्तावेज लगाकर लोगों को विदेश भेजते थे, मामला फाइलों में उलझा हुआ है।
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फर्जी दस्तावेज लगाकर इंग्लैंड भेजे युवा
जालंधर, दिल्ली व फगवाड़ा के ट्रैवल एजेंटों ने फर्जी दस्तावेज लगाकर युवाओं को इंग्लैंड भेजने के वीजा लगवा दिए। यह मामला ब्रिटिश एंबेसी ने ही पकड़ा। इसके बाद 66 युवाओं की लिस्ट जालंधर पुलिस को भेजी, जिनके वीजा के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए गए थे। इनमें से कई युवा इंग्लैंड यानी यूके पहुंच चुके हैं। मामले में जांच के बाद पुलिस ने 6 ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया। पुलिस जांच में सामने आया कि स्टूडेंट्स के वीजा के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए गए लेकिन उनको पता तक नहीं था। कोहाड़ एन्क्लेव के अमरजीत सिंह, पहाड़गंज नई दिल्ली के अमित मल्होत्रा, नई दिल्ली के मोहम्मद आसिम, नई दिल्ली के अमरदीप व फगवाड़ा के राजविंदर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया लेकिन केस की तफ्तीश आगे ही नहीं बढ़ पाई।
जालंधर, दिल्ली व फगवाड़ा के ट्रैवल एजेंटों ने फर्जी दस्तावेज लगाकर युवाओं को इंग्लैंड भेजने के वीजा लगवा दिए। यह मामला ब्रिटिश एंबेसी ने ही पकड़ा। इसके बाद 66 युवाओं की लिस्ट जालंधर पुलिस को भेजी, जिनके वीजा के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए गए थे। इनमें से कई युवा इंग्लैंड यानी यूके पहुंच चुके हैं। मामले में जांच के बाद पुलिस ने 6 ट्रैवल एजेंटों के खिलाफ ठगी का केस दर्ज किया। पुलिस जांच में सामने आया कि स्टूडेंट्स के वीजा के लिए फर्जी दस्तावेज लगाए गए लेकिन उनको पता तक नहीं था। कोहाड़ एन्क्लेव के अमरजीत सिंह, पहाड़गंज नई दिल्ली के अमित मल्होत्रा, नई दिल्ली के मोहम्मद आसिम, नई दिल्ली के अमरदीप व फगवाड़ा के राजविंदर सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया लेकिन केस की तफ्तीश आगे ही नहीं बढ़ पाई।
24 घंटे में वीजा देने का नियम
जिन लोगों की फाइल ब्रिटिश एंबेसी ने उपलब्ध कराई, जालंधर पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की। जालंधर के अमनदीप व सिमरनजीत इंग्लैंड पहुंच चुके हैं। उनकी फाइल अमरजीत व सन्नी ने तैयार की थी। लैहंबर सिंह व उसकी पत्नी कृपाल, नेहा शर्मा और अंकुश की फाइल जालंधर से तैयार हुई। सुखजिंदरदीप निवासी कपूरथला की फाइल अमित मल्होत्रा ने तैयार की। गुरप्रीत की फाइल मोहम्मद आसिम ने तैयार की। मनिंदर कुमार की फाइल दिल्ली के अमरदीप ने तैयार की। इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे यूके के वीजा भी मिल गए। यूके दूतावास ने स्टडी वीजा में 24 घंटे में वीजा देने का नियम तय किया। अगर आवेदक एक लाख रुपये फीस देता है तो 24 घंटे में उसको वीजा मिलेगा। इसका जमकर फायदा पंजाब के एजेंटों ने उठाया। जालंधर इसका हब बना, जहां फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर युवाओं को यूके भेज दिया गया। जब दस्तावेजों को यूके ने बाद में क्रास चेक किया तो फर्जीवाड़ा निकला। एजेटों ने इसकी एवज में 15-15 लाख वसूले।
जिन लोगों की फाइल ब्रिटिश एंबेसी ने उपलब्ध कराई, जालंधर पुलिस ने उनसे पूछताछ शुरू की। जालंधर के अमनदीप व सिमरनजीत इंग्लैंड पहुंच चुके हैं। उनकी फाइल अमरजीत व सन्नी ने तैयार की थी। लैहंबर सिंह व उसकी पत्नी कृपाल, नेहा शर्मा और अंकुश की फाइल जालंधर से तैयार हुई। सुखजिंदरदीप निवासी कपूरथला की फाइल अमित मल्होत्रा ने तैयार की। गुरप्रीत की फाइल मोहम्मद आसिम ने तैयार की। मनिंदर कुमार की फाइल दिल्ली के अमरदीप ने तैयार की। इन फर्जी दस्तावेजों के सहारे यूके के वीजा भी मिल गए। यूके दूतावास ने स्टडी वीजा में 24 घंटे में वीजा देने का नियम तय किया। अगर आवेदक एक लाख रुपये फीस देता है तो 24 घंटे में उसको वीजा मिलेगा। इसका जमकर फायदा पंजाब के एजेंटों ने उठाया। जालंधर इसका हब बना, जहां फर्जी सर्टिफिकेट लगाकर युवाओं को यूके भेज दिया गया। जब दस्तावेजों को यूके ने बाद में क्रास चेक किया तो फर्जीवाड़ा निकला। एजेटों ने इसकी एवज में 15-15 लाख वसूले।
10 हजार ऑफर लेटर निकले फर्जी
कनाडा में बृजेश मिश्रा ने 700 बच्चों को फर्जी ऑफर लेटर लगाकर भेज दिया लेकिन बच्चों ने जब वर्क परमिट के लिए आवेदन किया तो पता चला कि स्टूडेंट्स के ऑफर लैटर फर्जी हैं। पंजाब पुलिस ने केस दर्ज किए लेकिन तब तक बृजेश कनाडा पहुंच चुका था। कनाडा ने हाल ही में आवेदनों को क्रास चेक किया तो पाया कि 10 हजार ऑफर लेटर फर्जी थे।
कनाडा में बृजेश मिश्रा ने 700 बच्चों को फर्जी ऑफर लेटर लगाकर भेज दिया लेकिन बच्चों ने जब वर्क परमिट के लिए आवेदन किया तो पता चला कि स्टूडेंट्स के ऑफर लैटर फर्जी हैं। पंजाब पुलिस ने केस दर्ज किए लेकिन तब तक बृजेश कनाडा पहुंच चुका था। कनाडा ने हाल ही में आवेदनों को क्रास चेक किया तो पाया कि 10 हजार ऑफर लेटर फर्जी थे।
हमारी इंडस्ट्री को जालसाजों ने ही बदनाम किया
ओवरसीज एजुकेशन के पूर्व प्रधान सुकांत का कहना है कि हमारी इंडस्ट्री को जालसाजों ने बदनाम किया है। आज कई दूतावास पंजाब का पासपोर्ट देखकर चौकन्ने हो जाते हैं। कई एजेंटों ने फर्जी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया और स्टूडेंट्स व युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ किया। पुलिस अधिकारियों को कई बार आगाह किया गया लेकिन फर्जीवाड़ा पर नकेल नहीं कसी गई।
ओवरसीज एजुकेशन के पूर्व प्रधान सुकांत का कहना है कि हमारी इंडस्ट्री को जालसाजों ने बदनाम किया है। आज कई दूतावास पंजाब का पासपोर्ट देखकर चौकन्ने हो जाते हैं। कई एजेंटों ने फर्जी सर्टिफिकेट का इस्तेमाल किया और स्टूडेंट्स व युवाओं की जिंदगी से खिलवाड़ किया। पुलिस अधिकारियों को कई बार आगाह किया गया लेकिन फर्जीवाड़ा पर नकेल नहीं कसी गई।