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पौंग बांध पर आने लगे विदेशी मेहमान, 15 टीमें गणना में जुटीं

Thu, 06 Jan 2022 09:27 PM IST
Punjab Bureau पंजाब ब्‍यूरो
Updated Thu, 06 Jan 2022 09:27 PM IST
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Foreign guests started arriving at Pong Dam
Foreign guests started arriving at Pong Dam - फोटो : HOSHIARPUR
तलवाड़ा। पौंग बांध स्थित झील में हर वर्ष आने वाले प्रवासी परिंदों के आने का क्रम लगातार जारी है। इस झील के आसपास इन्हें यहां मौसम काफी सुहावना मिलता है। वहीं यहां इन्हें प्रचुर मात्रा में खाने के लिए भोजन भी मिल जाता है। इस दौरान वाइल्ड लाइफ के डीएफओ राहुल एम रेहाने ने बताया कि इस झील क्षेत्र में आने वाले प्रवासी पक्षियों की गणना करने के वन्य प्राणी विभाग की 15 टीमें गणना में लगाई गई हैं।
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पाक्षिक गणना में एक जनवरी तक पौंग झील में 84 प्रजातियों के 84766 प्रवासी पक्षी दस्तक दे चुके हैं। वन्य प्राणी विभाग हर माह 15 दिनों में गणना करता है। वन्यप्राणी विभाग के डीएफओ राहुल रेहाणे ने बताया है कि अभी तक पौंग झील में नए वर्ष के जनवरी माह के प्रथम सप्ताह में प्रवासी पक्षियों की गई पाक्षिक गणना के अनुसार बारहेडेड गीज 39976, कामन कूट 14217, नार्दर्न पिटेल 6017, कॉमन टिल 6177, कामन पौचार्ड 3768, लिटिल कर्मोनेंट 3244, रूडी शेल डक 1719, गड वाल 914, स्पाट बिल्ड डक 909, रशियन विजन 631, नार्दर्न शावलर 534, ग्रेट कर्मोनेंट 521, ब्लैक हेडेड गुल्ल 452, ब्लैक विग्ड स्टिल्ट 450, वार्न स्वेल्लो 436, कॉमन मूर हेन 340, पर्पल मूर हेन 330, ब्राउन हेडेड गल्ल 328, रिवर टर्न 301, लिटिल रिंगड पलोवर प्रजाति के 301 प्रवासी पक्षी अपनी दस्तक दे चुके हैं।
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रेहाणे ने बताया कि अभी तक झील में और इस पौंग बांध झील के आसपास की वन्य अभ्यारण्य क्षेत्र में किसी भी प्रवासी पक्षी के मरने की सूचना नहीं मिली है। फिर भी यदि किसी भी व्यक्ति को झील क्षेत्र में कभी भी कोई पक्षी मृत अवस्था में मिलता है तो वह तुरंत ही इसकी सूचना अपने नजदीकी वन्य प्राणी विभाग, सेहत विभाग अथवा पुलिस स्टेशन में दे। मृत अवस्था में पड़े पक्षी को न छुएं और उन्हें कुत्ते और अन्य जानवरों से बचा कर रखें। उन्होंने बताया कि इसके बावजूद भी यहां पर आने वाले प्रवासी पक्षियों की विशेषज्ञों की ओर से जांच की जा रही है। इनके तापमान तथा खून सहित कई अन्य प्रकार के सैंपल लेकर के बर्ड फ्लू से संक्रमित होने या न होने से संबंधित गहन जांच की जा रही है।
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