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पुलिस की गाड़ी ने युवक को कुचला, हंगामा
ब्यूरो, अमर उजाला/जालंध्ार
Updated Fri, 24 Jul 2015 10:15 PM IST
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लुधियाना से केस की तफ्तीश कर वापस बिलगा थाने जा रही पुलिस की गाड़ी से
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मोटरसाइकिल सवार एक युवक को टक्कर लगने से उसकी मौके पर मौत हो गई। मृतक की
पहचान रणजीत सिंह पुत्र ज्ञान सिंह निवासी मियांवाल गांव के रूप में हुई
है। रणजीत प्लंबर का काम करता था। वह अपने घर से फिल्लौर की ओर जा रहा था।
इस हादसे के बाद भड़के गांव के लोगों नेे गाड़ी सवार पुलिस मुलाजिमों को बाहर निकाल बंदी बना डाला। गाड़ी में बिलगा थाने के एएसआई गुरशरण सिंह समेत दो पुरुष और एक महिला कांस्टेबल थी। लोगों नेे एएसआई गुरशरण सिंह और दो पुरुष कांस्टेबल की जमकर पिटाई की। भड़के गांववासियों ने फिल्लौर रास्ते पर युवक का शव रखकर करीब चार घंटे तक जाम कर दिया। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पुलिस मुलाजिमों को बंधक बनाने की सूचना पाकर जालंधर देहात की पुलिस में अफरा-तफरी मच गई। डीएसपी फिल्लौर अश्वनी अत्री पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे और बंदी मुलाजिमों को रिहा करवाया। डीएसपी की ओर से न्याय मिलने के आश्वासन पर लोगों ने धरना समाप्त किया। डीएसपी अश्वनी अत्री का कहना है कि अभी केस दर्ज नहीं किया गया है।
इस हादसे के बाद भड़के गांव के लोगों नेे गाड़ी सवार पुलिस मुलाजिमों को बाहर निकाल बंदी बना डाला। गाड़ी में बिलगा थाने के एएसआई गुरशरण सिंह समेत दो पुरुष और एक महिला कांस्टेबल थी। लोगों नेे एएसआई गुरशरण सिंह और दो पुरुष कांस्टेबल की जमकर पिटाई की। भड़के गांववासियों ने फिल्लौर रास्ते पर युवक का शव रखकर करीब चार घंटे तक जाम कर दिया। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
पुलिस मुलाजिमों को बंधक बनाने की सूचना पाकर जालंधर देहात की पुलिस में अफरा-तफरी मच गई। डीएसपी फिल्लौर अश्वनी अत्री पुलिस बल समेत मौके पर पहुंचे और बंदी मुलाजिमों को रिहा करवाया। डीएसपी की ओर से न्याय मिलने के आश्वासन पर लोगों ने धरना समाप्त किया। डीएसपी अश्वनी अत्री का कहना है कि अभी केस दर्ज नहीं किया गया है।