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सेखवां का वादा अब रह जाएगा अधूरा
Jalandhar
Updated Mon, 19 Nov 2012 12:00 PM IST
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जालंधर। पंजाबियों को प्रोफेशनल कोर्सों की मुफ्त में तैयारी करवाने का तत्कालीन शिक्षा मंत्री सेवा सिंह सेखवां का वादा अधूरा रह गया है। यह वादा पूर्व मंत्री सेखवां ने पद पर रहते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) चुनावों से पहले पंजाब के युवाओं के साथ किया था। एसजीपीसी के चुनावों के बाद विधानसभा और नगर निगम के चुनावों का नतीजा आने को भी कई माह बीत चुके हैं, लेकिन एक भी सेंटर का निर्माण नहीं हो सका है। खास बात तो यह है कि राज्य के शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका को इसकी जानकारी ही नहीं है। जबकि उन्हें पद छह माह से अधिक का समय बीत चुका है।
तत्कालीन शिक्षा मंत्री सेवा सिंह सेखवां ने पिछले साल फरवरी माह में विभिन्न जिलों में 30 करोड़ की लागत से 25 हाईटेक सेंटर (कंपीटेटिव सेंटर) बनाने की घोषणा की थी। विभाग का मानना था कि अगर सरकार पंजाबियों को तैयारी की सभी सुविधाएं मुफ्त में दें तो इन कोर्सों में पंजाबियों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। इसके प्रति पूर्व मंत्री सेखवां ने छह माह में सेंटरों पर काम समाप्त करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन घोषणा को डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी एक भी सेंटर खोला नहीं गया है।
शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका का कहना है कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वह विभाग के अधिकारियों से बातचीत करके प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। अगर प्रोजेक्ट अच्छा हुआ तो इस पर काम जरूर कराया जाएगा। वहीं पूर्व मंत्री सेवा सिंह सेखवां का कहना है कि सेंटर राज्य के बच्चों को प्रोफेेशनल कोर्सों में दाखिले के लिए विशेष तैयारी करवाएगा। इसलिए इसका बनना जरुरी है। वह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल से भी बात करेंगे।
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ऐसे रूपरेखा बनाई गई थी
राज्य के विभिन्न जिलों में 25 सेंटरों पर 30 करोड़ रुपये खर्च किया जाना है। हर सेंटर में कोर्स के संबंधित विशेषज्ञ विदेशी व नैशनल स्तर के होने हैं। यहां विद्यार्थियों पढ़ाई के साथ रहने सहित अन्य सुविधाएं भी सरकार के जिम्मे ही होंगी।
इन कोर्सों की तैयारी करवानी थी
इन सेंटरों में युवाओं को एआईपीएमटी, एआईईईई, आईआईटी और कैट सहित अन्य की कंपीटिटेव परीक्षाओं की तैयारी करवाई जानी थी। इनमें सेना की भर्ती के लिए विशेष ध्यान दिया जाना था।
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तत्कालीन शिक्षा मंत्री सेवा सिंह सेखवां ने पिछले साल फरवरी माह में विभिन्न जिलों में 30 करोड़ की लागत से 25 हाईटेक सेंटर (कंपीटेटिव सेंटर) बनाने की घोषणा की थी। विभाग का मानना था कि अगर सरकार पंजाबियों को तैयारी की सभी सुविधाएं मुफ्त में दें तो इन कोर्सों में पंजाबियों की संख्या को बढ़ाया जा सकता है। इसके प्रति पूर्व मंत्री सेखवां ने छह माह में सेंटरों पर काम समाप्त करने का आश्वासन भी दिया था, लेकिन घोषणा को डेढ़ साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी एक भी सेंटर खोला नहीं गया है।
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शिक्षा मंत्री सिकंदर सिंह मलूका का कहना है कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है। वह विभाग के अधिकारियों से बातचीत करके प्रोजेक्ट के बारे में जानकारी हासिल करेंगे। अगर प्रोजेक्ट अच्छा हुआ तो इस पर काम जरूर कराया जाएगा। वहीं पूर्व मंत्री सेवा सिंह सेखवां का कहना है कि सेंटर राज्य के बच्चों को प्रोफेेशनल कोर्सों में दाखिले के लिए विशेष तैयारी करवाएगा। इसलिए इसका बनना जरुरी है। वह मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल और डिप्टी सीएम सुखबीर सिंह बादल से भी बात करेंगे।
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ऐसे रूपरेखा बनाई गई थी
राज्य के विभिन्न जिलों में 25 सेंटरों पर 30 करोड़ रुपये खर्च किया जाना है। हर सेंटर में कोर्स के संबंधित विशेषज्ञ विदेशी व नैशनल स्तर के होने हैं। यहां विद्यार्थियों पढ़ाई के साथ रहने सहित अन्य सुविधाएं भी सरकार के जिम्मे ही होंगी।
इन कोर्सों की तैयारी करवानी थी
इन सेंटरों में युवाओं को एआईपीएमटी, एआईईईई, आईआईटी और कैट सहित अन्य की कंपीटिटेव परीक्षाओं की तैयारी करवाई जानी थी। इनमें सेना की भर्ती के लिए विशेष ध्यान दिया जाना था।