{"_id":"25603","slug":"Jalandhar-25603-94","type":"story","status":"publish","title_hn":"दसूहा उपचुनाव में प्रचार थमा पर प्रत्याशी नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दसूहा उपचुनाव में प्रचार थमा पर प्रत्याशी नहीं
Jalandhar
Updated Tue, 10 Jul 2012 12:00 PM IST
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दसूहा (होशियारपुर)। दसूहा विधानसभा हलके में उपचुनाव के लिए सोमवार को चुनाव अभियान के अंतिम दिन शाम पांच बजे प्रचार समाप्त हो गया। इसके साथ ही तीनों लड़ रहे उम्मीदवारों ने विशाल रैलियों और बैठकों से किनारा कर वोट हासिल करने के लिए मतदाताओं को घर-घर जाकर वोट की गुहार लगाने की रणनीति अपना ली। पीपीपी सुप्रीमो मनप्रीत बादल को छोड़कर किसी भी पार्टी से कोई बड़ा नेता अभियान के अंतिम दिन पर मतदाताओं के रूबरू नहीं हुआ। प्रदेश भाजपा नेतृत्व पूरी तरह से प्रचार से गायब रहा जबकि शिअद की ओर से सुखजीत कौर साही के लिए चंदूमाजरा और मंत्रियों और विधायकों ने मोर्चा संभाले रखा। अंतिम घंटों में कांग्रेस के उम्मीदवार अरुण कुमार डोगरा (मिक्की) ने रोड शो करके शक्ति प्रदर्शन करने का प्रयास किया जबकि भाजपा उम्मीदवार सुखजीत कौर साही ने सार्वजनिक बैठकों का अपना सिलसिला जारी रखा। इसके अलावा पीपीपी उम्मीदवार एडवोकेट भूपिंदर सिंह घुम्मन ने दिनभर गांवों में घूम-घूम कर करने के लिए मतदाताओं को लुभाने पर जोर रखा। मुख्यमंत्री बादल दसूहा में कल की रैलियों के बाद निकल लिए थे तो कैप्टन ने भी ऐसा ही किया।
आज दिन तीनों ही प्रत्याशियों के लिए कुछ जल्दी शुरू हो गया। सभी प्रत्याशी अपने समर्थकों व लाव-लश्कर सहित मतदान करने को लेकर काफी संवेदनशीलता दिखाने वाले कंडी बेल्ट गांवों की ओर सुबह ही निकल लिए। इसके अलावा उनका जोर आज उन लोगों से संपर्क में ज्यादा था, जो इलाके में अपने प्रभाव के चलते मतदाताओं को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। अंतिम मिनटों में पर्याप्त लाभ हासिल करने के लिए सभी जुटे थे तो कांग्रेस ने एकता का प्रदर्शन करने पर भी ध्यान केंद्रित किया। कांग्रेस की ओर से प्रताप सिंह बाजवा और बराड़ ने पार्टी उम्मीदवार के लिए जोरशोर से प्रचार कर जहां कांग्रेसियों के बीच एकता का संदेश देने की कोशिश की वहीं सीमावर्ती गांवों में अपने प्रभाव का भी प्रयोग किया। दोपहर में कांग्रेस उम्मीदवार मिक्की अपने भारी भरकम रोड शो में जुटे समर्थकों के बूते पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सड़क पर निकले। तलवाड़ा शहर में सुबह लगभग 10 बजे से शुरू रोड शो हलके के विभिन्न गावों से होता हुआ बाद दोपहर दसूहा पहुंचा जहां उनके समर्थकों ने पार्टी झंडों से सजी गाड़ियों के आगे ढोल की थाप पर नाचते हुए मिक्की के पक्ष में नारे लगाए।
उधर, भाजपा प्रत्याशी सुखजीत कौर साही ने आखिरी दिन भी निर्वाचन क्षेत्र के ग्रामीण और कंडी क्षेत्रों में चुनाव प्रचार की दिनचर्या बहाल रखी। आज भाजपा-शिरोमणि अकाली दल के सुप्रीमो या बड़े नेता उनके साथ नहीं थे, लेकिन आज वह स्थानीय व्यक्तित्व जो अपने स्वयं अपने प्रभाव से मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं, उनके साथ रहे। इसके अलावा उन्होंने जनसंघ के समय से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं का आशीर्वाद भी लिया गया।
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सुखजीत कौर साही और प्रेम सिंह चंदूमाजरा, मंत्रियों शरणजीत सिंह ढिल्लों, मनतार सिंह बरार और लुधियाना के बैंस भाइयों ने यहाँ एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए एक विशाल अंतर के साथ एक रिकॉर्ड जीत का दावा किया। उनका कहना था कि हलके में सहानुभूति और विकास की दो लहरें साथ-साथ चल रही हैं जिनके पीछे मतदाताओं का साथ है। पीपीपी ने गांवों में जाकर प्रचार पर जोर रखा। पार्टी की ओर से सुप्रीमो मनप्रीत बादल ने छोटे समूहों को संबोधित किया और उन्हें बदलाव लाने के लिए हाथ बढ़ाने के लिए। शाम के पांच बजे के बाद चुनाव प्रचार तो भले ही रुक गया पर प्रत्याशी नहीं रुके। प्रत्याशियों ने अपना तरीका बदलते हुए वे सभाओं-रैलियों को छोड़ मतदाताओं के दरवाजे पर दस्तक देने और हाथ जोड़कर वोट के लिए अनुरोध करने का सिलसिला शुरू कर दिया।
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आज दिन तीनों ही प्रत्याशियों के लिए कुछ जल्दी शुरू हो गया। सभी प्रत्याशी अपने समर्थकों व लाव-लश्कर सहित मतदान करने को लेकर काफी संवेदनशीलता दिखाने वाले कंडी बेल्ट गांवों की ओर सुबह ही निकल लिए। इसके अलावा उनका जोर आज उन लोगों से संपर्क में ज्यादा था, जो इलाके में अपने प्रभाव के चलते मतदाताओं को प्रभावित करने की क्षमता रखते हैं। अंतिम मिनटों में पर्याप्त लाभ हासिल करने के लिए सभी जुटे थे तो कांग्रेस ने एकता का प्रदर्शन करने पर भी ध्यान केंद्रित किया। कांग्रेस की ओर से प्रताप सिंह बाजवा और बराड़ ने पार्टी उम्मीदवार के लिए जोरशोर से प्रचार कर जहां कांग्रेसियों के बीच एकता का संदेश देने की कोशिश की वहीं सीमावर्ती गांवों में अपने प्रभाव का भी प्रयोग किया। दोपहर में कांग्रेस उम्मीदवार मिक्की अपने भारी भरकम रोड शो में जुटे समर्थकों के बूते पर मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए सड़क पर निकले। तलवाड़ा शहर में सुबह लगभग 10 बजे से शुरू रोड शो हलके के विभिन्न गावों से होता हुआ बाद दोपहर दसूहा पहुंचा जहां उनके समर्थकों ने पार्टी झंडों से सजी गाड़ियों के आगे ढोल की थाप पर नाचते हुए मिक्की के पक्ष में नारे लगाए।
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उधर, भाजपा प्रत्याशी सुखजीत कौर साही ने आखिरी दिन भी निर्वाचन क्षेत्र के ग्रामीण और कंडी क्षेत्रों में चुनाव प्रचार की दिनचर्या बहाल रखी। आज भाजपा-शिरोमणि अकाली दल के सुप्रीमो या बड़े नेता उनके साथ नहीं थे, लेकिन आज वह स्थानीय व्यक्तित्व जो अपने स्वयं अपने प्रभाव से मतदाताओं को प्रभावित कर सकते हैं, उनके साथ रहे। इसके अलावा उन्होंने जनसंघ के समय से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं का आशीर्वाद भी लिया गया।
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सुखजीत कौर साही और प्रेम सिंह चंदूमाजरा, मंत्रियों शरणजीत सिंह ढिल्लों, मनतार सिंह बरार और लुधियाना के बैंस भाइयों ने यहाँ एक सम्मेलन को संबोधित करते हुए एक विशाल अंतर के साथ एक रिकॉर्ड जीत का दावा किया। उनका कहना था कि हलके में सहानुभूति और विकास की दो लहरें साथ-साथ चल रही हैं जिनके पीछे मतदाताओं का साथ है। पीपीपी ने गांवों में जाकर प्रचार पर जोर रखा। पार्टी की ओर से सुप्रीमो मनप्रीत बादल ने छोटे समूहों को संबोधित किया और उन्हें बदलाव लाने के लिए हाथ बढ़ाने के लिए। शाम के पांच बजे के बाद चुनाव प्रचार तो भले ही रुक गया पर प्रत्याशी नहीं रुके। प्रत्याशियों ने अपना तरीका बदलते हुए वे सभाओं-रैलियों को छोड़ मतदाताओं के दरवाजे पर दस्तक देने और हाथ जोड़कर वोट के लिए अनुरोध करने का सिलसिला शुरू कर दिया।