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सालिड वेस्ट प्रोजेक्ट के खिलाफ उतरी यूनियनें
Jalandhar
Updated Thu, 05 Jul 2012 12:00 PM IST
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जालंधर। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट के खिलाफ एक बार फिर से नगर निगम यूनियनें आई आ गई हैं। बुधवार को सभी यूनियनों के पदाधिकारियों ने प्रोजेक्ट के लागू होने पर सीवरेज व सफाई व्यवस्था ठप करने का ऐलान कर दिया है। इस ऐलान के बाद 15 जुलाई से आरंभ होने वाले सालिड वेस्ट मैनेजमेंट प्रोजेक्ट पर फिर से संकट के बादल छा गए हैं।
निगम सफाई मजदूर यूनियन, सीवरमैन इंप्लाइज यूनियन, ड्राइवर एंड टेक्निकल वर्कर इंप्लाइज यूनियन और नगर निगम दर्जा चार महा यूनियन सहित अन्य के पदाधिकारियों ने कहा कि 31 अक्तूबर 2011 को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने चंडीगढ़ अपने आवास पर आयोजित बैठक में निगम यूनियनों के साथ वादा किया था कि प्रोजेक्ट के तहत डोर टू डोर कूड़ा उठाने का काम निगम करेगा। अब मुख्यमंत्री वादे से मुकर गए हैं और डोर टू डोर कूड़ा उठाने का काम निजी कंपनी को सौंप दिया है। यह कंपनी 15 जुलाई से अपना काम शुरू करने वाली है जिसका विरोध किया जाएगा।
निगम सफाई मजदूर यूनियन के महासचिव अशोक भील का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से सफाई व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है जबकि निगम यूनियनों ने कई वर्षों के संघर्ष के बाद पक्की नौकरी पाई है। इस प्रोजेक्ट से नागरिकों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा और जन स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराएगा। यूनियन ने दावा किया कि सॉलिड वेस्ट सिस्टम लागू होने से प्रति घर पर 50 से 500 रुपये और दुकान, अस्पताल, रेस्तरां व मैरिज पैलेस पर एक से पांच हजार रुपये प्रति माह का कूड़ा टैक्स लगेगा। इसकी उगाही भी प्राइवेट कंपनी ही करेगी। इस कारण यूनियन प्रोजेक्ट का विरोध करेगी। बैठक में नरेश प्रधान, पवन बाबा, चंदन ग्रेवाल, बंटू सभ्रवाल, अरुण कल्याण, शाम लाल गिल, रवि घई और रिंपी कल्याण सहित अन्य उपस्थित थे।
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निगम सफाई मजदूर यूनियन, सीवरमैन इंप्लाइज यूनियन, ड्राइवर एंड टेक्निकल वर्कर इंप्लाइज यूनियन और नगर निगम दर्जा चार महा यूनियन सहित अन्य के पदाधिकारियों ने कहा कि 31 अक्तूबर 2011 को मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल ने चंडीगढ़ अपने आवास पर आयोजित बैठक में निगम यूनियनों के साथ वादा किया था कि प्रोजेक्ट के तहत डोर टू डोर कूड़ा उठाने का काम निगम करेगा। अब मुख्यमंत्री वादे से मुकर गए हैं और डोर टू डोर कूड़ा उठाने का काम निजी कंपनी को सौंप दिया है। यह कंपनी 15 जुलाई से अपना काम शुरू करने वाली है जिसका विरोध किया जाएगा।
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निगम सफाई मजदूर यूनियन के महासचिव अशोक भील का कहना है कि इस प्रोजेक्ट से सफाई व्यवस्था को निजी हाथों में सौंपा जा रहा है जबकि निगम यूनियनों ने कई वर्षों के संघर्ष के बाद पक्की नौकरी पाई है। इस प्रोजेक्ट से नागरिकों पर आर्थिक बोझ पड़ेगा और जन स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडराएगा। यूनियन ने दावा किया कि सॉलिड वेस्ट सिस्टम लागू होने से प्रति घर पर 50 से 500 रुपये और दुकान, अस्पताल, रेस्तरां व मैरिज पैलेस पर एक से पांच हजार रुपये प्रति माह का कूड़ा टैक्स लगेगा। इसकी उगाही भी प्राइवेट कंपनी ही करेगी। इस कारण यूनियन प्रोजेक्ट का विरोध करेगी। बैठक में नरेश प्रधान, पवन बाबा, चंदन ग्रेवाल, बंटू सभ्रवाल, अरुण कल्याण, शाम लाल गिल, रवि घई और रिंपी कल्याण सहित अन्य उपस्थित थे।
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