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राज्य की 472 गौशालाओं के बिजली बिल माफ ना किये तो सीएम के घर का करेंगे घेराव: कीमती भगत
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गोशालाओं के बिजली बिल माफ करे कैप्टन सरकार : कीमती भगत
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पंजाब गो सेवा कमिशन के पूर्व चेयरमैन कीमती भगत ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में राज्य की समूह 472 गोशालाओं के बिजली बिल माफ किए हुए थे। कैप्टन सरकार ने आते ही यह सुविधा बंद कर दी। यहां आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार ने गोशालाओं के बिजली बिल माफ न किए तो सीएम की सरकारी कोठी का घेराव किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब की सड़कों पर बेसहारा गोधन एक लाख के करीब है। अकाली-भाजपा सरकार ने अपने कार्यालय के दौरान राज्य के 22 जिलों में 20-25 एकड़ जमीन एक्वायर की थी और तकरीबन 40 करोड़ रुपये के हिसाब से प्रदेश के सभी डीसी को एक करोड़ 70 लाख के हिसाब से पैसे दिए थे। इसके बाद सरकारी गोशालाएं बन कर तैयार हो गई। इन गोशालाओं में 20 हजार के करीब गोधन हैं। इनके लिए कैप्टन सरकार कोई भी फंड जारी नहीं कर रही है। वहीं गोसेवा सेस के जमा किए गए करीब 45 करोड़ रुपये भी राज्य सरकार के पास जमा हैं, जिसे अभी तक जारी नहीं किया गया। भगत ने कहा कि एक्साइज विभाग के पास करीब 26 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। वहीं बिजली पर 2 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से लोगों से वसूला गया करीब 12 करोड़ रुपये का सेस भी सरकार के पास जमा हैं। ट्रांसपोर्ट विभाग ने भी हजार रुपये प्रति फोर व्हीकल के हिसाब से और 200 रुपये टू व्हीलर के हिसाब से सेस लगाया गया था लेकिन सरकार आज तक गोसेवा सेस का एक भी रुपया जारी नहीं किया। भगत ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को पूरा न किया तो संत समाज और गोभक्तों को साथ लेकर सीएम की चंडीगढ़ में सरकारी कोठी का घेराव करेंगे।
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अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। पंजाब गो सेवा कमिशन के पूर्व चेयरमैन कीमती भगत ने कहा कि अकाली-भाजपा सरकार ने अपने कार्यकाल में राज्य की समूह 472 गोशालाओं के बिजली बिल माफ किए हुए थे। कैप्टन सरकार ने आते ही यह सुविधा बंद कर दी। यहां आयोजित एक प्रेस कांफ्रेंस में उन्होंने कहा कि कैप्टन सरकार ने गोशालाओं के बिजली बिल माफ न किए तो सीएम की सरकारी कोठी का घेराव किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि पंजाब की सड़कों पर बेसहारा गोधन एक लाख के करीब है। अकाली-भाजपा सरकार ने अपने कार्यालय के दौरान राज्य के 22 जिलों में 20-25 एकड़ जमीन एक्वायर की थी और तकरीबन 40 करोड़ रुपये के हिसाब से प्रदेश के सभी डीसी को एक करोड़ 70 लाख के हिसाब से पैसे दिए थे। इसके बाद सरकारी गोशालाएं बन कर तैयार हो गई। इन गोशालाओं में 20 हजार के करीब गोधन हैं। इनके लिए कैप्टन सरकार कोई भी फंड जारी नहीं कर रही है। वहीं गोसेवा सेस के जमा किए गए करीब 45 करोड़ रुपये भी राज्य सरकार के पास जमा हैं, जिसे अभी तक जारी नहीं किया गया। भगत ने कहा कि एक्साइज विभाग के पास करीब 26 करोड़ रुपये जमा हुए हैं। वहीं बिजली पर 2 पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से लोगों से वसूला गया करीब 12 करोड़ रुपये का सेस भी सरकार के पास जमा हैं। ट्रांसपोर्ट विभाग ने भी हजार रुपये प्रति फोर व्हीकल के हिसाब से और 200 रुपये टू व्हीलर के हिसाब से सेस लगाया गया था लेकिन सरकार आज तक गोसेवा सेस का एक भी रुपया जारी नहीं किया। भगत ने कहा कि अगर सरकार ने उनकी मांगों को पूरा न किया तो संत समाज और गोभक्तों को साथ लेकर सीएम की चंडीगढ़ में सरकारी कोठी का घेराव करेंगे।
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