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उपचार के अभाव में महिला मरीज की मौत

Sat, 16 Feb 2019 10:31 PM IST
Panchkula bureau Panchkula bureau
Updated Sat, 16 Feb 2019 10:31 PM IST
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उपचार के अभाव में महिला मरीज की मौत
उपचार के अभाव में महिला मरीज की मौत
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ओपीडी में डॉक्टर का इंतजार कर रही थी महिला
अमर उजाला ब्यूरो
फिरोजपुर। सिविल अस्पताल में शनिवार को उपचार के अभाव में सरहदी गांव न्यू बारके की एक महिला मरीज की मौत हो गई। मरीज के मरने की खबर लोगों को उस समय पता चली, जब मरीज के साथ बैठा उसका छह वर्षीय बेटा जोर जोर से रोने लगा। बच्चे के रोने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग महिला के पास पहुंचे। महिला को स्ट्रेचर पर रखकर इमरजेंसी ले जाया गया, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक महिला की पहचान रानी पत्नी स्व. प्रगट सिंह वासी सरहदी गांव न्यू बराके के रूप में हुई है। महिला के पति की मौत छह साल पहले हुई थी। महिला का एक छह साल का बेटा भी है। मृतक महिला के रिश्तेदार सलीम ने बताया कि रानी की तबियत खराब होने पर उसे शुक्रवार को अस्पताल में दाखिल करवाया था। शनिवार की सुबह रानी को कहा गया कि वह ओपीडी में जाकर डॉक्टर को दिखाए। जिसके बाद रानी अपने बच्चे के साथ ओपीडी में चली गई। वहां ओपीडी की लाइन में बैठकर डॉक्टर का इंतजार करती रही। ज्यादा समय तक बैठे रहने से उसकी तबीयत और ज्यादा खराब हो गई। जिसके बाद वह सीमेंट के बेंच पर दर्द से कराहते हुए लेट गई। इसी दौरान उसके साथ बैठा छह वर्षीय बच्चा जोर जोर से रोने लगा। सभी लोग वहां एकत्र हुए। इसी दौरान डॉ. जेएस गोराया अपने चेंबर से निकलकर वहां पहुंचे और उसे चेक कर इमरजेंसी में भेजवाया। जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
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मेडिसीन विशेषज्ञ डॉ. जेएस गोराया ने बताया कि उनके चेंबर के बाहर साढ़े ग्यारह बजे के करीब लोगों का शोर सुनकर वह अपनी सीट से उठकर गए तो देखा एक महिला लेटी पड़ी थी। उन्होंने महिला की पंपिग करने के साथ उसे तुरंत इमरजेंसी में उपचार के लिए भेजवाया। बाद में उन्हें पता चला की महिला की मौत हो चुकी है।
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डॉ. आशुतोष तलवार ने बताया कि वह और डॉ. अमरिंदर महिला का उपचार कर रहे थे। महिला शुक्रवार रात नौ बजे उपचार के लिए आई थी। उसे इमरजेंसी में दाखिल किया गया था। उसकी आंतडियां खराब थी, परिजनों को उन्होंने रात को सलाह दी थी कि मरीज को मेडिकल कॉलेज ले जाए। सुबह साढ़े दस बजे उन्होंने इमरजेंसी में महिला का चेकअप किया था। कुछ समय उपरांत महिला की इमरजेंसी में ही मौत हो गई। उन्होंने बताया कि परिजनों द्वारा उनके चेंबर के बाहर मरीज के जो मौत होने की बात कहीं जा रही है, वह गलत है, मरीज की मौत इमरजेंसी में हुई थी।
सिविल अस्पताल के एसएमओ डॉक्टर प्रदीप अग्रवाल ने कहा कि डॉ. आशुतोष तलवार द्वारा मरीज का उपचार किया जा रहा था। अस्पताल में मरीज जब आया था तो उसकी हालत नाजुक थी, परिजनों का आरोप बेबुनियाद है।

सिविल सर्जन डॉं. संजीव गुप्ता ने बताया कि मरीज की मौत उपचार के कारण नहीं बल्कि डाक्टरों के मना करने के बावजूद मरीज को उसके रिश्तेदार द्वारा चाय पिलाने के कारण हुई है। जिससे उसकी तबीयत ज्यादा खराब हो गई और उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
फोटो संख्या-16एफजेडआरपी01जे
कैप्शन--फिरोजपुर सिविल अस्पताल में महिला के माता-पिता रोते हुए।
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