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सीटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशन में रहमान के जूते नाटक का मंचन
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‘रहमान के जूते’ नाटक का मंचन
अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। सीटी ग्रुुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सरदारनी मनजीत कौर आडिटोरियम में जुनून थिएटर की ओर से ‘रहमान के जूते’ नामक हिंदी नाटक का मंचन किया गया। मुख्य कलाकार रहमान की मृत्यु पर खत्म हुए उर्दू में लिखे इस नाटक ने लोगों को भावुक कर गया। नाटक में जहां एक ओर जूते पर जूते चढ़ने का मतलब दूर की यात्रा का संदेश समझने वाला जीना का पिता रहमान, दूसरी तरफ बेटी जीना से बेहद प्यार करने वाले मां-बाप, वहीं अली के साथ भाग कर शादी करने वाली जीना आदि कलाकारों की कहानी दिखाई गई। इसमें बताया गया है कि असली जिंदगी ख्याली दुनिया से बिल्कुल अलग होती है। जो हमने सोचा तक नहीं होता वह हो जाता है। सीटी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मनबीर सिंह ने जुनून थिएटर के कलाकारों को बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे नाटक प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।
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अमर उजाला ब्यूरो
जालंधर। सीटी ग्रुुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस के सरदारनी मनजीत कौर आडिटोरियम में जुनून थिएटर की ओर से ‘रहमान के जूते’ नामक हिंदी नाटक का मंचन किया गया। मुख्य कलाकार रहमान की मृत्यु पर खत्म हुए उर्दू में लिखे इस नाटक ने लोगों को भावुक कर गया। नाटक में जहां एक ओर जूते पर जूते चढ़ने का मतलब दूर की यात्रा का संदेश समझने वाला जीना का पिता रहमान, दूसरी तरफ बेटी जीना से बेहद प्यार करने वाले मां-बाप, वहीं अली के साथ भाग कर शादी करने वाली जीना आदि कलाकारों की कहानी दिखाई गई। इसमें बताया गया है कि असली जिंदगी ख्याली दुनिया से बिल्कुल अलग होती है। जो हमने सोचा तक नहीं होता वह हो जाता है। सीटी ग्रुप के मैनेजिंग डायरेक्टर मनबीर सिंह ने जुनून थिएटर के कलाकारों को बधाई देते हुए भविष्य में भी ऐसे नाटक प्रस्तुत करने के लिए प्रेरित किया।