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स्वामी विवेकानंद जी का संदेश पत्थर तोड़ने पर भड़के समाजिक संगठन
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जालंधर। स्मार्ट सिटी योजना के तहत बीते मंगलवार को वर्कशॉप चौक में लगे स्वामी विवेकानंद का संदेश पत्थर तोड़ने पर सामाजिक संस्थाएं भड़क उठी हैं। वीरवार को सामाजिक संस्थाओं ने इकट्ठा होकर केंद्र सरकार के शहरी विकास मंत्री हरदीप सिंह पुरी को जालंधर स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के तहत जनता का करोड़ों रुपये बेवजह खर्च कर भ्रष्टाचार करने की शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत करने में युवा शक्ति संघ, कृष्ण दुर्गा क्लब, मोहल्ला गोबिंदगढ़ सोसाइटी, जय भवानी सेवा समिति, भगवती क्लब बडिंग, सैनिक विहार नौजवान सभा, चढ़दी कला सेवा सोसाइटी, गुरु नानक पूरा वेलफेयर सोसाइटी के सदस्यों शामिल थे।
युवा शक्ति संघ के प्रधान अशोक सरीन हिक्की एडवोकेट ने बताया की स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शहर वासियों को प्राथमिक सुविधाएं देने की बजाय अधिकारियों ने स्मार्ट करप्शन वाली योजनाएं बना बेवजह जनता का करोड़ों रुपये खर्च करना शुरू कर दिया। मोदी सरकार के विजन के उलट काम जालंधर में शुरू हो गया है। सरीन ने बताया कि शहर के सही सलामत विकसित 11 चौक के सौंदर्यीकरण के नाम पर 22 करोड़ रुपये खर्च होने जा रहे हैं। एलईडी योजना में बिना एक रुपया खर्च कर नगर निगम ने 10 साल में 18-20 करोड़ रुपये बटोरने थे। इस पर पीएमआईडीसी के सीईओ ने भी अपनी रिपोर्ट में साफ बता दिया कि एलईडी प्रोजेक्ट में पिछली सरकार की ओर से कोई घोटाला नहीं हुआ।
सरीन ने बताया स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 125 करोड़ की लागत से शहर में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाने का कार्य शुरू किया गया है। इसमें 1200 कैमरे शहर में व अन्य कार्य होगा जो इस प्रोजेक्ट को बिना विजन के लागू होने का सबूत है। 1200 कैमरों से शहर की निगरानी संभव नहीं हैं। वैसे भी इस तरह के कैमरा लगाने के प्रयोग पहले भी हो चुके हैं जो फेल साबित हुए थे। मौके पर कार्तिक दुग्गल, नसीब बुग्गा, गौरव राय, मयंक व्यास, पुनीत कुमार, अर्जुन सिंह हैप्पी, सतीश सैनी, सौरव गोयल, जसप्रीत सिंह सैनी, अनुज दुबे, यथार्थ सरना उपस्थित थे।
युवा शक्ति संघ के प्रधान अशोक सरीन हिक्की एडवोकेट ने बताया की स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट में शहर वासियों को प्राथमिक सुविधाएं देने की बजाय अधिकारियों ने स्मार्ट करप्शन वाली योजनाएं बना बेवजह जनता का करोड़ों रुपये खर्च करना शुरू कर दिया। मोदी सरकार के विजन के उलट काम जालंधर में शुरू हो गया है। सरीन ने बताया कि शहर के सही सलामत विकसित 11 चौक के सौंदर्यीकरण के नाम पर 22 करोड़ रुपये खर्च होने जा रहे हैं। एलईडी योजना में बिना एक रुपया खर्च कर नगर निगम ने 10 साल में 18-20 करोड़ रुपये बटोरने थे। इस पर पीएमआईडीसी के सीईओ ने भी अपनी रिपोर्ट में साफ बता दिया कि एलईडी प्रोजेक्ट में पिछली सरकार की ओर से कोई घोटाला नहीं हुआ।
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सरीन ने बताया स्मार्ट सिटी के अंतर्गत 125 करोड़ की लागत से शहर में कमांड एंड कंट्रोल सेंटर बनाने का कार्य शुरू किया गया है। इसमें 1200 कैमरे शहर में व अन्य कार्य होगा जो इस प्रोजेक्ट को बिना विजन के लागू होने का सबूत है। 1200 कैमरों से शहर की निगरानी संभव नहीं हैं। वैसे भी इस तरह के कैमरा लगाने के प्रयोग पहले भी हो चुके हैं जो फेल साबित हुए थे। मौके पर कार्तिक दुग्गल, नसीब बुग्गा, गौरव राय, मयंक व्यास, पुनीत कुमार, अर्जुन सिंह हैप्पी, सतीश सैनी, सौरव गोयल, जसप्रीत सिंह सैनी, अनुज दुबे, यथार्थ सरना उपस्थित थे।
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