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कपूरथला माडर्न जेल में कैदी की मौत
अमर उजाला, जालंधर
Updated Tue, 01 Oct 2013 06:24 PM IST
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कपूरथला। स्थानीय माडर्न सेंट्रल जेल में कैदियों के मरने का सिलसिला जारी
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है। बीते रविवार को दो कैदियों की मौत के बाद सोमवार देर शाम एक और कैदी की
समय पर इलाज न होने से जान चली गई।
थाना कोतवाली पुलिस ने जांच करते हुए धारा 174 (आकस्मिक निधन) की कार्रवाई की है। थाना कोतवाली पुलिस के अनुसार मरने वाले कैदी रविंदर सिंह (27) पुत्र गुरदियाल सिंह निवासी गांव टंडे गोराया पर 6 जुलाई, 2005 को गोराया में आईपीसी की धारा 302 (कत्ल) का मामला दर्ज किया गया था।
1 मई 2008 को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई। तब से वह जेल में सजा भुगत रहा था। अचानक बीमारी की वजह से उसकी हालत बिगड़ और उसे तुरंत सिविल अस्पताल कपूरथला में दाखिल करने के लिए ले जाया गया जहां पर ड्यूटी डाक्टर जगतिंदर सिंह ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता गुरदियाल सिंह ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हालत पिछले एक माह से खराब चल रही है। उन्होंने बताया कि वे अपनी पत्नी जसविंदर कौर के साथ अपने बेटे रविंदर सिंह को शुक्रवार को जेल में मिलने गए थे।
तब उनका बेटा चलने लायक नहीं था। उसे मिलने के लिए व्हील चेयर पर लाया गया। उन्होंने अपने बेटे के लिए इलाज के लिए जेल प्रशासन से कहा लेकिन उनके बेटे का इलाज सही समय पर नहीं करवाया, जिस कारण उनके बेटे की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि एक माह पहले बेटे के एक निजी अस्पताल में सभी टेस्ट करवाए थे। रिपोर्ट में सब कुछ ठीक था और शरीर में खून कम होने कारण उसे दो बोतल खून की चढ़ाई गई थी। उसने बताया कि उनके बेटे की मौत जेल प्रशासन की लापरवाही से हुई है।
थाना कोतवाली पुलिस ने जांच करते हुए धारा 174 (आकस्मिक निधन) की कार्रवाई की है। थाना कोतवाली पुलिस के अनुसार मरने वाले कैदी रविंदर सिंह (27) पुत्र गुरदियाल सिंह निवासी गांव टंडे गोराया पर 6 जुलाई, 2005 को गोराया में आईपीसी की धारा 302 (कत्ल) का मामला दर्ज किया गया था।
1 मई 2008 को उसे उम्रकैद की सजा सुनाई गई। तब से वह जेल में सजा भुगत रहा था। अचानक बीमारी की वजह से उसकी हालत बिगड़ और उसे तुरंत सिविल अस्पताल कपूरथला में दाखिल करने के लिए ले जाया गया जहां पर ड्यूटी डाक्टर जगतिंदर सिंह ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक के पिता गुरदियाल सिंह ने जेल प्रशासन पर आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हालत पिछले एक माह से खराब चल रही है। उन्होंने बताया कि वे अपनी पत्नी जसविंदर कौर के साथ अपने बेटे रविंदर सिंह को शुक्रवार को जेल में मिलने गए थे।
तब उनका बेटा चलने लायक नहीं था। उसे मिलने के लिए व्हील चेयर पर लाया गया। उन्होंने अपने बेटे के लिए इलाज के लिए जेल प्रशासन से कहा लेकिन उनके बेटे का इलाज सही समय पर नहीं करवाया, जिस कारण उनके बेटे की मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि एक माह पहले बेटे के एक निजी अस्पताल में सभी टेस्ट करवाए थे। रिपोर्ट में सब कुछ ठीक था और शरीर में खून कम होने कारण उसे दो बोतल खून की चढ़ाई गई थी। उसने बताया कि उनके बेटे की मौत जेल प्रशासन की लापरवाही से हुई है।