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जालंध्ार के एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस का फोन हैक
अमर उजाला, जालंधर
Updated Sat, 28 Sep 2013 11:36 PM IST
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एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस-2 परमिंदर सिंह भंडाल का सरकारी फोन किसी ने हैक कर लिया और उनके मातहत अधिकारियों और थानेदारों को आदेश दे दिए।
मातहत अधिकारियों ने हुकम बजाकर जब एडीसीपी सिटी-2 भंडाल को बैक कॉल की तो हैकर की करतूत का खुलासा हुआ। इसके बाद खलबली मच गई। एडीसीपी भंडाल ने तत्काल इसकी जानकारी अपने आला अधिकारियों को दी और साथ ही साइबर एक्सपर्ट टीम को बताकर अपने मोबाइल की कॉल्स को रिकार्ड करने का आदेश दे दिया।
एडीसीपी परमिंदर भंडाल ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे इस घटना से वे काफी परेशान हो गए। पता चला है कि उनके सरकारी फोन से उनके मातहत थानेदारों को मोबाइल पर कॉल्स की गईं। इसमें कॉलर ने कहा कि एक इलाके में खासा बवाल मचा हुआ है और वहां पर गुंडागर्दी व टकराव हो रहा है। तत्काल वहां पर मूव करने का हुकम जारी हुआ।
थानेदार मौके पर पहुंचा लेकिन वहां पर शांति देखकर उसने तत्काल एडीसीपी भंडाल को कॉल की और कहा कि सर यहां पर कुछ नहीं है। ऐसी ही लगातार चार पांच कॉल्स आ गईं। इसमें उनके मातहत अधिकारियों ने कहा कि सर वे स्पॉट पर हैं, लेकिन यहां कुछ भी नहीं है।
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कॉल्स की रिकार्डिंग शुरू
एडीसीपी भंडाल ने मातहत अधिकारियों को कहा कि उन्होंने तो कॉल्स की ही नहीं हैं। इसके बाद प्रशासन में खलबली मच गई। कॉल रिकार्ड चेक किया गया तो पता चला कि उनके मोबाइल से कॉल्स की जा रही हैं। तब पता चला कि उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक एक टीम ने अब कॉल्स को रिकार्ड करना शुरू कर दिया है ताकि अगर हैकर एडीसीपी के फोन से किसी परिचित को कॉल करेगा तब भी वह धरा जा सकता है। ऐसा कोई रास्ता नहीं है कि पुलिस हैकर तक पहुंच सके।
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मातहत अधिकारियों ने हुकम बजाकर जब एडीसीपी सिटी-2 भंडाल को बैक कॉल की तो हैकर की करतूत का खुलासा हुआ। इसके बाद खलबली मच गई। एडीसीपी भंडाल ने तत्काल इसकी जानकारी अपने आला अधिकारियों को दी और साथ ही साइबर एक्सपर्ट टीम को बताकर अपने मोबाइल की कॉल्स को रिकार्ड करने का आदेश दे दिया।
एडीसीपी परमिंदर भंडाल ने बताया कि दोपहर करीब 12 बजे इस घटना से वे काफी परेशान हो गए। पता चला है कि उनके सरकारी फोन से उनके मातहत थानेदारों को मोबाइल पर कॉल्स की गईं। इसमें कॉलर ने कहा कि एक इलाके में खासा बवाल मचा हुआ है और वहां पर गुंडागर्दी व टकराव हो रहा है। तत्काल वहां पर मूव करने का हुकम जारी हुआ।
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थानेदार मौके पर पहुंचा लेकिन वहां पर शांति देखकर उसने तत्काल एडीसीपी भंडाल को कॉल की और कहा कि सर यहां पर कुछ नहीं है। ऐसी ही लगातार चार पांच कॉल्स आ गईं। इसमें उनके मातहत अधिकारियों ने कहा कि सर वे स्पॉट पर हैं, लेकिन यहां कुछ भी नहीं है।
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कॉल्स की रिकार्डिंग शुरू
एडीसीपी भंडाल ने मातहत अधिकारियों को कहा कि उन्होंने तो कॉल्स की ही नहीं हैं। इसके बाद प्रशासन में खलबली मच गई। कॉल रिकार्ड चेक किया गया तो पता चला कि उनके मोबाइल से कॉल्स की जा रही हैं। तब पता चला कि उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक एक टीम ने अब कॉल्स को रिकार्ड करना शुरू कर दिया है ताकि अगर हैकर एडीसीपी के फोन से किसी परिचित को कॉल करेगा तब भी वह धरा जा सकता है। ऐसा कोई रास्ता नहीं है कि पुलिस हैकर तक पहुंच सके।