फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Punjab ›   high court recommended action against six judges in punjab

रेप के मामले नहीं निपटाए, 6 जजों पर होगी कार्रवाई

Fri, 05 Apr 2013 01:35 PM IST
सुमेश ठाकुर/चंडीगढ़
सुमेश ठाकुर/चंडीगढ़ Updated Fri, 05 Apr 2013 01:35 PM IST
विज्ञापन
high court recommended action against six judges in punjab

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने दुष्कर्म के मामलों के निपटारे में लापरवाही बरतने पर सख्त रुख अपनाते हुए छह जजों के खिलाफ कार्रवाई की सिफारिश की है। सभी अतिरिक्त जिला एवं सेशन जज गुरदासपुर के फास्ट ट्रैक कोर्ट में तैनात हैं।

विज्ञापन


जस्टिस रंजीत सिंह पर आधारित सिंगल बेंच ने एक दुष्कर्म पीड़िता के मामले में कड़ी सख्ती बरतते हुए पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ की निचली अदालतों को आदेश जारी किए हैं कि महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों के सभी लंबित मामलों को छह माह में निपटाया जाए।
विज्ञापन


इसके साथ ही, हर महीने की दस तारीख को अदालतें इन मामलों की स्टेटस रिपोर्ट भी हाईकोर्ट में पेश करें।

एक दुष्कर्म पीड़िता के मामले पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने पाया कि मामले के निपटारे में फास्ट ट्रैक कोर्ट में भी देरी हुई है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में तैनात इन जजों के पास यह मामला आया, लेकिन किसी ने भी मामले के निपटारे में गंभीरता नहीं दिखाई।

हाईकोर्ट ने कहा कि इससे साफ झलकता है कि मामलों में देरी न्यायिक अधिकारियों की लापरवाही के कारण से हुई है और वर्षों बाद भी पीड़ित पक्ष को न्याय नहीं मिल पाया।
विज्ञापन
विज्ञापन


हाईकोर्ट ने कहा कि इस मामले में अन्य आरोपियों को सजा हो चुकी है, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी भगौड़ा है।

हाईकोर्ट ने एसएसपी गुरदासपुर को उन पुलिसकर्मियों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया है, जो मुख्य आरोपी की धरपकड़ में नाकाम रहे हैं। पुलिस इसकी एक्शन टेकन रिपोर्ट पंजाब के एडवोकेट जनरल के पास सौंपेगी।


हाईकोर्ट ने कहा कि जिला गुरदासपुर के प्रशासनिक जज लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ अपने स्तर पर पूरी पड़ताल कर कार्रवाई कर सकते हैं।

मामले की सुनवाई के दौरान पंजाब और हरियाणा के वकीलों को लंबित मामलों का ब्योरा पेश करने के निर्देश जारी किए गए थे।

दोनों सरकारों द्वारा हाईकोर्ट में पेश हलफनामे में बताया गया कि पंजाब में 393 मामले निचली अदालतों में लंबित चल रहे हैं, जबकि हरियाणा में इन मामलों की संख्या 324 के करीब है।

हाईकोर्ट ने कहा कि ऐसे मामलों में हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस ने विशेष निर्देश जारी किए थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed