जालसाजी: 15 लाख में बनाया 12वीं का सर्टिफिकेट, पहुंचा दिया यूके, अंग्रेजी न आने पर छात्रों ने छोड़े संस्थान
पंजाब के ट्रेवल एजेंटों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे कई विद्यार्थियों को यूके स्टडी वीजा पर भेजने के मामले में यूके दूतावास ने 2021 में भी सख्ती की थी। यूके दूतावास की शिकायत पर पिछले साल कई ट्रेवल एजेंटस पर जालसाजी का केस दर्ज किया गया था।
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पंजाब के जालसाज एजेंटों ने 15 लाख रुपये लेकर दसवीं पास छात्रों के 12वीं के फर्जी सर्टिफिकेट बनाकर यूके भेज दिया। ऐसी यूनिवर्सिटी और कॉलेजों का चयन किया गया, जहां आइलेट्स की जरूरत नहीं थी। अंग्रेजी न समझ पाने के कारण 60 फीसदी छात्रों ने अब ये संस्थान छोड़ दिए हैं। यूके की आधा दर्जन यूनिवर्सिटी में हजारों छात्रों ने सेकेंड सेमेस्टर में दाखिला ही नहीं लिया है। इससे इन संस्थानों की प्रतिष्ठा भी दांव पर लग गई है।
यूके गए एक छात्र ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि वह एक स्टडी वीजा सेंटर पर गया था। उसे यूके की यूनिवर्सिटी, वहां की फीस और प्रक्रिया की कोई जानकारी नहीं थी। एजेंट ने कहा कि वह सारा कुछ कर देगा, वीजा के बाद 15 लाख रुपये देने होंगे। छात्र ने तत्काल हामी भर दी। एजेंट ने तीन लाख रुपये यूनिवर्सिटी की प्राथमिक फीस अदा करके कैस लेटर (कन्फर्मेशन ऑफ एक्सेप्टेंस फॉर स्टडीज) हासिल कर लिया। इसके बाद 1.20 लाख की राशि इंश्योरेंस, 50 हजार रुपये खर्च कर बैंक के फंड शो करवाए, 50 हजार की एयर टिकट और दो हजार में मेडिकल करवा दिया। कुल मिलाकर 5 लाख 22 हजार रुपये खर्च किए और 15 लाख वसूल लिए।
गत वर्ष 6 नामी ट्रेवल एजेंट पर दर्ज हुआ था जालसाजी का केस
पंजाब के ट्रेवल एजेंटों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे कई विद्यार्थियों को यूके स्टडी वीजा पर भेजने के मामले में यूके दूतावास ने 2021 में भी सख्ती की थी। यूके दूतावास की शिकायत पर पिछले साल ट्रेवल एजेंट नई दिल्ली के अमरजीत सिंह उर्फ अमरदीप सिंह सन्नी, जालंधर के राज, नई दिल्ली के अमित मल्होत्रा, मोहम्मद आसिम, अमरदीप सिंह और फगवाड़ा के राजविंदर सिंह के खिलाफ जालंधर के नई बारादरी थाने में जालसाजी का केस दर्ज किया गया था। इसके अलावा फर्जी दस्तावेजों के सहारे जालंधर देहात के संग ढेसिया निवासी अमनदीप सिंह व सिमरनजीत सिंह इंग्लैंड पहुंच गए। उनकी फाइल अमरजीत सन्नी ने तैयार की थी। इसी तरह लैहंबर सिंह और उनकी पत्नी कृपाल, नेहा शर्मा निवासी पिपलांवाली होशियारपुर और अदनावाली कपूरथला के अंकुश की फाइल जालंधर के एक एजेंट ने तैयार की थी।
यूनिवर्सिटी ने की यूके दूतावास से शिकायत
यूके की स्टडी वीजा के एक्सपर्ट गुणदीप सिंह का कहना है कि यूके की आधा दर्जन यूनिवर्सिटी में हालत यह है कि 60 फीसदी पंजाबी मूल के स्टूडेंट्स नहीं जा रहे हैं। पंजाब से पिछले एक साल में करीब 80 हजार स्टूडेंट्स यूके गए। इनमें काफी संख्या में ऐसे विद्यार्थी थे, जिन्होंने अंग्रेजी में 70 फीसदी अंक हासिल करने के सर्टिफिकेट दूतावास को एजेंटों के मार्फत भेजे। यूनिवर्सिटी की तरफ से यूके दूतावास से भी ऐसी शिकायतें की गई हैं।
पूरी इंडस्ट्री को धक्का लगता है, बदनामी होती है
यूके की स्टडी वीजा काउंसलर मंजीत कौर का कहना है कि ऐसी घटनाओं से पूरी इंडस्ट्री को धक्का लगता है। अब यूके में मंत्री सुवेला ब्रेवरमैन के बयान के बाद इंडस्ट्री में हड़कंप मच गया है। उन विद्यार्थियों को भी परेशानी होगी, जो यूके में स्टडी का सपना संजोए हुए हैं।