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सीमा पर बाढ़, बीएसएफ चौकी का संपर्क देश से कटा
पठानकोट/ब्यूरो
Updated Sat, 03 Aug 2013 12:01 AM IST
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पंजाब में भारत-पाक सीमा से सटे उज्ज दरिया में तेज
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बहाव से बाढ़ आ गई है। दरिया का पानी में गुज्जरों के आठ डेरे और तीन दर्जन
से ज्यादा मवेशी पानी में बह गए।
जान बचाने के लिए 40 से ज्यादा लोग छतों और पेड़ों पर चढे़ रहे, उन्हें निकालने के लिए हेलीकाप्टर लेकर वायुसेना के जवान पहुंचे हैं। देर शात तक इनमें से सात लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
वहीं, पानी से घिरने की वजह से भारत-पाक सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की सिंबल चौकी का संपर्क शेष देश से कट गया है। डीसी पठानकोट सिबन सी और एसएसपी डॉ. सुरिंद्र कुमार कालिया ने मौका मुआयना कर राहत व बचाव कार्य शुरू करवाया है।
जम्मू-कश्मीर के उज्ज बैराज से शुक्रवार सुबह 9:30 बजे 95 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। उसके बाद साढ़े 12 बजे 1.70 लाख क्यूसिक पानी दरिया में छोड़ा गया।
इससे दरिया में सटे सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। दरिया से लगते मुट्ठी, दनवाल, दोस्तपुर, बम्याल, सरोटा, खोजक्कीचक्के टींडा, पिंडी समेत एक दर्जन गांवों में बाढ़ के हालात बन गए।
दरिया से सटे मुट्ठी, दोस्तपुर, खोजक्कीचक्क और बम्याल में गुज्जरों के डेरों के बीच पानी भर गया। उस समय डेरे में गुज्जर समुदाय के लोग परिवार समेत बैठे थे, उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई।
जानकारी मिलने पर चार बजे नायब तहसीलदार लक्ष्मण सिंह, बीडीपीओ सुखदेव राज हालात का जायजा लेने के लिए पहुंचे लेकिन तब तक छतों व पेड़ों पर फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत व बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका था।
शाम पांच बजे डीसी सिबन सी और एसएसपी डॉ. सुरिंद्र कालिया मौके पर पहुंचे। डीसी ने बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत कार्य शुरू कराया। छतों व पेड़ों पर चढ़े लोगों को निकालने के लिए एयरफोर्स का हेलीकाप्टर मंगाया गया और 5:30 बजे हेलीकॉप्टर ने छतों पर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया।
जान बचाने के लिए 40 से ज्यादा लोग छतों और पेड़ों पर चढे़ रहे, उन्हें निकालने के लिए हेलीकाप्टर लेकर वायुसेना के जवान पहुंचे हैं। देर शात तक इनमें से सात लोगों को सुरक्षित निकाल लिया गया।
वहीं, पानी से घिरने की वजह से भारत-पाक सीमा पर सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की सिंबल चौकी का संपर्क शेष देश से कट गया है। डीसी पठानकोट सिबन सी और एसएसपी डॉ. सुरिंद्र कुमार कालिया ने मौका मुआयना कर राहत व बचाव कार्य शुरू करवाया है।
जम्मू-कश्मीर के उज्ज बैराज से शुक्रवार सुबह 9:30 बजे 95 हजार क्यूसिक पानी छोड़ा गया। उसके बाद साढ़े 12 बजे 1.70 लाख क्यूसिक पानी दरिया में छोड़ा गया।
इससे दरिया में सटे सीमावर्ती इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई। दरिया से लगते मुट्ठी, दनवाल, दोस्तपुर, बम्याल, सरोटा, खोजक्कीचक्के टींडा, पिंडी समेत एक दर्जन गांवों में बाढ़ के हालात बन गए।
दरिया से सटे मुट्ठी, दोस्तपुर, खोजक्कीचक्क और बम्याल में गुज्जरों के डेरों के बीच पानी भर गया। उस समय डेरे में गुज्जर समुदाय के लोग परिवार समेत बैठे थे, उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई।
जानकारी मिलने पर चार बजे नायब तहसीलदार लक्ष्मण सिंह, बीडीपीओ सुखदेव राज हालात का जायजा लेने के लिए पहुंचे लेकिन तब तक छतों व पेड़ों पर फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत व बचाव कार्य शुरू नहीं हो सका था।
शाम पांच बजे डीसी सिबन सी और एसएसपी डॉ. सुरिंद्र कालिया मौके पर पहुंचे। डीसी ने बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए राहत कार्य शुरू कराया। छतों व पेड़ों पर चढ़े लोगों को निकालने के लिए एयरफोर्स का हेलीकाप्टर मंगाया गया और 5:30 बजे हेलीकॉप्टर ने छतों पर फंसे लोगों को निकालने का प्रयास शुरू किया।