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दो नहरों में कटाव फसलें पानी में डूबीं
ब्यूरो/अमर उजाला, फिरोजपुर
Updated Wed, 20 Jan 2016 02:52 PM IST
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गांव कल्लर खेड़ा और वरियामखेड़ा में दो नहरों में कटाव आने से गेहूं व सरसों की फसलें पानी में डूब गईं और आसपास की ढाणियों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
नहरों में कटाव आने की सूचना मिलते ही नहरी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मुरम्मत कार्य शुरू करवा दिया।
गांव कल्लरखेड़ा में से गुजरती दौलतपुरा माइनर में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे अचानक कटाव आ गया। इससे आसपास के गेहूं व सरसों आदि के खेत जलमगभन हो गए। नहर के पास ही बनी ढाणियों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
गांववासियों ने बताया कि दोपहर तक नहरी विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो लोगों ने बड़ी मशक्त से नहर के कटाव को भरने का प्रयास शुरू किया। बाद दोपहर जब नहरी विभाग के अधिकारी पहुंचे तो उन्हें लोगों के रोष का सामना करना पड़ा।
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गांव निवासी लालचंद, ईश्वर राम, सहीराम, दलजीत सिंह का कहना था कि अगर सही समय पर विभाग नहर का पानी रुकवा देता तो कई किसानों की फसलें तबाह होने से बच सकती थीं।
इसी प्रकार से गांव वरियाम खेड़ा में ईंट भट्टे के पास रामसरा माइनर भी मंगलवार सुबह करीब 9 बजे टूट जाने से गेहूं व सरसों की फसलें जलमग्न हो गईं। नहर टूटने की सूचना मिलते ही लोगों ने जेसीबी से मरम्मत कार्य शुरू करवाया।
सूचना मिलते ही खुईयां सरवर के नायब तहसीलदार अजिंदर सिंह, थाना खुईयां सरवर के प्रभारी भोला सिंह अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचें और मुरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।
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नहरों में कटाव आने की सूचना मिलते ही नहरी विभाग के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे और मुरम्मत कार्य शुरू करवा दिया।
गांव कल्लरखेड़ा में से गुजरती दौलतपुरा माइनर में मंगलवार सुबह करीब 5 बजे अचानक कटाव आ गया। इससे आसपास के गेहूं व सरसों आदि के खेत जलमगभन हो गए। नहर के पास ही बनी ढाणियों में पानी घुसने से लोगों को भारी परेशानी उठानी पड़ी।
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गांववासियों ने बताया कि दोपहर तक नहरी विभाग का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा तो लोगों ने बड़ी मशक्त से नहर के कटाव को भरने का प्रयास शुरू किया। बाद दोपहर जब नहरी विभाग के अधिकारी पहुंचे तो उन्हें लोगों के रोष का सामना करना पड़ा।
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गांव निवासी लालचंद, ईश्वर राम, सहीराम, दलजीत सिंह का कहना था कि अगर सही समय पर विभाग नहर का पानी रुकवा देता तो कई किसानों की फसलें तबाह होने से बच सकती थीं।
इसी प्रकार से गांव वरियाम खेड़ा में ईंट भट्टे के पास रामसरा माइनर भी मंगलवार सुबह करीब 9 बजे टूट जाने से गेहूं व सरसों की फसलें जलमग्न हो गईं। नहर टूटने की सूचना मिलते ही लोगों ने जेसीबी से मरम्मत कार्य शुरू करवाया।
सूचना मिलते ही खुईयां सरवर के नायब तहसीलदार अजिंदर सिंह, थाना खुईयां सरवर के प्रभारी भोला सिंह अपनी टीम सहित मौके पर पहुंचें और मुरम्मत कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए।