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एनआरआई की जमीनें हड़पने के लिए भूमाफिया सक्रिय
ब्यूरो/अमर उजाला, मोगा
Updated Mon, 22 Feb 2016 02:56 PM IST
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जिले में एनआरआई की खेती जमीनें, कोठियां, रिहायशी एवं व्यापारिक प्लॉट हड़पने के लिए भू-माफिया गिरोह सक्रिय है। यह गिरोह विदेशों में रहते पंजाबियों की संपत्ति दबने के लिए हथकंडे अपना रहा है।
जिला पुलिस प्रमुख मुखविंदर सिंह भुल्लर को दी शिकायत में अमेरिका में रहते एनआरआई बलजिंदर सिंह निवासी गांव धूड़कोट चढ़त सिंह वाला हाल आबाद घोलिया खुर्द ने बताया कि उन्होंने 1 अप्रैल 1992 में मोगा-कोटकपूरा रोड पर 27 मरले का प्लॉट खरीदा था।
उन्होंने इस प्लॉट की चारदीवारी कर गेट भी लगा दिया था। वे बीते साल 3 दिसंबर को भारत आए तो उन्हें पता लगा कि राजस्व विभाग की मिलीभगत से भू-माफिया गिरोह ने तहसीलदार के आगे उनकी जगह किसी फर्जी व्यक्ति को पेश कर लिया।
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7 सितंबर 2011 को उनके प्लॉट की रजिस्टरी राजिंदर कौर निवासी मकान नंबर 2418 सेक्टर 35 सी, चंडीगढ़ के हक में करवा रजिस्टर्ड करवाने बाद राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल भी मंजूर करवा लिया है।
सूत्रों के अनुसार गिरोह ने कुछ दिन पहले एनआरआई के इस प्लॉट का 70 लाख में एक फाइनेंसर से सौदा कर लिया था। तहसील में एग्रीमेंट लिखने के दौरान इस धोखाधड़ी की पोल खुल गई थी। लोगों ने गिरोह का कारिंदा पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन एक महिला फरार होने में सफल हो गई थी।
डीएसपी सिटी हरिंदर सिंह डोड ने राजस्व विभाग को रिकॉर्ड पेश करने की हिदायत की है। इस पर पुलिस जालसाजी गिरोह को ढूंढने में जुट गई है।
इससे पहले कनाडा में रहते एनआरआई निर्मल सिंह गांव बुर्ज हमीरा की जिले के गांव रणिया में 14 एकड़ जमीन की भू-माफिया ने जालसाजी से रजिस्टरियां करवा कर बेच दी थी। एनआरआई ने कहा कि वे न्याय के लिए भटक रहे हैं और उन्हें जमीन बचाने के लिए परेशानी हो रही है।
यूके रहते एनआरआई मनजीत सिंह गिल ने बताया कि उनकी गांव चुगावा में लगभग 10 एकड जमीन भू-माफिया ने उनके पिता दया सिंह से धोखे से नाम करवा ली थी।
उन्होंने इस धोखाधड़ी की शिकायत जिला पुलिस को की, लेकिन कथित राजनीतिक दबाव में 6 माह से उनकी शिकायत पर पुलिस ने अब तक कार्रवाई नहीं की।
गिल रोड पर दो भाइयों राम प्रकाश और वेद प्रकाश की करोड़ों की 64 मरले जमीन राजस्व पटवारी बलजीत सिंह से मिलकर गुरमीत सिंह ने जालसाजी से अपने नाम करवा ली थी।
एक अन्य इंग्लैंड में रहते एनआरआई सुखमंदर सिंह के प्लॉट का इंतकाल राजस्व पटवारी सोहन सिंह ने बिना रजिस्टरी से इंतकाल में रजिस्टरी का जाली नंबर दर्ज कर जसपाल सिंह के हक में मंजूर करवा दिया गया है। इस संबंध में विजिलेंस ने आरोपी राजस्व पटवारी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
एक अन्य अमेरिका में रहते एनआरआई और भारतीय फौज से सेवानिवृत्त कर्नल हरिंदर सिंह संधू निवासी सेक्टर 20 पंचकूला की शिकायत पर उनके जिले के गांव राजेआना में सवा 7 एकड़ जमीन के जाली वोटर कार्ड तैयार कर रजिस्टरी करवा ली।
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जिला पुलिस प्रमुख मुखविंदर सिंह भुल्लर को दी शिकायत में अमेरिका में रहते एनआरआई बलजिंदर सिंह निवासी गांव धूड़कोट चढ़त सिंह वाला हाल आबाद घोलिया खुर्द ने बताया कि उन्होंने 1 अप्रैल 1992 में मोगा-कोटकपूरा रोड पर 27 मरले का प्लॉट खरीदा था।
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उन्होंने इस प्लॉट की चारदीवारी कर गेट भी लगा दिया था। वे बीते साल 3 दिसंबर को भारत आए तो उन्हें पता लगा कि राजस्व विभाग की मिलीभगत से भू-माफिया गिरोह ने तहसीलदार के आगे उनकी जगह किसी फर्जी व्यक्ति को पेश कर लिया।
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7 सितंबर 2011 को उनके प्लॉट की रजिस्टरी राजिंदर कौर निवासी मकान नंबर 2418 सेक्टर 35 सी, चंडीगढ़ के हक में करवा रजिस्टर्ड करवाने बाद राजस्व रिकॉर्ड में इंतकाल भी मंजूर करवा लिया है।
सूत्रों के अनुसार गिरोह ने कुछ दिन पहले एनआरआई के इस प्लॉट का 70 लाख में एक फाइनेंसर से सौदा कर लिया था। तहसील में एग्रीमेंट लिखने के दौरान इस धोखाधड़ी की पोल खुल गई थी। लोगों ने गिरोह का कारिंदा पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया, लेकिन एक महिला फरार होने में सफल हो गई थी।
डीएसपी सिटी हरिंदर सिंह डोड ने राजस्व विभाग को रिकॉर्ड पेश करने की हिदायत की है। इस पर पुलिस जालसाजी गिरोह को ढूंढने में जुट गई है।
इससे पहले कनाडा में रहते एनआरआई निर्मल सिंह गांव बुर्ज हमीरा की जिले के गांव रणिया में 14 एकड़ जमीन की भू-माफिया ने जालसाजी से रजिस्टरियां करवा कर बेच दी थी। एनआरआई ने कहा कि वे न्याय के लिए भटक रहे हैं और उन्हें जमीन बचाने के लिए परेशानी हो रही है।
यूके रहते एनआरआई मनजीत सिंह गिल ने बताया कि उनकी गांव चुगावा में लगभग 10 एकड जमीन भू-माफिया ने उनके पिता दया सिंह से धोखे से नाम करवा ली थी।
उन्होंने इस धोखाधड़ी की शिकायत जिला पुलिस को की, लेकिन कथित राजनीतिक दबाव में 6 माह से उनकी शिकायत पर पुलिस ने अब तक कार्रवाई नहीं की।
गिल रोड पर दो भाइयों राम प्रकाश और वेद प्रकाश की करोड़ों की 64 मरले जमीन राजस्व पटवारी बलजीत सिंह से मिलकर गुरमीत सिंह ने जालसाजी से अपने नाम करवा ली थी।
एक अन्य इंग्लैंड में रहते एनआरआई सुखमंदर सिंह के प्लॉट का इंतकाल राजस्व पटवारी सोहन सिंह ने बिना रजिस्टरी से इंतकाल में रजिस्टरी का जाली नंबर दर्ज कर जसपाल सिंह के हक में मंजूर करवा दिया गया है। इस संबंध में विजिलेंस ने आरोपी राजस्व पटवारी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है।
एक अन्य अमेरिका में रहते एनआरआई और भारतीय फौज से सेवानिवृत्त कर्नल हरिंदर सिंह संधू निवासी सेक्टर 20 पंचकूला की शिकायत पर उनके जिले के गांव राजेआना में सवा 7 एकड़ जमीन के जाली वोटर कार्ड तैयार कर रजिस्टरी करवा ली।