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मनोज कपूर के अपहरण में हाईकोर्ट ने दो हफ्ते में जांच रिपोर्ट मांगी
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Tue, 12 Jan 2016 02:26 PM IST
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मनोज कपूर अपहरण मामले की सोमवार को पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। इस दौरान हाईकोर्ट ने केस सुलझाने में नाकाम रहने पर पंजाब पुलिस की विशेष जांच टीम (एसआईटी) को फटकार लगाते हुए दो सप्ताह में केस की जांच रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए। इस मामले की अगली सुनवाई 27 जनवरी को तय की है।
जानकारी के अनुसार सरकारी बैंकों की एटीएम मशीनों में पैसा भरने वाली एक निजी कंपनी में कार्यरत मनोज कपूर का बीती 25 मई 2014 को मोहल्ला तालाब से अपहरण हो गया था।
इस घटना के बाद यहां की तीन एटीएम मशीनों से पासवर्ड लगाकर 19 लाख रुपये की चोरी भी की गई। इस घटना के अगले दिन 26 मई को कोतवाली पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया, लेकिन केस को सुलझाने में पुलिस विफल रही।
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इसके बाद मनोज की बहन नीतू कपूर ने 8 जुलाई 2014 को हाईकोर्ट में याचिका दायर करके इस केस को सीबीआई के हवाले करने की मांग रखी। इसी याचिका के आधार पर सोमवार को हाईकोर्ट के जस्टिस कुलदीप सिंह की अदालत में सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने हाईकोर्ट को अवगत करवाया कि वह केस से संबंधित 8 संदिग्ध लोगों के लाई डिटेक्टर टेस्ट करवा चुकी है जिनमें से छह की रिपोर्ट निल है जबकि दो की रिपोर्ट आना बाकी है।
मनोज की बहन नीतू कपूर के अनुसार हाईकोर्ट ने पुलिस की रिपोर्ट पर फटकार लगाते हुए कहा कि पिछले 8-9 महीनों के दौरान पुलिस संदिग्ध लोगों के लाई डिटेक्टर टेस्ट भी मुकम्मल नहीं कर पाई है। इस केस में सुलझाने में आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में गठित विशेष जांच टीम में कुछ खास नहीं कर पा रही है।
इतना समय मिलने के बावजूद पुलिस ना तो मनोज को खोज पाई है और न ही उन्हें केस से संबंधित कोई सुराग हाथ लगा है। हाईकोर्ट ने विशेष जांच टीम को केस सुलझाने के लिए दो सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई पर अपनी रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए है।
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जानकारी के अनुसार सरकारी बैंकों की एटीएम मशीनों में पैसा भरने वाली एक निजी कंपनी में कार्यरत मनोज कपूर का बीती 25 मई 2014 को मोहल्ला तालाब से अपहरण हो गया था।
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इस घटना के बाद यहां की तीन एटीएम मशीनों से पासवर्ड लगाकर 19 लाख रुपये की चोरी भी की गई। इस घटना के अगले दिन 26 मई को कोतवाली पुलिस ने अपहरण का मामला दर्ज किया, लेकिन केस को सुलझाने में पुलिस विफल रही।
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इसके बाद मनोज की बहन नीतू कपूर ने 8 जुलाई 2014 को हाईकोर्ट में याचिका दायर करके इस केस को सीबीआई के हवाले करने की मांग रखी। इसी याचिका के आधार पर सोमवार को हाईकोर्ट के जस्टिस कुलदीप सिंह की अदालत में सुनवाई हुई।
सुनवाई के दौरान पुलिस ने हाईकोर्ट को अवगत करवाया कि वह केस से संबंधित 8 संदिग्ध लोगों के लाई डिटेक्टर टेस्ट करवा चुकी है जिनमें से छह की रिपोर्ट निल है जबकि दो की रिपोर्ट आना बाकी है।
मनोज की बहन नीतू कपूर के अनुसार हाईकोर्ट ने पुलिस की रिपोर्ट पर फटकार लगाते हुए कहा कि पिछले 8-9 महीनों के दौरान पुलिस संदिग्ध लोगों के लाई डिटेक्टर टेस्ट भी मुकम्मल नहीं कर पाई है। इस केस में सुलझाने में आईपीएस अधिकारी की अगुवाई में गठित विशेष जांच टीम में कुछ खास नहीं कर पा रही है।
इतना समय मिलने के बावजूद पुलिस ना तो मनोज को खोज पाई है और न ही उन्हें केस से संबंधित कोई सुराग हाथ लगा है। हाईकोर्ट ने विशेष जांच टीम को केस सुलझाने के लिए दो सप्ताह का समय देते हुए अगली सुनवाई पर अपनी रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए है।