{"_id":"daddc25ce59adcb6663f076d534ea284","slug":"heavy-metals-found-in-children-of-punjab-and-haryana-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पंजाब व हरियाणा के बच्चों में पाई गई भारी धातुएं","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पंजाब व हरियाणा के बच्चों में पाई गई भारी धातुएं
ब्यूरो/अमर उजाला, फरीदकोट
Updated Sat, 13 Feb 2016 02:35 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बाबा फरीद सेंटर फॉर स्पेशल चिल्ड्रन द्वारा जर्मन के वैज्ञानिकों के सहयोग से किए गए सर्वेक्षण में सामने आया है कि पंजाब व हरियाणा के बच्चों के शरीर में हानिकारक भारी धातुओं की मात्रा बहुत अधिक है। इसके चलते बच्चे मानसिक तौर पर कमजोर हो रहे हैं और विभिन्न गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं।
दोनों राज्यों के करीब 120 बच्चों के स्वास्थ्य निरिक्षण करने के पश्चात जारी की गई इस रिपोर्ट में बताया कि गया है कि बच्चों के शरीर में लैड, निकल, आर्सेनिक, एलमुनियम, मैगनीज, मर्करी, बेरियम, तांबा, लोहा, मिट्टी तथा कैडीमीयम 900 से लेकर 2000 प्रतिशत तक अधिक पाया गया है।
सेंटर के सरपरस्त डॉ. अमर सिंह आजाद एमडी व संचालक डॉ. प्रितपाल सिंह ने बताया कि शरीर में इन धातुओं की अधिक मात्रा का मुख्य कारण स्टील, निकल व एल्युमिनियम के बर्तनों का प्रयोग और थर्मल प्लांटों में प्रयोग में लाया जा रहा कोयला है। ये धातुएं पंजाब को भयानक बीमारियों की ओर लेकर जा रही हैं और इन धातुओं का दुष्प्रभाव मां के गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है।
विज्ञापन
इस सर्वेक्षण टीम में डा. ब्लार्क बुश जर्मन तथा साउथ अफ्रीका की डा. कैरिन स्मिथ भी शामिल थीं जिन्होंने 120 बच्चों के लिए विभिन्न सैंपलों पर एक वर्ष तक खोज करके उक्त सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की है।
विज्ञापन
दोनों राज्यों के करीब 120 बच्चों के स्वास्थ्य निरिक्षण करने के पश्चात जारी की गई इस रिपोर्ट में बताया कि गया है कि बच्चों के शरीर में लैड, निकल, आर्सेनिक, एलमुनियम, मैगनीज, मर्करी, बेरियम, तांबा, लोहा, मिट्टी तथा कैडीमीयम 900 से लेकर 2000 प्रतिशत तक अधिक पाया गया है।
विज्ञापन
सेंटर के सरपरस्त डॉ. अमर सिंह आजाद एमडी व संचालक डॉ. प्रितपाल सिंह ने बताया कि शरीर में इन धातुओं की अधिक मात्रा का मुख्य कारण स्टील, निकल व एल्युमिनियम के बर्तनों का प्रयोग और थर्मल प्लांटों में प्रयोग में लाया जा रहा कोयला है। ये धातुएं पंजाब को भयानक बीमारियों की ओर लेकर जा रही हैं और इन धातुओं का दुष्प्रभाव मां के गर्भ में पल रहे बच्चे पर पड़ता है।
विज्ञापन
इस सर्वेक्षण टीम में डा. ब्लार्क बुश जर्मन तथा साउथ अफ्रीका की डा. कैरिन स्मिथ भी शामिल थीं जिन्होंने 120 बच्चों के लिए विभिन्न सैंपलों पर एक वर्ष तक खोज करके उक्त सर्वेक्षण रिपोर्ट जारी की है।