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सहकारी सोसाइटी का एआर रिश्वत लेते दबोचा
अमर उजाला, जलालाबाद (फिरोजपुर)
Updated Tue, 22 Jul 2014 09:58 PM IST
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स्थानीय कोआपरेटिव सोसायटी के असिस्टेंट रजिस्ट्रार सुरजीत कुमार को मंगलवार विजिलेंस विभाग फिरोजपुर की टीम ने 10 हजार की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों काबू कर लिया।
टीम में डीएसपी मक्खन सिंह भी शामिल थे। उन्होंने गांव सुखेरा बोदला के सचिव रमेश कुमार की शिकायत पर उक्त एआर को काबू किया।
जानकारी के अनुसार रमेश कुमार का कोई केस उक्त एआर के पास चल रहा था। मंगलवार को उसकी तारीख थी। इसमें निर्णय लिया जाना था लेकिन एआर उन्हें धमकी दे रहा था कि अगर उसने उन्हें रिश्वत नहीं दी तो वह उसके खिलाफ लिखकर ऊपर भेज देगा।
इसपर उन्होंने विजिलेंस से संपर्क किया और दस हजार रुपये देकर रंगे हाथों पकड़वाया। उधर सुरजीत कमार के हक में एकजुट होते हुए कोआपरेटिव सोसायटी के स्टाफ व अन्य सचिवों ने कहा कि एआर को फंसाया गया है।
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वह ईमानदार अधिकारी हैं। जबकि वह तो एक ईमानदार अधिकारी हैं। उन्होंने उक्त सचिव से रिश्वत नहीं ली और सही रिपोर्ट बनाकर भेजने की बात कही। इसीलिए उन्हें इस केस में उलझा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि एआर दोपहर को खाना खाने घर गए हुए थे पीछे से रमेश कुमार ने उनकी मेज के दराज में पैसे रख दिए और आते ही विजिलेंस टीम ने उन्हें दबोच लिया। उन्होंने यह भी नहीं पता था कि पैसे कहां रखे हैं फिर वही पैसे सचिव ने खुद ही बताये कि दराज में रखे हुए हैं।
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टीम में डीएसपी मक्खन सिंह भी शामिल थे। उन्होंने गांव सुखेरा बोदला के सचिव रमेश कुमार की शिकायत पर उक्त एआर को काबू किया।
जानकारी के अनुसार रमेश कुमार का कोई केस उक्त एआर के पास चल रहा था। मंगलवार को उसकी तारीख थी। इसमें निर्णय लिया जाना था लेकिन एआर उन्हें धमकी दे रहा था कि अगर उसने उन्हें रिश्वत नहीं दी तो वह उसके खिलाफ लिखकर ऊपर भेज देगा।
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इसपर उन्होंने विजिलेंस से संपर्क किया और दस हजार रुपये देकर रंगे हाथों पकड़वाया। उधर सुरजीत कमार के हक में एकजुट होते हुए कोआपरेटिव सोसायटी के स्टाफ व अन्य सचिवों ने कहा कि एआर को फंसाया गया है।
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वह ईमानदार अधिकारी हैं। जबकि वह तो एक ईमानदार अधिकारी हैं। उन्होंने उक्त सचिव से रिश्वत नहीं ली और सही रिपोर्ट बनाकर भेजने की बात कही। इसीलिए उन्हें इस केस में उलझा दिया गया है।
उन्होंने बताया कि एआर दोपहर को खाना खाने घर गए हुए थे पीछे से रमेश कुमार ने उनकी मेज के दराज में पैसे रख दिए और आते ही विजिलेंस टीम ने उन्हें दबोच लिया। उन्होंने यह भी नहीं पता था कि पैसे कहां रखे हैं फिर वही पैसे सचिव ने खुद ही बताये कि दराज में रखे हुए हैं।